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Barabanki News: समिति से 100 बोरी यूरिया गायब, सचिव पर कालाबाजारी का आरोप
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Sun, 19 Apr 2026 12:41 AM IST
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बाराबंकी। सिद्धौर साधन सहकारी समिति चांदूपुर में शनिवार को किसानों ने जमकर हंगामा काटा। किसानों ने सचिव पर 100 बोरी यूरिया की कालाबाजारी करने का आरोप लगाया है। डीएम के आदेश पर जिला कृषि अधिकारी राजितराम और एआर कोऑपरेटिव लोकेश त्रिपाठी ने मौके पर पहुंच जांच की तो समिति पर 100 बोरी यूरिया कम मिली है। डीएम की अनुमति के बाद जिला कृषि अधिकारी की तहरीर पर कोठी पुलिस ने सचिव की जांच शुरू कर दी है।
भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष विनोद कुमार, अंकुर वर्मा ने उच्चाधिकारियों को मामले की जानकारी देते हुए समिति पर हंगामा शुरू कर दिया। विरोध कर रहे किसानों का कहना है कि शुक्रवार को समिति के लिए 500 बोरी यूरिया खाद मुख्यालय से भेजी गई थी, लेकिन मौके पर केवल 400 बोरी ही पहुंची।
किसानों ने आरोप लगाया कि बाकी 100 बोरी खाद की कालाबाजारी कर दी गई। समिति सचिव राजेश यादव ने सफाई दी कि ट्रक चालक केवल 400 बोरी खाद लाया था। उसने चौकीदार से 500 बोरी के कागज पर प्राप्त करवाया था। शनिवार को एक और ट्रक खाद लेकर पहुंचा, लेकिन किसानों ने उसके कागज और ट्रक नंबर पर सवाल उठाए।
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उनका आरोप था कि पहले गायब हुई खाद को ही दोबारा लाकर दिखाने की कोशिश की गई। मामले की सूचना पर अधिकारियों ने गोदाम में खाद की गिनती कराई। जांच में सामने आया कि कागजों में 500 बोरी दर्ज थी, जबकि मौके पर 400 बोरी ही उपलब्ध थी। इसके बाद सचिव से लिखित बयान लिया गया। दोनों अधिकारियों ने किसानों को दोषियों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया तब जाकर मामला शांत हुआ।
400 से 450 में बेची जा रही यूरिया
किसानों ने कृषि अधिकारी से निजी दुकानों पर मनमानी की शिकायत की। उन्होंने बताया कि खाद लेने पर वंश कंपनी की जस्ता और माइक्रो राजा जबरिया दी जाती है। इसके लिए किसानों से 400 से 450 रुपये वसूले जाते हैं। किसानों ने कहा कि इस पर कोई सुनवाई नहीं होती है।
जिला कृषि अधिकारी राजित राम ने बताया कि साधन सहकारी समिति चांदूपुर में जांच के दौरान 100 बोरी यूरिया खाद कम मिली है। डीएम की अनुमति के बाद सचिव के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने के लिए कोठी थाने में तहरीर दे दी गई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष विनोद कुमार, अंकुर वर्मा ने उच्चाधिकारियों को मामले की जानकारी देते हुए समिति पर हंगामा शुरू कर दिया। विरोध कर रहे किसानों का कहना है कि शुक्रवार को समिति के लिए 500 बोरी यूरिया खाद मुख्यालय से भेजी गई थी, लेकिन मौके पर केवल 400 बोरी ही पहुंची।
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किसानों ने आरोप लगाया कि बाकी 100 बोरी खाद की कालाबाजारी कर दी गई। समिति सचिव राजेश यादव ने सफाई दी कि ट्रक चालक केवल 400 बोरी खाद लाया था। उसने चौकीदार से 500 बोरी के कागज पर प्राप्त करवाया था। शनिवार को एक और ट्रक खाद लेकर पहुंचा, लेकिन किसानों ने उसके कागज और ट्रक नंबर पर सवाल उठाए।
उनका आरोप था कि पहले गायब हुई खाद को ही दोबारा लाकर दिखाने की कोशिश की गई। मामले की सूचना पर अधिकारियों ने गोदाम में खाद की गिनती कराई। जांच में सामने आया कि कागजों में 500 बोरी दर्ज थी, जबकि मौके पर 400 बोरी ही उपलब्ध थी। इसके बाद सचिव से लिखित बयान लिया गया। दोनों अधिकारियों ने किसानों को दोषियों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया तब जाकर मामला शांत हुआ।
400 से 450 में बेची जा रही यूरिया
किसानों ने कृषि अधिकारी से निजी दुकानों पर मनमानी की शिकायत की। उन्होंने बताया कि खाद लेने पर वंश कंपनी की जस्ता और माइक्रो राजा जबरिया दी जाती है। इसके लिए किसानों से 400 से 450 रुपये वसूले जाते हैं। किसानों ने कहा कि इस पर कोई सुनवाई नहीं होती है।
जिला कृषि अधिकारी राजित राम ने बताया कि साधन सहकारी समिति चांदूपुर में जांच के दौरान 100 बोरी यूरिया खाद कम मिली है। डीएम की अनुमति के बाद सचिव के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने के लिए कोठी थाने में तहरीर दे दी गई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।