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Ballia News: मारपीट, फायरिंग और लूट के आरोप में 16 के खिलाफ प्राथमिकी
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बलिया। सदर कोतवाली क्षेत्र के रामपुर उदयभान निवासी गीता देवी की तहरीर पर पुलिस ने मारपीट, फायरिंग, लूट और तोड़फोड़ के मामले में 16 आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है।
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट शैलेश पांडेय के आदेश पर पुलिस ने 11 नामजद तथा 4-5 अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। कोतवाल प्रवीण सिंह ने बताया कि गीता देवी ने न्यायालय में आवेदन देकर आरोप लगाया कि 22 मार्च की शाम रंजिश में आारोपी डंडा, हॉकी, रॉड और असलहे लेकर मेरे घर पहुंचे।
गाली-गलौज करने लगे। विरोध करने पर जान से मारने के लिए फायरिंग की। हमलावरों ने मुझे तथा पुत्र प्रिंस यादव को दौड़ा लिया। दोनों किसी तरह कमरे में छिपकर अपनी जान बचाई।
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आरोपियों ने घर में घुसकर नल तोड़ दिया तथा कमरे से करीब 32 हजार रुपये, एक थर्मस और चांदी की पायल, बिछिया समेत अन्य सामान से भरा पर्स लेकर भाग गए।
शोर और गोली की आवाज सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे।
इस दौरान दो आरोपियों को पकड़ने का प्रयास किया गया, लेकिन वे धक्का-मुक्की और फायरिंग करते हुए भाग गए। गीता देवी का कहना है कि घटना की सूचना डायल-112 और कोतवाली पुलिस को दी गई, लेकिन उनकी तहरीर पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। उल्टे उनके पुत्र और घटना के गवाहों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर दिया गया। न्याय न मिलने पर उन्होंने अब सीजेएम न्यायालय की शरण ली है।
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मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट शैलेश पांडेय के आदेश पर पुलिस ने 11 नामजद तथा 4-5 अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। कोतवाल प्रवीण सिंह ने बताया कि गीता देवी ने न्यायालय में आवेदन देकर आरोप लगाया कि 22 मार्च की शाम रंजिश में आारोपी डंडा, हॉकी, रॉड और असलहे लेकर मेरे घर पहुंचे।
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गाली-गलौज करने लगे। विरोध करने पर जान से मारने के लिए फायरिंग की। हमलावरों ने मुझे तथा पुत्र प्रिंस यादव को दौड़ा लिया। दोनों किसी तरह कमरे में छिपकर अपनी जान बचाई।
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आरोपियों ने घर में घुसकर नल तोड़ दिया तथा कमरे से करीब 32 हजार रुपये, एक थर्मस और चांदी की पायल, बिछिया समेत अन्य सामान से भरा पर्स लेकर भाग गए।
शोर और गोली की आवाज सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे।
इस दौरान दो आरोपियों को पकड़ने का प्रयास किया गया, लेकिन वे धक्का-मुक्की और फायरिंग करते हुए भाग गए। गीता देवी का कहना है कि घटना की सूचना डायल-112 और कोतवाली पुलिस को दी गई, लेकिन उनकी तहरीर पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। उल्टे उनके पुत्र और घटना के गवाहों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर दिया गया। न्याय न मिलने पर उन्होंने अब सीजेएम न्यायालय की शरण ली है।