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Barabanki News: फाल्गुनी मेले को लेकर बच्चे व महिलाओं में खासा उत्साह
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Tue, 10 Feb 2026 01:44 AM IST
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श्रीलोधेश्वर महादेवा मंदिर जयकारा लगाते श्रद्धालु।
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रामनगर। उत्तर भारत के सुप्रसिद्ध शिवतीर्थों में से एक, लोधेश्वर महादेवा धाम, इन दिनों फाल्गुनी मेले के रंग में सराबोर है। श्रद्धा और उल्लास के साथ आयोजित हो रहा यह मेला, न केवल स्थानीय लोगों बल्कि दूर-दूर से आए हजारों श्रद्धालुओं को आकर्षित कर रहा है। विशेष रूप से बच्चे और महिलाएं भी इस पावन आयोजन में बड़ी संख्या में भाग ले रहे हैं।
महाशिवरात्रि के पावन पर्व से ठीक पहले, फाल्गुन मास के प्रत्येक सोमवार को यहां आस्था और भक्ति का ऐसा अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है कि पूरा क्षेत्र ''हर हर बम बम'' के जयघोषों से गूंज उठता है। लखनऊ, हरदोई, उन्नाव, कानपुर, उरई जैसे विभिन्न शहरों से हजारों की संख्या में श्रद्धालु भगवान भोलेनाथ के दर्शनों और जलाभिषेक के लिए पहुंच रहे हैं। यह मेला महाशिवरात्रि तक चलेगा, जिससे आस्था का यह ज्वार जारी रहेगा।
मेले में पहुंचे श्रद्धालुओं के अनुभव उनकी अटूट आस्था को दर्शाते हैं। उन्नाव के श्याम बिहारी, जो अपनी 13 वर्षीय पुत्री शिवानी के साथ पैदल पहुंचे, ने बताया कि शिवानी पिछले तीन वर्षों से उनके साथ मेले में आ रही है। यह परंपरा उनकी गहरी धार्मिक निष्ठा का प्रतीक है। इसी तरह, कानपुर से आए मनोहर, सोहन लाल और रामेश्वर जैसे श्रद्धालुओं ने लोधेश्वर महादेव के प्रति अपनी गहरी आस्था व्यक्त करते हुए कहा कि यहां कांवड़ लेकर आने से उन्हें पूरे साल के लिए ऊर्जा मिलती है और वे मानते हैं कि लोधेश्वर महादेव सभी का कल्याण करते हैं।
सोमवार को मेले में श्रद्धालुओं की भीड़ विशेष रूप से देखने लायक होती है। भोर से ही भगवान शिव के दर्शनों के लिए भक्तों और कांवड़ियों की लंबी कतारें लग जाती हैं, जो घंटों अपनी बारी का इंतजार करते हैं। मंदिर के कपाट खुलते ही श्रद्धालु गर्भगृह में पहुंचकर विधि-विधान से पूजन-अर्चन करते हैं। मंदिर प्रशासन द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं, ताकि दर्शन सुगम हो सकें।
पैदल कांवड़ियों की संख्या में वृद्धि-- -
इस वर्ष लोधेश्वर महादेवा धाम में कांवड़ियों का उत्साह देखते ही बन रहा था। मंदिर परिसर के बाहर और आसपास की सड़कों पर कांवड़ यात्रा में शामिल भक्तों का रेला लगा रहा। विशेष रूप से पैदल कांवड़ियों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई। बड़ी संख्या में कांवड़िये कानपुर के विठूर से गंगाजल लेकर लोधेश्वर धाम पहुंच रहे हैं, जिससे चारों ओर केवल कांवड़ ही दिखाई दे रही है और संपूर्ण वातावरण शिवमय हो गया है।
महिला श्रद्धालुओं की सक्रिय भागीदारी
मेले में महिला श्रद्धालुओं की भागीदारी भी इस बार काफी अधिक देखी गई। वे उत्साहपूर्वक भगवान शिव की आराधना में लीन दिखीं। श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए, मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है। लखनऊ-अयोध्या मार्ग, गोंडा-बहराइच मार्ग, फतेहपुर महमूदाबाद मार्ग व बांदा-बहराइच मार्ग से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए भी व्यवस्थाएं की गई हैं।
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महाशिवरात्रि के पावन पर्व से ठीक पहले, फाल्गुन मास के प्रत्येक सोमवार को यहां आस्था और भक्ति का ऐसा अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है कि पूरा क्षेत्र ''हर हर बम बम'' के जयघोषों से गूंज उठता है। लखनऊ, हरदोई, उन्नाव, कानपुर, उरई जैसे विभिन्न शहरों से हजारों की संख्या में श्रद्धालु भगवान भोलेनाथ के दर्शनों और जलाभिषेक के लिए पहुंच रहे हैं। यह मेला महाशिवरात्रि तक चलेगा, जिससे आस्था का यह ज्वार जारी रहेगा।
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मेले में पहुंचे श्रद्धालुओं के अनुभव उनकी अटूट आस्था को दर्शाते हैं। उन्नाव के श्याम बिहारी, जो अपनी 13 वर्षीय पुत्री शिवानी के साथ पैदल पहुंचे, ने बताया कि शिवानी पिछले तीन वर्षों से उनके साथ मेले में आ रही है। यह परंपरा उनकी गहरी धार्मिक निष्ठा का प्रतीक है। इसी तरह, कानपुर से आए मनोहर, सोहन लाल और रामेश्वर जैसे श्रद्धालुओं ने लोधेश्वर महादेव के प्रति अपनी गहरी आस्था व्यक्त करते हुए कहा कि यहां कांवड़ लेकर आने से उन्हें पूरे साल के लिए ऊर्जा मिलती है और वे मानते हैं कि लोधेश्वर महादेव सभी का कल्याण करते हैं।
सोमवार को मेले में श्रद्धालुओं की भीड़ विशेष रूप से देखने लायक होती है। भोर से ही भगवान शिव के दर्शनों के लिए भक्तों और कांवड़ियों की लंबी कतारें लग जाती हैं, जो घंटों अपनी बारी का इंतजार करते हैं। मंदिर के कपाट खुलते ही श्रद्धालु गर्भगृह में पहुंचकर विधि-विधान से पूजन-अर्चन करते हैं। मंदिर प्रशासन द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं, ताकि दर्शन सुगम हो सकें।
पैदल कांवड़ियों की संख्या में वृद्धि
इस वर्ष लोधेश्वर महादेवा धाम में कांवड़ियों का उत्साह देखते ही बन रहा था। मंदिर परिसर के बाहर और आसपास की सड़कों पर कांवड़ यात्रा में शामिल भक्तों का रेला लगा रहा। विशेष रूप से पैदल कांवड़ियों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई। बड़ी संख्या में कांवड़िये कानपुर के विठूर से गंगाजल लेकर लोधेश्वर धाम पहुंच रहे हैं, जिससे चारों ओर केवल कांवड़ ही दिखाई दे रही है और संपूर्ण वातावरण शिवमय हो गया है।
महिला श्रद्धालुओं की सक्रिय भागीदारी
मेले में महिला श्रद्धालुओं की भागीदारी भी इस बार काफी अधिक देखी गई। वे उत्साहपूर्वक भगवान शिव की आराधना में लीन दिखीं। श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए, मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है। लखनऊ-अयोध्या मार्ग, गोंडा-बहराइच मार्ग, फतेहपुर महमूदाबाद मार्ग व बांदा-बहराइच मार्ग से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए भी व्यवस्थाएं की गई हैं।