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Ballia News: मार्च में मई-जून जैसी आंधी-बारिश एक दिन में 10 डिग्री गिरा तापमान
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बेमौसम बारिश के चलते गिरी खड़ी मक्का की फसल।संवाद
- फोटो : samvad
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बलिया। जिले में शनिवार को भोर में तेज हवाओं के बीच दिनभर मौसम बिगड़ा रहा। मार्च में मई-जून जैसी आंधी-बारिश हुई। इससे एक दिन में 10 डिग्री तापमान गिर गया।
शनिवार को दिनभर कभी तेज तो कभी धीमी बारिश हुई। किसानों व बागवानों की चिंता बढ़ गई। बारिश से दलहनी व तिलहनी फसलों को नुकसान होगा। गेहूं की फसल तेज हवाओं के कारण खेती में गिर गई। किसानों को कटी हुई सरसों की फसल भीगने से दाने खराब होने की चिंता सता रही। बागवानी करने वाले विमल तिवारी ने बताया कि आम की फसल को बारिश व हवा ने काफी नुकसान पहुंचाया है।
बैरिया क्षेत्र में शुक्रवार की देर शाम से ही तेज हवाएं चलने लगीं। शनिवार की भोर से बारिश शुरू हो गई। जिससे रबी की फसलों को भारी नुकसान पहुंचा। सरसों, मटर, मसूर और चना की फसल सबसे ज्यादा प्रभावित हुई। गेहूं की फसल कई जगह खेतों में गिरकर बिछ गई। गोपालनगर निवासी किसान भोला यादव, सुनील यादव, गणेश यादव ने बताया कि तेज हवाओं के कारण गेहूं की फसल जमीन पर गिर गई है।
नगरा में तेज हवाओं और बूंदाबांदी से रबी की लगभग तैयार फसल को नुकसान पहुंचा है। चचयां निवासी किसान सत्येंद्र गुप्ता, भंडारी निवासी स्वामीनाथ यादव की गेहूं की फसल को नुकसान पहुंचा है। दया छपरा में भी सुबह से बूंदाबांदी शुरू हो गई। दिन में 1:30 बजे तेज बारिश हुई। बारिश से सबसे ज्यादा नुकसान आलू की खेती को हुआ। किसान प्रकाश वर्मा, दीनानाथ, रामेश्वर पांडेय आदि का कहना है कि खेती को नुकसान पहुंचा है।
रेवती के किसानों का मानना है कि बारिश से आलू ,प्याज, लहसुन की फसल सड़ सकती है। किसान राजेश कुमार, चौबे छपरा के किसान बिजन चौबे ने बताया कि धूप होने के बाद सरसों की फली के ऊपर के छिलके फटने लगेंगे तथा दाने झरने लगेंगे। बेल्थरारोड के किसानों का कहना है की बारिश का क्रम जारी रहा तो गेहूं की बालियां काली पड़ सकती हैं, जिससे उत्पादन और गुणवत्ता प्रभावित होगी।
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ईंट-भट्ठा कारोबारियों का 5 करोड़ का नुकसान
बारिश भट्ठा मालिकों को भी नुकसान होगा। कच्ची ईंटें बारिश से गल गई हैं। जिले में 250 ईंट-भट्ठा संचालित होते है। ईंट-भट्ठा संघ के जिला महामंत्री अनिल सिंह ने बताया कि ईंट की पथाई का कार्य तेजी से चल रहा है। कच्चा होने के कारण ईंटें गल गईं। ऐसे में करीब पांच करोड़ का नुकसान ईंट-भट्ठा कारोबार को हुआ है। सरकार की तरफ से नुकसान की कोई भरपाई कोई नियम नहीं हैं।
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बारिश के बीच चरमराई बिजली, 9 घंटे तक ठप रही आपूर्ति
बलिया। तेज हवाओं और बारिश से बिजली व्यवस्था चरमरा गई। शहर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में करीब 9 से ज्यादा घंटे तक बिजली आपूर्ति ठप रही। हालांकि शहर के कुछ इलाकों में बिजली कर्मचारियों के त्वरित प्रयास से दो घंटे के अंदर बिजली बहाल हो गई है।
फेफना और गड़वार फीडर से जुड़े करीब 40 गांवों में विद्युत आपूर्ति शुक्रवार को रात 9 से ही गुल हो गई। विद्युत निगम के कर्मचारियों ने बताया कि बलेजी चट्टी पर फाॅल्ट से आपूर्ति बाधित है। बैरिया में लोकधाम ठेकहा, रानीगंज देहात फीडर समेत कई क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बाधित रही। इसी तरह से रेवती के साथ स्थानीय विद्युत उपकेंद्र से संबंधित गांवों में शनिवार को बिजली आपूर्ति ठप रही। हुसेनबाद में मुख्य पावर हाउस से बिजली ब्रेक हो गई। 12 बजे सहतवार कस्बा तथा त्रिकालपुर में बिजली की आपूर्ति हुई। जेई आनंद प्रकाश जायसवाल ने बताया कि फाॅल्ट का पता किया जा रहा है। जल्द ही आपूर्ति शुरू हो जाएगी।
