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Ballia News: सांप के डसने से महिला की मौत, इलाज के बजाय झाड़-फूंक में गंवाया समय
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चौकियामोड़ (बलिया)। उभांव थाना क्षेत्र के गौरी गांव में सोमवार को सांप के डसने से ज्ञान्ती देवी (28) की मौत हो गई। घटना के पहले व बाद परिजन चिकित्सकीय उपचार के साथ-साथ झाड़-फूंक में भी घंटों उलझे रहे।
गौरी गांव निवासी रतन की पत्नी ज्ञान्ती देवी (28) सोमवार सुबह घर में झाड़ू लगा रही थीं। इसी दौरान घर में मौजूद सांप ने डस लिया। परिजनों ने इलाज की जगह पहले झाड़ फूंक करवाई। इसमें समय गंवाने के बाद उपचार के लिए अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। इसके बावजूद परिजन दाह संस्कार की तैयारी करने के बजाय घंटों तक झाड़-फूंक कराते रहे। ज्ञान्ती देवी को एक छह वर्षीय पुत्र और तीन वर्षीय पुत्री है।
सीयर सीएचसी प्रभारी राकेश सिंह ने कहा कि सर्पदंश के बाद झाड़-फूंक, तांत्रिक उपचार या घरेलू नुस्खों में समय गंवाना जानलेवा साबित हो सकता है। सांप के काटने पर मरीज को शांत रखते हुए प्रभावित अंग को कम से कम हिलाएं-डुलाएं और बिना देरी किए निकटतम सरकारी अस्पताल पहुंचाएं। स्वास्थ्य केंद्र पर प्रर्याप्त एंटी-स्नेक वेनम (एएसवी) उपलब्ध हैं। समय पर इलाज मिलने से अधिकांश सर्पदंश पीड़ितों की जान बचाई जा सकती है। संवाद
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गौरी गांव निवासी रतन की पत्नी ज्ञान्ती देवी (28) सोमवार सुबह घर में झाड़ू लगा रही थीं। इसी दौरान घर में मौजूद सांप ने डस लिया। परिजनों ने इलाज की जगह पहले झाड़ फूंक करवाई। इसमें समय गंवाने के बाद उपचार के लिए अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। इसके बावजूद परिजन दाह संस्कार की तैयारी करने के बजाय घंटों तक झाड़-फूंक कराते रहे। ज्ञान्ती देवी को एक छह वर्षीय पुत्र और तीन वर्षीय पुत्री है।
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सीयर सीएचसी प्रभारी राकेश सिंह ने कहा कि सर्पदंश के बाद झाड़-फूंक, तांत्रिक उपचार या घरेलू नुस्खों में समय गंवाना जानलेवा साबित हो सकता है। सांप के काटने पर मरीज को शांत रखते हुए प्रभावित अंग को कम से कम हिलाएं-डुलाएं और बिना देरी किए निकटतम सरकारी अस्पताल पहुंचाएं। स्वास्थ्य केंद्र पर प्रर्याप्त एंटी-स्नेक वेनम (एएसवी) उपलब्ध हैं। समय पर इलाज मिलने से अधिकांश सर्पदंश पीड़ितों की जान बचाई जा सकती है। संवाद
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