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Barabanki News: बिना ब्याज का ऋण बना आत्मनिर्भरता की चाभी, 1270 युवाओं का स्टार्टअप शुरू
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Thu, 15 Jan 2026 10:36 PM IST
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हरख क्षेत्र में मधुमक्खी पालन का स्टार्टअप।
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बाराबंकी। कभी रोजगार की तलाश में दिल्ली-मुंबई जाने का सपना देखने वाले जिले के युवा अब अपने ही गांव-कस्बों में खुद अपना रोजगार शुरू करने दूसरे को रोजगार दे रहे हैं। जिले में अब तक 1270 युवा बिना ब्याज का कर्ज लेकर अपना स्टार्टअप कर चुके हैं। कहीं चाय की दुकान से दिन की शुरुआत हो रही है तो कहीं सीमेंट की ईंटें बन रही हैं। फूड प्रोडक्शन यूनिट, ब्यूटी पार्लर, छोटे-छोटे मैन्युफैक्चरिंग सेंटर हर तरफ उद्यमिता की नई कहानी लिखी जा रही है।
यह बदलाव यूं ही नहीं आया। करीब दो साल पहले मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना शुरुआत की गई थी। युवाओं से ऑनलाइन आवेदन मांगे गए और जिनके पास कोई खास हुनर नहीं था, उनके लिए प्रशिक्षण की व्यवस्था भी योजना में शामिल की गई। जिला उद्योग केंद्र में आवेदन की जांच-पड़ताल के बाद योग्य युवाओं को आगे बढ़ने का मौका मिला। इस वित्तीय वर्ष में लक्ष्य था कि 1700 युवाओं को बिना ब्याज कर्ज देकर स्टार्टअप शुरू कराए जाएं। मौजूदा हालात बताते हैं कि योजना तेजी से अपने लक्ष्य की ओर बढ़ रही है। अब तक 1270 युवाओं को पांच लाख तक का बिना ब्याज ऋण स्वीकृत किया जा चुका है। महेंद्र नामक युवा बताते हैं कि पहले वे रोजगार के लिए दिल्ली जाने की सोच रहे थे। योजना की जानकारी मिली तो दो लाख रुपये का लोन लेकर चाय की दुकान खोल ली। वहीं, ललिता ने इस योजना से ब्यूटी पार्लर शुरू किया। उनका कहना है कि पहली बार ऐसा लगा कि आत्मनिर्भर हूं व कर भी सकती हूं।
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सुखद: 300 महिलाओं की भागीदारी
इस योजना की सबसे खास बात है महिलाओं की भागीदारी। जिला उद्योग केंद्र के उपायुक्त आशुतोष कुमार के मुताबिक, 1270 लाभार्थियों में करीब 300 महिलाएं हैं। जिले में पहली बार इतनी बड़ी संख्या में महिलाएं उद्यमी बनी हैं। यह सामाजिक और आर्थिक बदलाव का मजबूत संकेत है।
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यह बदलाव यूं ही नहीं आया। करीब दो साल पहले मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना शुरुआत की गई थी। युवाओं से ऑनलाइन आवेदन मांगे गए और जिनके पास कोई खास हुनर नहीं था, उनके लिए प्रशिक्षण की व्यवस्था भी योजना में शामिल की गई। जिला उद्योग केंद्र में आवेदन की जांच-पड़ताल के बाद योग्य युवाओं को आगे बढ़ने का मौका मिला। इस वित्तीय वर्ष में लक्ष्य था कि 1700 युवाओं को बिना ब्याज कर्ज देकर स्टार्टअप शुरू कराए जाएं। मौजूदा हालात बताते हैं कि योजना तेजी से अपने लक्ष्य की ओर बढ़ रही है। अब तक 1270 युवाओं को पांच लाख तक का बिना ब्याज ऋण स्वीकृत किया जा चुका है। महेंद्र नामक युवा बताते हैं कि पहले वे रोजगार के लिए दिल्ली जाने की सोच रहे थे। योजना की जानकारी मिली तो दो लाख रुपये का लोन लेकर चाय की दुकान खोल ली। वहीं, ललिता ने इस योजना से ब्यूटी पार्लर शुरू किया। उनका कहना है कि पहली बार ऐसा लगा कि आत्मनिर्भर हूं व कर भी सकती हूं।
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सुखद: 300 महिलाओं की भागीदारी
इस योजना की सबसे खास बात है महिलाओं की भागीदारी। जिला उद्योग केंद्र के उपायुक्त आशुतोष कुमार के मुताबिक, 1270 लाभार्थियों में करीब 300 महिलाएं हैं। जिले में पहली बार इतनी बड़ी संख्या में महिलाएं उद्यमी बनी हैं। यह सामाजिक और आर्थिक बदलाव का मजबूत संकेत है।
