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Ballia News: एक किलोमीटर के दायरे में जमीन, 100 मीटर सीसी सड़क और पीपल का पेड़ नदी में समाया
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बैरिया क्षेत्र के गोपालनगर टाड़ी गांव में सरयू नदी के कटान को देखते ग्रामीण।संवाद
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बैरिया। दियारा क्षेत्र के गोपालनगर टाड़ी में सरयू नदी के कारण कटान जारी है। रविवार को गोपालनगर और गोपालनगर टाड़ी को जोड़ने वाली सीसी सड़क का लगभग 100 मीटर हिस्सा सरयू नदी में विलीन हो गया। सड़क किनारे का पीपल पेड़ भी कटान की भेंट चढ़ गया।
वहीं, गोपालनगर, वशिष्ठ नगर सिवान के सामने करीब एक किलोमीटर लंबाई में और लगभग पांच मीटर चौड़ाई में उपजाऊ कृषि भूमि नदी में समा गई। चाई छपरा, अधिसिझुआ, शिवाल मठिया और बकुलहा के सामने भी पूर्व की तरह कटान जारी है।
रविवार को कटान प्रभावित क्षेत्र का जायजा लेने उप जिलाधिकारी बैरिया शशि भूषण मिश्र पहुंचे। उन्होंने नायब तहसीलदार उदयराज रत्ना एवं अन्य अधिकारियों के साथ गोपालनगर टाड़ी में 150 लोगों को तिरपाल वितरित किए। एसडीएम ने बताया कि अब तक 14 पक्के और दो करकटनुमा मकान नदी में समा चुके हैं। प्रभावित परिवारों को 24 घंटे के भीतर गृह अनुदान उपलब्ध करा दिया गया है। उन्होंने बताया कि जो परिवार सुरक्षित स्थानों पर अस्थायी रूप से रह रहे हैं, वहां पेयजल की व्यवस्था के लिए खंड विकास अधिकारी रेवती को हैंडपंप लगवाने के निर्देश दिए गए हैं। अन्य आवश्यक सहायता के लिए शासन को प्रस्ताव भेज दिया गया है।
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इस बीच गोपालनगर, मानगढ़, वशिष्ठ नगर, गोपालनगर टाड़ी और शिवाल मठिया के ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कटान की गंभीर स्थिति के बावजूद जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी नहीं दिख रही है। ग्रामीणों का कहना है कि रविवार को एसडीएम के अलावा कोई बड़ा अधिकारी या जनप्रतिनिधि प्रभावितों का हाल जानने नहीं पहुंचा। उन्होंने स्थानीय सांसद पर भी क्षेत्र की उपेक्षा का आरोप लगाया।
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वहीं, गोपालनगर, वशिष्ठ नगर सिवान के सामने करीब एक किलोमीटर लंबाई में और लगभग पांच मीटर चौड़ाई में उपजाऊ कृषि भूमि नदी में समा गई। चाई छपरा, अधिसिझुआ, शिवाल मठिया और बकुलहा के सामने भी पूर्व की तरह कटान जारी है।
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रविवार को कटान प्रभावित क्षेत्र का जायजा लेने उप जिलाधिकारी बैरिया शशि भूषण मिश्र पहुंचे। उन्होंने नायब तहसीलदार उदयराज रत्ना एवं अन्य अधिकारियों के साथ गोपालनगर टाड़ी में 150 लोगों को तिरपाल वितरित किए। एसडीएम ने बताया कि अब तक 14 पक्के और दो करकटनुमा मकान नदी में समा चुके हैं। प्रभावित परिवारों को 24 घंटे के भीतर गृह अनुदान उपलब्ध करा दिया गया है। उन्होंने बताया कि जो परिवार सुरक्षित स्थानों पर अस्थायी रूप से रह रहे हैं, वहां पेयजल की व्यवस्था के लिए खंड विकास अधिकारी रेवती को हैंडपंप लगवाने के निर्देश दिए गए हैं। अन्य आवश्यक सहायता के लिए शासन को प्रस्ताव भेज दिया गया है।
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इस बीच गोपालनगर, मानगढ़, वशिष्ठ नगर, गोपालनगर टाड़ी और शिवाल मठिया के ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कटान की गंभीर स्थिति के बावजूद जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी नहीं दिख रही है। ग्रामीणों का कहना है कि रविवार को एसडीएम के अलावा कोई बड़ा अधिकारी या जनप्रतिनिधि प्रभावितों का हाल जानने नहीं पहुंचा। उन्होंने स्थानीय सांसद पर भी क्षेत्र की उपेक्षा का आरोप लगाया।