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Bahraich News: भैंसा बुड़ना गांव के पास पिंजरे में कैद हुई मादा तेंदुआ
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सुजौली रेंज के भैंसा बुड़ना में पिंजरे में कैद मादा तेंदुआ।
बिछिया। कतर्नियाघाट वन्यजीव क्षेत्र में तेंदुए की चहलकदमी से कई दिनों से दहशत में रह रहे भैंसा बुड़ना गांव के ग्रामीणों को बृहस्पतिवार सुबह बड़ी राहत मिली। गांव में लगाया गया पिंजरा करीब तीन दिन बाद तेंदुए को कैद करने में कामयाब रहा। सुबह करीब 4:30 बजे बकरी के लालच में मादा तेंदुआ पिंजरे के अंदर कैद हो गई।
भैंसा बुड़ना गांव में पिछले दो सप्ताह से तेंदुए की लगातार चहलकदमी थी। मवेशियों पर हमले की घटनाओं के बाद ग्रामीणों में भय बना हुआ था। इसे देखते हुए रेंजर सुजौली नीरज श्रीवास्तव के नेतृत्व में वन विभाग की टीम ने इलाके का सर्वे करने के बाद तीन दिन पहले गांव में पिंजरा लगाया था।
बृहस्पतिवार तड़के मादा तेंदुआ बकरी को देखकर पिंजरे के अंदर चली गई। उसके अंदर पहुंचते ही पिंजरे का दरवाजा बंद हो गया। सुबह खेत की ओर जा रहे ग्रामीणों की नजर पिंजरे में कैद तेंदुए पर पड़ी तो उन्होंने शोर मचाकर अन्य ग्रामीणों को एकत्रित कर लिया। इसके बाद वन विभाग को सूचना दी। वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और तेंदुए को कब्जे में ले लिया।
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परीक्षण में मिली स्वस्थ
डीएफओ अपूर्व दीक्षित ने बताया कि सुजौली के मजरा भैंसा बुड़ना में बृहस्पतिवार तड़के करीब 4:30 बजे मादा तेंदुए को पिंजरे में कैद कर लिया गया। स्वास्थ्य परीक्षण में वह पूरी तरह स्वस्थ मिली है। उसकी उम्र करीब पांच वर्ष है। स्वास्थ्य परीक्षण के बाद उसे सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित कर दिया गया है।
इस माह अब तक पकड़े गए तेंदुए
17 सितंबर: सुजौली रेंज के भैंसा बुड़ना में मादा तेंदुआ पिंजरे में कैद।
16 सितंबर: कतर्नियाघाट रेंज के चहलवा में मादा तेंदुआ पिंजरे में कैद।
15 सितंबर: मोतीपुर रेंज के चिकमंडी आबादी के पास लगे पिंजरे में तेंदुआ कैद।
14 सितंबर: ककरहा रेंज के रामसहायपुरवा गांव में नर तेंदुआ पिंजरे में कैद।
11 सिंतंबर: निशानगाड़ा रेंज के पचासा-मटेही गांव में पिंजरे में कैद हुई मादा तेंदुआ।
6 सितंबर: नानपारा रेंज के ग्राम जुगराज पुरवा में पिंजरे में कैद हुई मादा तेंदुआ।
02 सितंबर: ककरहा रेंज के महबूबनगर गांव में तेंदुआ पिंजरे में कैद।
01 सितंबर: सुजौली रेंज के बाजार टोला में तेंदुआ पिंजरे में कैद।
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भैंसा बुड़ना गांव में पिछले दो सप्ताह से तेंदुए की लगातार चहलकदमी थी। मवेशियों पर हमले की घटनाओं के बाद ग्रामीणों में भय बना हुआ था। इसे देखते हुए रेंजर सुजौली नीरज श्रीवास्तव के नेतृत्व में वन विभाग की टीम ने इलाके का सर्वे करने के बाद तीन दिन पहले गांव में पिंजरा लगाया था।
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बृहस्पतिवार तड़के मादा तेंदुआ बकरी को देखकर पिंजरे के अंदर चली गई। उसके अंदर पहुंचते ही पिंजरे का दरवाजा बंद हो गया। सुबह खेत की ओर जा रहे ग्रामीणों की नजर पिंजरे में कैद तेंदुए पर पड़ी तो उन्होंने शोर मचाकर अन्य ग्रामीणों को एकत्रित कर लिया। इसके बाद वन विभाग को सूचना दी। वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और तेंदुए को कब्जे में ले लिया।
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परीक्षण में मिली स्वस्थ
डीएफओ अपूर्व दीक्षित ने बताया कि सुजौली के मजरा भैंसा बुड़ना में बृहस्पतिवार तड़के करीब 4:30 बजे मादा तेंदुए को पिंजरे में कैद कर लिया गया। स्वास्थ्य परीक्षण में वह पूरी तरह स्वस्थ मिली है। उसकी उम्र करीब पांच वर्ष है। स्वास्थ्य परीक्षण के बाद उसे सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित कर दिया गया है।
इस माह अब तक पकड़े गए तेंदुए
17 सितंबर: सुजौली रेंज के भैंसा बुड़ना में मादा तेंदुआ पिंजरे में कैद।
16 सितंबर: कतर्नियाघाट रेंज के चहलवा में मादा तेंदुआ पिंजरे में कैद।
15 सितंबर: मोतीपुर रेंज के चिकमंडी आबादी के पास लगे पिंजरे में तेंदुआ कैद।
14 सितंबर: ककरहा रेंज के रामसहायपुरवा गांव में नर तेंदुआ पिंजरे में कैद।
11 सिंतंबर: निशानगाड़ा रेंज के पचासा-मटेही गांव में पिंजरे में कैद हुई मादा तेंदुआ।
6 सितंबर: नानपारा रेंज के ग्राम जुगराज पुरवा में पिंजरे में कैद हुई मादा तेंदुआ।
02 सितंबर: ककरहा रेंज के महबूबनगर गांव में तेंदुआ पिंजरे में कैद।
01 सितंबर: सुजौली रेंज के बाजार टोला में तेंदुआ पिंजरे में कैद।