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Ballia News: गाजीपुर से हाजीपुर तक गांवों के विकास की राह होगी आसान, एनएच-31 के चौड़ीकरण की उम्मीद जगी
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जयप्रकाश नगर। गाजीपुर से हाजीपुर तक राष्ट्रीय राजमार्ग-31 का जल्द ही कायाकल्प होगा। इसके चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण की वर्षों से प्रतीक्षित उम्मीद अब मूर्त रूप लेने की दिशा में आगे बढ़ती दिख रही है। इस महत्वपूर्ण परियोजना को मंजूरी दिलाने के लिए पिछले कई वर्षों से किए जा रहे है।
इस मार्ग पर प्रतिदिन लगभग तीन हजार से अधिक बड़े वाहनों का आवागमन होता है लेकिन इसकी दशा काफी समय से खराब हो गई है, जिससे हादसे का भय हर पल बना रहता है। इसी बीच पूर्व सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त ने एक बार फिर केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी को पत्र भेजकर शीघ्र परियोजना स्वीकृति की मांग की है। करीब 250 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की ओर से मंत्रालय को भेजा है। एनएचआई के परियोजना निदेशक इं. अजय सिंह ने बताया कि शासन का डीपीआर भेजी गई है। स्वीकृति मिलते ही कार्य प्रारंभ कर दिया जाएगा।
डीपीआर के बाद अब अंतिम स्वीकृति का इंतजार
पूर्व सांसद ने केंद्रीय मंत्री से डीपीआर के आधार पर परियोजना को जल्द मंजूरी देने और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश देने का आग्रह किया है। वर्ष 2023 में हुई घोषणा के बाद पत्राचार से लेकर व्यक्तिगत मुलाकात तक लगातार किए गए प्रयासों के बीच डीपीआर का मंत्रालय तक पहुंचना महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे गाजीपुर, बलिया और बिहार के बीच संपर्क मजबूत होने के साथ एनएच-31 के किनारे बसे गांवों के विकास को भी नई राह मिल सकती है।
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इस मार्ग पर प्रतिदिन लगभग तीन हजार से अधिक बड़े वाहनों का आवागमन होता है लेकिन इसकी दशा काफी समय से खराब हो गई है, जिससे हादसे का भय हर पल बना रहता है। इसी बीच पूर्व सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त ने एक बार फिर केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी को पत्र भेजकर शीघ्र परियोजना स्वीकृति की मांग की है। करीब 250 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की ओर से मंत्रालय को भेजा है। एनएचआई के परियोजना निदेशक इं. अजय सिंह ने बताया कि शासन का डीपीआर भेजी गई है। स्वीकृति मिलते ही कार्य प्रारंभ कर दिया जाएगा।
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डीपीआर के बाद अब अंतिम स्वीकृति का इंतजार
पूर्व सांसद ने केंद्रीय मंत्री से डीपीआर के आधार पर परियोजना को जल्द मंजूरी देने और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश देने का आग्रह किया है। वर्ष 2023 में हुई घोषणा के बाद पत्राचार से लेकर व्यक्तिगत मुलाकात तक लगातार किए गए प्रयासों के बीच डीपीआर का मंत्रालय तक पहुंचना महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे गाजीपुर, बलिया और बिहार के बीच संपर्क मजबूत होने के साथ एनएच-31 के किनारे बसे गांवों के विकास को भी नई राह मिल सकती है।
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