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Bahraich News: पराली से बनाएं खाद, न जलाएं अवशेष
Sat, 24 Oct 2026 12:46 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
Updated Sat, 24 Oct 2026 12:46 AM IST
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बहराइच। कृषि विज्ञान केंद्र बहराइच प्रथम की ओर से इन-सीटू फसल अवशेष प्रबंधन परियोजना के तहत तेजवापुर विकासखंड स्थित राजकीय कृषि बीज भंडार एवं कृषि रक्षा इकाई में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें 150 से अधिक किसानों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष डॉ. आरसी वर्मा के निर्देशन में हुआ। मुख्य अतिथि कृषि विज्ञान केंद्र मसौधा, अयोध्या के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष डॉ. बीपी शाही रहे।
डॉ. बीपी शाही ने कहा कि पराली जलाने से वायु प्रदूषण बढ़ता है। इससे मिट्टी की उर्वरता घटने के साथ पोषक तत्व और लाभदायक सूक्ष्मजीव नष्ट होते हैं। इसका मानव स्वास्थ्य, पर्यावरण और जलवायु पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।
डॉ. आरसी वर्मा ने पूसा डीकंपोजर की जानकारी देते हुए बताया कि इसकी मदद से पराली और अन्य फसल अवशेषों को कम समय में खाद में बदला जा सकता है। उन्होंने फसल अवशेष प्रबंधन की विभिन्न तकनीकों के बारे में भी बताया।
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फसल सुरक्षा अधिकारी प्रिया नंदा ने बताया कि पराली का उपयोग खाद बनाने, पशुओं के चारे, मशरूम उत्पादन, कागज, फाइबरबोर्ड और ऊर्जा उत्पादन में किया जा सकता है। कार्यक्रम में किसानों को खेत बचाओ अभियान और स्वच्छता विशेष अभियान 6.0 के प्रति भी जागरूक किया गया।
इस दौरान डॉ. शैलेंद्र सिंह, डॉ. नंदन सिंह, डॉ. प्रियंका सिंह, डॉ. अरुण कुमार राजभर, डॉ. प्रिया सिंह, नवनीत यादव, डॉ. विकास पांडेय, ओमप्रकाश वर्मा, नरेंद्र पांडेय और अमित मिश्रा सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
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डॉ. बीपी शाही ने कहा कि पराली जलाने से वायु प्रदूषण बढ़ता है। इससे मिट्टी की उर्वरता घटने के साथ पोषक तत्व और लाभदायक सूक्ष्मजीव नष्ट होते हैं। इसका मानव स्वास्थ्य, पर्यावरण और जलवायु पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।
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डॉ. आरसी वर्मा ने पूसा डीकंपोजर की जानकारी देते हुए बताया कि इसकी मदद से पराली और अन्य फसल अवशेषों को कम समय में खाद में बदला जा सकता है। उन्होंने फसल अवशेष प्रबंधन की विभिन्न तकनीकों के बारे में भी बताया।
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फसल सुरक्षा अधिकारी प्रिया नंदा ने बताया कि पराली का उपयोग खाद बनाने, पशुओं के चारे, मशरूम उत्पादन, कागज, फाइबरबोर्ड और ऊर्जा उत्पादन में किया जा सकता है। कार्यक्रम में किसानों को खेत बचाओ अभियान और स्वच्छता विशेष अभियान 6.0 के प्रति भी जागरूक किया गया।
इस दौरान डॉ. शैलेंद्र सिंह, डॉ. नंदन सिंह, डॉ. प्रियंका सिंह, डॉ. अरुण कुमार राजभर, डॉ. प्रिया सिंह, नवनीत यादव, डॉ. विकास पांडेय, ओमप्रकाश वर्मा, नरेंद्र पांडेय और अमित मिश्रा सहित अन्य लोग मौजूद रहे।