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Barabanki News: गोशाला में नहीं किसान के घर में बंधे गोमाता

संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी Updated Sun, 19 Apr 2026 12:36 AM IST
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Cows are tied in the farmer's house, not in the cowshed.
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बाराबंकी। जिले में गोशालाओं का निरीक्षण करने पहुंचे गोसेवा आयोग के उपाध्यक्ष महेश शुक्ला ने शनिवार को मीडिया कर्मियों से बात की। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति के साथ उत्तर प्रदेश उत्तम प्रदेश बने मुख्यमंत्री की यही मंशा है। सरकार बनने के बाद ही मुख्यमंत्री ने किसानों के कर्जमाफी के साथ गोहत्या पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाया।

उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा है कि गोशाला में नहीं गोमाता का स्थान किसान के खुटे पर हो। इसको लेकर सरकार 50 रुपये प्रतिदिन गोवंश के चारे के लिए सामूहिक योजना के तहत किसानों को देती है।
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गोहत्या अधिनियम 2020 के संशोधन के बाद प्रत्येक जिले में 100-150 गोतस्कर जेलों में बंद है। गोवंश के संरक्षण व संवर्धन को लेकर दो हजार करोड़ के बजट की व्यवस्था की गई है। प्रदेश में 7700 से ज्यादा गोशाला में 16 लाख गोवंश संरक्षित है। वहीं एक लाख 67 हजार गोवंश को सामूहिक योजना का लाभ दिया जा रहा है।
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उन्होंने कहा कि बाराबंकी जिले में 105 गोशाला है। इसमें से चार वृहद और दो कान्हा गोशाला में 25 हजार गोवंश संरक्षित है। वहीं पांच हजार गोवंश किसानों के खुटे पर बंधे हैं। जिनकों सामूहिक योजना का लाभ दिया जा रहा है। गोवंश की सेवा का दायित्व सरकार के साथ समाज का हो तो और बेहतर हो। अपनी माता की तरह गोवंश की सेवा करनी होगी।
गोसेवा आयोग के उपाध्यक्ष ने बताया कि जिले में पांच गोशाला का निरीक्षण किया गया। इस दौरान धूप से गोवंश को बचाने के लिए ऊपर पुआल और थर्माकोल लगाने के निर्देश दिए गए है। जिन गोशालाओं के पास जमीन नहीं है।
वह ढाई से तीन रुपये किलो में हरे चारे का अनुबंध करें। उन्होंने कहा कि निरीक्षण में जमीनहुसैनाबाद गोशाला में रजिस्टर नहीं मिला। आडिट को भेजे जाने की बात कही गई है। समीक्षा बैठक में इस पर चर्चा की जाएगी। इस मौके पर आयोग के सदस्य दीपक गोयल व सीवीओ मौजूद थे।


नंदी व गाय की अलग बनेगी गोशाला
प्रदेश की गोशाला के निरीक्षण कर मुख्यमंत्री से हुई वार्ता में नंदी व गाय के लिए अलग-अलग गोशाला बनाने का सुझाव पर सहमति बनी है। इसके साथ ही छोटे गोवंश के लिए अलग चरही बनाई जाएगी।
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