{"_id":"69653f94be5dcc9fcd0f82f1","slug":"german-hangar-will-become-the-center-of-attraction-banda-news-c-212-1-bnd1017-138966-2026-01-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Banda News: जर्मन हैंगर बनेगा आकर्षण का केंद्र","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Banda News: जर्मन हैंगर बनेगा आकर्षण का केंद्र
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
Updated Tue, 13 Jan 2026 12:08 AM IST
विज्ञापन
फोटो - 18 कथा स्थल का निरीक्षण करतीं आईपीएस मेविस टॉक व फाउंडेशन के लोग। संवाद
विज्ञापन
बांदा। बुंदेलखंड यूथ फाउंडेशन आगामी 16 जनवरी से 20 जनवरी 2026 तक पावन धरा पर आयोजित होने वाली बागेश्वर धाम महाराज की भव्य कथा के लिए पूरी तरह से तैयार है। फाउंडेशन के संस्थापक प्रवीण सिंह ने आयोजन स्थल का निरीक्षण कर तैयारियों का जायजा लिया और प्रशासन के साथ समन्वय बैठक की।
आयोजन को सफल बनाने के लिए जिला प्रशासन, पुलिस विभाग, विद्युत विभाग, नगर पालिका और स्वास्थ्य विभाग के साथ निरंतर संपर्क बना हुआ है। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए यातायात प्रबंधन, पार्किंग व्यवस्था और आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं के लिए एक विस्तृत योजना तैयार की गई है।
इस कथा पंडाल के लिए पहली बार जर्मन हैंगर तकनीक का उपयोग किया जा रहा है, जो इसे एक विशेष आकर्षण प्रदान करेगा। श्री प्रवीण सिंह ने इस तकनीक की विशेषताओं पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इस पंडाल के बीच में कोई खंभा नहीं होगा, जिससे हजारों श्रद्धालु बिना किसी बाधा के महाराज के दर्शन कर सकेंगे। यह विशालता भक्तों को एक खुला और सुगम अनुभव प्रदान करेगी।
यह पंडाल पूरी तरह से वॉटरप्रूफ और फायर-रेसिस्टेंट है। यह किसी भी मौसम में भक्तों को पूर्ण सुरक्षा प्रदान करेगा, चाहे वह बारिश हो या आग का खतरा।
Trending Videos
आयोजन को सफल बनाने के लिए जिला प्रशासन, पुलिस विभाग, विद्युत विभाग, नगर पालिका और स्वास्थ्य विभाग के साथ निरंतर संपर्क बना हुआ है। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए यातायात प्रबंधन, पार्किंग व्यवस्था और आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं के लिए एक विस्तृत योजना तैयार की गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
इस कथा पंडाल के लिए पहली बार जर्मन हैंगर तकनीक का उपयोग किया जा रहा है, जो इसे एक विशेष आकर्षण प्रदान करेगा। श्री प्रवीण सिंह ने इस तकनीक की विशेषताओं पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इस पंडाल के बीच में कोई खंभा नहीं होगा, जिससे हजारों श्रद्धालु बिना किसी बाधा के महाराज के दर्शन कर सकेंगे। यह विशालता भक्तों को एक खुला और सुगम अनुभव प्रदान करेगी।
यह पंडाल पूरी तरह से वॉटरप्रूफ और फायर-रेसिस्टेंट है। यह किसी भी मौसम में भक्तों को पूर्ण सुरक्षा प्रदान करेगा, चाहे वह बारिश हो या आग का खतरा।