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Ballia News: जमीन विवाद में 20 साल पहले पिता की पिटाई से मौत, अब बेटे की पीटकर हत्या
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नगवा गांव में हुई मारपीट में मृतक राजदेव पाठक राजू। फाइल फोटो, परिजन
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दुबहड़ (बलिया)। थाना क्षेत्र के नगवां गांव में करीब दो दशक पुराने जमीन विवाद में रविवार की देर रात पट्टीदार ने राजदेव पाठक राजू (58) की लाठी-डंडों से पीटकर हत्या कर दी। बीस साल पहले रादेव की पिता की भी जमीन विवाद में पिटाई से मौत हो गई थी।
मौके पर एएसपी दक्षिणी संजय वर्मा, सीओ सिटी सतीश शर्मा पहुंचे। परिजनों से घटना की जानकारी ली। राजदेव पाठक के पुत्र आलोक पाठक की तहरीर पर पुलिस ने आरोपी उत्कर्ष पाठक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया है। घटना के बाद गांव में तनाव को देखते हुए एहतियातन कई थानों की पुलिस तैनात है।
अपर पुलिस अधीक्षक दक्षिणी संजय वर्मा ने बताया कि नगवां गांव निवासी राजदेव पाठक पुत्र रामकेवल पाठक रविवार की शाम पड़ोस के काशी यादव के दरवाजे पर बैठे हुए थे। इसी दौरान उनके पट्टीदार उत्कर्ष पाठक (35) वहां पहुंचा।
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दोनों के बीच लंबे समय से चले आ रहे जमीन विवाद को लेकर कहासुनी शुरू हो गई। आरोप है कि विवाद के दौरान उत्कर्ष पाठक ने लाठी-डंडों से राजदेव पर हमला कर दिया। शोर-शराबा सुनकर पहुंचे ग्रामीणों ने किसी तरह बीच-बचाव कर मामला शांत कराया, लेकिन तब तक राजदेव गंभीर रूप से घायल हो चुके थे।
घटना की सूचना मिलते ही दुबहड़ थाना प्रभारी अनुप जायसवाल पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। परिजनों के सहयोग से घायल राजदेव को जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने परीक्षण के बाद मृत घोषित कर दिया।
राजदेव के पुत्र आलोक पाठक ने बताया कि दोनों पक्षों के बीच जमीन विवाद करीब 20 वर्षों से चला आ रहा है। दो दशक पहले दादा की भी आरोपी पक्ष के लोगों ने पिटाई कर दी थी, इससे उनकी मौत हो गई थी। हालांकि इस मामले में कोई तहरीर नहीं दी गई थी।
एएसपी संजय वर्मा ने बताया कि राजदेव के पुत्र की तहरीर पर उत्कर्ष पाठक के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
पोस्टमार्टम के बाद घर पहुंचा शव पोस्टमार्टम के बाद राजदेव का शव घर पहुंचा तो गांव के लोग दुखी हो गए। पड़ोस व नाते रिश्तेदारों की भीड़ लगी रही। पत्नी उर्मिला के इंतजार में दाह संस्कार शाम तक नहीं हो सका। ग्रामीणों ने बताया कि राजदेव कीर्तन मंडली के साथ रहते थे, बेटा आलोक ई-रिक्शा व कृषि कार्य कर परिवार का भरण पोषण करता था।
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मौके पर एएसपी दक्षिणी संजय वर्मा, सीओ सिटी सतीश शर्मा पहुंचे। परिजनों से घटना की जानकारी ली। राजदेव पाठक के पुत्र आलोक पाठक की तहरीर पर पुलिस ने आरोपी उत्कर्ष पाठक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया है। घटना के बाद गांव में तनाव को देखते हुए एहतियातन कई थानों की पुलिस तैनात है।
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अपर पुलिस अधीक्षक दक्षिणी संजय वर्मा ने बताया कि नगवां गांव निवासी राजदेव पाठक पुत्र रामकेवल पाठक रविवार की शाम पड़ोस के काशी यादव के दरवाजे पर बैठे हुए थे। इसी दौरान उनके पट्टीदार उत्कर्ष पाठक (35) वहां पहुंचा।
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दोनों के बीच लंबे समय से चले आ रहे जमीन विवाद को लेकर कहासुनी शुरू हो गई। आरोप है कि विवाद के दौरान उत्कर्ष पाठक ने लाठी-डंडों से राजदेव पर हमला कर दिया। शोर-शराबा सुनकर पहुंचे ग्रामीणों ने किसी तरह बीच-बचाव कर मामला शांत कराया, लेकिन तब तक राजदेव गंभीर रूप से घायल हो चुके थे।
घटना की सूचना मिलते ही दुबहड़ थाना प्रभारी अनुप जायसवाल पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। परिजनों के सहयोग से घायल राजदेव को जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने परीक्षण के बाद मृत घोषित कर दिया।
राजदेव के पुत्र आलोक पाठक ने बताया कि दोनों पक्षों के बीच जमीन विवाद करीब 20 वर्षों से चला आ रहा है। दो दशक पहले दादा की भी आरोपी पक्ष के लोगों ने पिटाई कर दी थी, इससे उनकी मौत हो गई थी। हालांकि इस मामले में कोई तहरीर नहीं दी गई थी।
एएसपी संजय वर्मा ने बताया कि राजदेव के पुत्र की तहरीर पर उत्कर्ष पाठक के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
पोस्टमार्टम के बाद घर पहुंचा शव पोस्टमार्टम के बाद राजदेव का शव घर पहुंचा तो गांव के लोग दुखी हो गए। पड़ोस व नाते रिश्तेदारों की भीड़ लगी रही। पत्नी उर्मिला के इंतजार में दाह संस्कार शाम तक नहीं हो सका। ग्रामीणों ने बताया कि राजदेव कीर्तन मंडली के साथ रहते थे, बेटा आलोक ई-रिक्शा व कृषि कार्य कर परिवार का भरण पोषण करता था।