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Barabanki News: अयोध्या के चौरासी कोसी परिक्रमा मार्ग के भूमि अधिग्रहण में तेजी, अड़चनें दूर
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Thu, 15 Jan 2026 11:36 PM IST
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टिकैतनगर। अयोध्या के बहुप्रतीक्षित चौरासी कोसी परिक्रमा मार्ग के पांचवें चरण के भूमि अधिग्रहण में आ रही बाधाएं अब दूर होती नजर आ रही हैं। प्रशासन ने प्रभावित भू-स्वामियों को मुआवजा भुगतान की प्रक्रिया को तेज कर दिया है, जिसके तहत संबंधित गांवों में सत्यापन कार्य को अंतिम रूप दिया जा रहा है। उम्मीद है कि इसी माह के अंत तक भू-स्वामियों के खातों में मुआवजे की धनराशि भेज दी जाएगी। यह परियोजना रामसनेहीघाट तहसील क्षेत्र के पूरेडलई और दरियाबाद विकासखंडों के कुल 18 गांवों से होकर गुजरेगी। इन गांवों में परिक्रमा मार्ग के निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई की जा रही है।
भूमि अधिग्रहण के दायरे में आने वाले गांवों में चांदामऊ, बादशाहनगर, फत्तापुर कला, पूरेडलई, बेलखरा महफूज, बेलखरा सैलाब, सरायसैफ, रानीमऊ, टिकरी, बसंतपुर, सेमरी, उमरहरा, कमियार, आलियाबाद, पूरेकामगार, गुलचप्पा और बरहुआ शामिल हैं। परियोजना की कार्यदायी संस्था, केसीसी बिल्डकाम प्रा. लि., ने निर्माण कार्य शुरू कर दिया है। हालांकि, मार्ग में आने वाले पक्के मकानों, पेड़ों और बोरिंग जैसी संरचनाओं के मूल्यांकन (एवार्ड) की प्रक्रिया पूरी न होने के कारण भू-स्वामियों को अभी तक मुआवजा नहीं मिल सका था।
टीम ने किया गांवों का दौराइसी समस्या के समाधान के लिए प्रशासन अब पूरी तरह सक्रिय हो गया है। बुधवार को विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी शम्स तबरेज और बाबू अभिजीत के नेतृत्व में एक राजस्व टीम ने सिकरी, सेमरी, बेलखरा महफूज, बेलखरा सैलाब और बादशाहनगर सहित कई गांवों का दौरा किया। इस दौरान टीम ने स्वामित्व अभिलेखों की गहन जांच की ताकि मुआवजा वितरण प्रक्रिया को सुचारू रूप से संपन्न किया जा सके।
मुआवजा वितरण की समय-सीमा
विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी ने बताया कि पैकेज संख्या पांच के अंतर्गत लगभग 16 किलोमीटर की लंबाई में प्रस्तावित चौरासी कोसी परिक्रमा मार्ग के सभी 18 गांवों में आने वाली संरचनात्मक स्वामित्व के एवार्ड को इसी माह के अंत तक अंतिम रूप देने का प्रयास किया जा रहा है। एवार्ड फाइनल होते ही, सीधे डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के माध्यम से धनराशि भू-स्वामियों के खातों में स्थानांतरित कर दी जाएगी। इस महत्वपूर्ण कार्य में लेखपाल श्रीकांत तिवारी, अवनीश कुमार, अंकित कुमार, अवधेश कुमार रावत और दुर्गेश कुमार भी सक्रिय रूप से सहयोग कर रहे हैं।
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भूमि अधिग्रहण के दायरे में आने वाले गांवों में चांदामऊ, बादशाहनगर, फत्तापुर कला, पूरेडलई, बेलखरा महफूज, बेलखरा सैलाब, सरायसैफ, रानीमऊ, टिकरी, बसंतपुर, सेमरी, उमरहरा, कमियार, आलियाबाद, पूरेकामगार, गुलचप्पा और बरहुआ शामिल हैं। परियोजना की कार्यदायी संस्था, केसीसी बिल्डकाम प्रा. लि., ने निर्माण कार्य शुरू कर दिया है। हालांकि, मार्ग में आने वाले पक्के मकानों, पेड़ों और बोरिंग जैसी संरचनाओं के मूल्यांकन (एवार्ड) की प्रक्रिया पूरी न होने के कारण भू-स्वामियों को अभी तक मुआवजा नहीं मिल सका था।
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टीम ने किया गांवों का दौराइसी समस्या के समाधान के लिए प्रशासन अब पूरी तरह सक्रिय हो गया है। बुधवार को विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी शम्स तबरेज और बाबू अभिजीत के नेतृत्व में एक राजस्व टीम ने सिकरी, सेमरी, बेलखरा महफूज, बेलखरा सैलाब और बादशाहनगर सहित कई गांवों का दौरा किया। इस दौरान टीम ने स्वामित्व अभिलेखों की गहन जांच की ताकि मुआवजा वितरण प्रक्रिया को सुचारू रूप से संपन्न किया जा सके।
मुआवजा वितरण की समय-सीमा
विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी ने बताया कि पैकेज संख्या पांच के अंतर्गत लगभग 16 किलोमीटर की लंबाई में प्रस्तावित चौरासी कोसी परिक्रमा मार्ग के सभी 18 गांवों में आने वाली संरचनात्मक स्वामित्व के एवार्ड को इसी माह के अंत तक अंतिम रूप देने का प्रयास किया जा रहा है। एवार्ड फाइनल होते ही, सीधे डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के माध्यम से धनराशि भू-स्वामियों के खातों में स्थानांतरित कर दी जाएगी। इस महत्वपूर्ण कार्य में लेखपाल श्रीकांत तिवारी, अवनीश कुमार, अंकित कुमार, अवधेश कुमार रावत और दुर्गेश कुमार भी सक्रिय रूप से सहयोग कर रहे हैं।
