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Banda News: वर्ष 2024 से तीन ए बैरक में बंद रहा रवि काना
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
Updated Sun, 01 Feb 2026 11:55 PM IST
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बांदा। स्क्रैप माफिया व गैंगस्टर रविंद्र उर्फ रवि काना बांदा मंडल कारागार में तीन ए बैरक में बंद था। वर्ष 2024 में प्रशासनिक तौर पर गौतमबुद्ध नगर की जेल से रवि काना को बांदा जेल में स्थानांतरित किया गया था, तब से वह कारागार की तीन ए बैरक में बंद रहा। रिहाई के समय भी वह तीन ए बैरक से निकला था। इसके बाद वह लापता हो गया।
बताया जा रहा है कि रवि काना की रिहाई की खबर उसके करीबियों को पहले से ही हो गई थी। सूत्र बताते हैं कि रिहाई के समय दो कारें पहले से ही जेल के बाहर मौजूद थीं। एक कार में एक महिला और दूसरी कार में तीन युवक सवार बताए गए हैं। जेल से बाहर आते ही रवि काना ने अपना सामान कार में रखा और बिना किसी देरी के वहां से तुरंत रवाना हो गया। पुलिस के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती यह है कि अब वह कहां है। रवि काना और उसके परिजनों के नाम पर कई कंपनियां दर्ज हैं।
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एसओजी ने खंगाले जेल के सीसीटीवी फुटेज खंगाले, मिली कार की लोकेशन
बांदा। गैंगस्टर रवि काना की रिहाई के बाद जेलर के निलंबित होने के मामले में नोएडा की तीन सदस्यीय एसओजी टीम ने कारागार व उसके आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाले। वहीं जेल से लेकर गई कार की लोकेशन पपरेंदा होते हुए हमीरपुर फिर कानपुर नगर की ओर मिली है। फुटेज में यह भी दिखा कि उसे रिहाई के वक्त बहन, चचेरे भाई और चार से छह अन्य लोग कार में ले गए। रवि काना को 12 जिलों की पुलिस को भी लगाया गया है। जेल अधीक्षक अनिल गौतम ने बताया कि एसओजी को फुटेज में कार के नंबर मिले हैं। जिससे उसकी धरपकड़ तेज कर दी गई है।
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डिप्टी जेलर निर्भय को मिला जेलर का चार्ज
बांदा। स्क्रैप माफिया व गैंगस्टर रवि काना की रिहाई मामले में शासन की ओर से निलंबित किए गए जेलर विक्रम सिंह यादव के स्थान पर उनका चार्ज डिप्टी जेलर निर्भय सिंह को सौंपा गया है। जेल अधीक्षक अनिल गौतम ने बताया कि जेलर के निलंबित किए जाने पर अब डिप्टी जेलर को जेलर का चार्ज सौंपा गया है।
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बताया जा रहा है कि रवि काना की रिहाई की खबर उसके करीबियों को पहले से ही हो गई थी। सूत्र बताते हैं कि रिहाई के समय दो कारें पहले से ही जेल के बाहर मौजूद थीं। एक कार में एक महिला और दूसरी कार में तीन युवक सवार बताए गए हैं। जेल से बाहर आते ही रवि काना ने अपना सामान कार में रखा और बिना किसी देरी के वहां से तुरंत रवाना हो गया। पुलिस के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती यह है कि अब वह कहां है। रवि काना और उसके परिजनों के नाम पर कई कंपनियां दर्ज हैं।
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एसओजी ने खंगाले जेल के सीसीटीवी फुटेज खंगाले, मिली कार की लोकेशन
बांदा। गैंगस्टर रवि काना की रिहाई के बाद जेलर के निलंबित होने के मामले में नोएडा की तीन सदस्यीय एसओजी टीम ने कारागार व उसके आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाले। वहीं जेल से लेकर गई कार की लोकेशन पपरेंदा होते हुए हमीरपुर फिर कानपुर नगर की ओर मिली है। फुटेज में यह भी दिखा कि उसे रिहाई के वक्त बहन, चचेरे भाई और चार से छह अन्य लोग कार में ले गए। रवि काना को 12 जिलों की पुलिस को भी लगाया गया है। जेल अधीक्षक अनिल गौतम ने बताया कि एसओजी को फुटेज में कार के नंबर मिले हैं। जिससे उसकी धरपकड़ तेज कर दी गई है।
डिप्टी जेलर निर्भय को मिला जेलर का चार्ज
बांदा। स्क्रैप माफिया व गैंगस्टर रवि काना की रिहाई मामले में शासन की ओर से निलंबित किए गए जेलर विक्रम सिंह यादव के स्थान पर उनका चार्ज डिप्टी जेलर निर्भय सिंह को सौंपा गया है। जेल अधीक्षक अनिल गौतम ने बताया कि जेलर के निलंबित किए जाने पर अब डिप्टी जेलर को जेलर का चार्ज सौंपा गया है।