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शनिवार को दिनभर कभी तेज तो कभी धीमी बारिश हुई। किसानों व बागवानों की चिंता बढ़ गई। बारिश से दलहनी व तिलहनी फसलों को नुकसान होगा। गेहूं की फसल तेज हवाओं के कारण खेती में गिर गई। किसानों को कटी हुई सरसों की फसल भीगने से दाने खराब होने की चिंता सता रही। बागवानी करने वाले विमल तिवारी ने बताया कि आम की फसल को बारिश व हवा ने काफी नुकसान पहुंचाया है।
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बैरिया क्षेत्र में शुक्रवार की देर शाम से ही तेज हवाएं चलने लगीं। शनिवार की भोर से बारिश शुरू हो गई। जिससे रबी की फसलों को भारी नुकसान पहुंचा। सरसों, मटर, मसूर और चना की फसल सबसे ज्यादा प्रभावित हुई। गेहूं की फसल कई जगह खेतों में गिरकर बिछ गई। गोपालनगर निवासी किसान भोला यादव, सुनील यादव, गणेश यादव ने बताया कि तेज हवाओं के कारण गेहूं की फसल जमीन पर गिर गई है।
नगरा में तेज हवाओं और बूंदाबांदी से रबी की लगभग तैयार फसल को नुकसान पहुंचा है। चचयां निवासी किसान सत्येंद्र गुप्ता, भंडारी निवासी स्वामीनाथ यादव की गेहूं की फसल को नुकसान पहुंचा है। दया छपरा में भी सुबह से बूंदाबांदी शुरू हो गई। दिन में 1:30 बजे तेज बारिश हुई। बारिश से सबसे ज्यादा नुकसान आलू की खेती को हुआ। किसान प्रकाश वर्मा, दीनानाथ, रामेश्वर पांडेय आदि का कहना है कि खेती को नुकसान पहुंचा है।
रेवती के किसानों का मानना है कि बारिश से आलू ,प्याज, लहसुन की फसल सड़ सकती है। किसान राजेश कुमार, चौबे छपरा के किसान बिजन चौबे ने बताया कि धूप होने के बाद सरसों की फली के ऊपर के छिलके फटने लगेंगे तथा दाने झरने लगेंगे। बेल्थरारोड के किसानों का कहना है की बारिश का क्रम जारी रहा तो गेहूं की बालियां काली पड़ सकती हैं, जिससे उत्पादन और गुणवत्ता प्रभावित होगी।
ईंट-भट्ठा कारोबारियों का 5 करोड़ का नुकसान
बारिश भट्ठा मालिकों को भी नुकसान होगा। कच्ची ईंटें बारिश से गल गई हैं। जिले में 250 ईंट-भट्ठा संचालित होते है। ईंट-भट्ठा संघ के जिला महामंत्री अनिल सिंह ने बताया कि ईंट की पथाई का कार्य तेजी से चल रहा है। कच्चा होने के कारण ईंटें गल गईं। ऐसे में करीब पांच करोड़ का नुकसान ईंट-भट्ठा कारोबार को हुआ है। सरकार की तरफ से नुकसान की कोई भरपाई कोई नियम नहीं हैं।
बारिश के बीच चरमराई बिजली, 9 घंटे तक ठप रही आपूर्ति
बलिया। तेज हवाओं और बारिश से बिजली व्यवस्था चरमरा गई। शहर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में करीब 9 से ज्यादा घंटे तक बिजली आपूर्ति ठप रही। हालांकि शहर के कुछ इलाकों में बिजली कर्मचारियों के त्वरित प्रयास से दो घंटे के अंदर बिजली बहाल हो गई है।
फेफना और गड़वार फीडर से जुड़े करीब 40 गांवों में विद्युत आपूर्ति शुक्रवार को रात 9 से ही गुल हो गई। विद्युत निगम के कर्मचारियों ने बताया कि बलेजी चट्टी पर फाॅल्ट से आपूर्ति बाधित है। बैरिया में लोकधाम ठेकहा, रानीगंज देहात फीडर समेत कई क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बाधित रही। इसी तरह से रेवती के साथ स्थानीय विद्युत उपकेंद्र से संबंधित गांवों में शनिवार को बिजली आपूर्ति ठप रही। हुसेनबाद में मुख्य पावर हाउस से बिजली ब्रेक हो गई। 12 बजे सहतवार कस्बा तथा त्रिकालपुर में बिजली की आपूर्ति हुई। जेई आनंद प्रकाश जायसवाल ने बताया कि फाॅल्ट का पता किया जा रहा है। जल्द ही आपूर्ति शुरू हो जाएगी।