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Barabanki News: डेढ़ घंटे में बना परचा, दो घंटे बाद मिली दवाएं
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Tue, 10 Feb 2026 01:42 AM IST
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जिला अस्पताल के पंजीकरण कक्ष में परचा बनावाने के लिए लाइन में खड़े मरीज।
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बाराबंकी। जिला अस्पताल में लागू की गई क्यूआर कोड व्यवस्था मरीजों को रास नहीं आ रही है। सोमवार को भीड़ अधिक होने के बाद भी मरीज परचा बनवाने के लिए लाइन में लगे नजर आए। इस दौरान मरीजों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा तब जाकर मरीजों का परचा बन सका।
जिला अस्पताल की ओपीडी में सोमवार को करीब 1,759 मरीज इलाज के लिए पहुंचे। इलाज के लिए गुरूबख्श, रिजवान, मुमताज, संजय, सादिया ने बताया कि वह लोग सुबह नौ बजे ही आकर परचा बनवाने के लिए लाइन में लग गए थे। इसके बाद भी करीब डेढ़ घंटे परचा बनवाने में लग गए। इस दौरान डॉक्टर को दिखाने और दवा लेने में करीब दो घंटे लग गए। परचा बनवाने के लिए लाइन में लगे लोगों ने बताया कि अस्पताल प्रशासन ने भले ही क्यूआर कोड व्यवस्था लागू की हो, लेकिन ज्यादातर मरीज गांव से इलाज के लिए आते हैं, जिन्हें फोन चलाने में असुविधा होती है। इसलिए उनके लिए पुरानी व्यवस्था ही बेहतर है।
सोमवार को ओपीडी में सर्दी, जुकाम और बुखार के 389, पेटदर्द के 237, बदन दर्द के 287, त्वचारोग के 369, हड्डीरोग के 312 मरीज देखे गए। इस दौरान 65 लोगों का अल्ट्रासाउंड किए गए, जबकि 198 लोगों का एक्सरे हुआ। 447 लोगों के ब्लड सैंपल लिया गया। सीएमएस डॉ. जेपी मौर्य ने बताया कि क्यूआर कोड व्यवस्था मरीजों की सुविधा के लिए लागू की गई है। इसमें अभी समय लगेगा। धीरे-धीरे व्यवस्था बदलेगी। इन दिनों सर्दी, जुकाम और बुखार तथा सांस रोग के मरीज सबसे ज्यादा आ रहे हैं।
पांचवें दिन भी सही नहीं हुई मशीन
जिला अस्पताल में लगी सीटी स्कैन मशीन पांचवें दिन भी सहीं नहीं हो सकी। इसकी वजह से जांच के लिए आए मरीजों को निराश होकर वापस लौटना पड़ा। सीएमएस ने बताया कि मशीन में तकनीकी दिक्कत आने की वजह से इंजीनियर उसे सही नहीं कर पाए। इसलिए मशीन को सही कराने के लिए कानपुर भेजा गया है।
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जिला अस्पताल की ओपीडी में सोमवार को करीब 1,759 मरीज इलाज के लिए पहुंचे। इलाज के लिए गुरूबख्श, रिजवान, मुमताज, संजय, सादिया ने बताया कि वह लोग सुबह नौ बजे ही आकर परचा बनवाने के लिए लाइन में लग गए थे। इसके बाद भी करीब डेढ़ घंटे परचा बनवाने में लग गए। इस दौरान डॉक्टर को दिखाने और दवा लेने में करीब दो घंटे लग गए। परचा बनवाने के लिए लाइन में लगे लोगों ने बताया कि अस्पताल प्रशासन ने भले ही क्यूआर कोड व्यवस्था लागू की हो, लेकिन ज्यादातर मरीज गांव से इलाज के लिए आते हैं, जिन्हें फोन चलाने में असुविधा होती है। इसलिए उनके लिए पुरानी व्यवस्था ही बेहतर है।
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सोमवार को ओपीडी में सर्दी, जुकाम और बुखार के 389, पेटदर्द के 237, बदन दर्द के 287, त्वचारोग के 369, हड्डीरोग के 312 मरीज देखे गए। इस दौरान 65 लोगों का अल्ट्रासाउंड किए गए, जबकि 198 लोगों का एक्सरे हुआ। 447 लोगों के ब्लड सैंपल लिया गया। सीएमएस डॉ. जेपी मौर्य ने बताया कि क्यूआर कोड व्यवस्था मरीजों की सुविधा के लिए लागू की गई है। इसमें अभी समय लगेगा। धीरे-धीरे व्यवस्था बदलेगी। इन दिनों सर्दी, जुकाम और बुखार तथा सांस रोग के मरीज सबसे ज्यादा आ रहे हैं।
पांचवें दिन भी सही नहीं हुई मशीन
जिला अस्पताल में लगी सीटी स्कैन मशीन पांचवें दिन भी सहीं नहीं हो सकी। इसकी वजह से जांच के लिए आए मरीजों को निराश होकर वापस लौटना पड़ा। सीएमएस ने बताया कि मशीन में तकनीकी दिक्कत आने की वजह से इंजीनियर उसे सही नहीं कर पाए। इसलिए मशीन को सही कराने के लिए कानपुर भेजा गया है।