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Barabanki News: चार लाख तिरंगों संग चमकेगा नारी शक्ति का स्वाभिमान
Sat, 15 Aug 2026 12:54 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Sat, 15 Aug 2026 12:54 AM IST
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बाराबंकी। आजादी के 80वें पावन पर्व पर जिले की 1155 ग्राम पंचायतों के साथ कार्यालय व स्कूलों में लहराने वाले चार लाख तिरंगों संग नारी शक्ति का स्वाभिमान चमकेगा। हर घर तिरंगा अभियान को धरातल पर उतारने के लिए राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के 152 स्वयं सहायता समूह की 464 दीदियों ने दिन-रात एक कर चार लाख तिरंगे तैयार किए हैं, जो पूरे इलाके को देशभक्ति के रंग में सराबोर करेंगे।
यह झंडे पंचायतों के साथ ही सरकारी व निजी कार्यालय, स्कूल व थानों में भी फहराएं जाएंगे। पूनम (दुर्गा स्वयं सहायता समूह रजईपुर, मसौली), शीला (रविदास स्वयं सहायता समूह मुजफ्फरमऊ देवा) व शशी (राधा महिला स्वयं सहायता समूह केशरूआ देवा) ने 10 हजार से अधिक झंडे बनाए, जिन्हें प्रमाण-पत्र व मोमेंटो देकर सम्मानित किया जाएगा। स्वयं सहायता समूह की दर्जनों महिलाएं बीते एक सप्ताह से लगातार मेहनत कर इन झंडों को तैयार करने में जुटी हुई थी। उपायुक्त स्वत: रोजगार सुनील कुमार कौशल ने बताया कि स्वतंत्रता दिवस को अभूतपूर्व बनाने के लिए जिले के 15 ब्लॉक की 1155 पंचायतों में चार लाख झंडे वितरित किए जा चुके हैं। समूह की महिलाओं ने राष्ट्रप्रेम की भावना के साथ इन्हें तैयार किया है। ग्राम प्रधानों और सचिवों के जरिये हर घर पर तिरंगा फहराने का लक्ष्य तेजी से पूरा किया जा रहा है।
सिलाई संग मिली आर्थिक आजादी
सिलाई की यह मुहिम केवल झंडे तैयार करने तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसने ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक आजादी की राह भी आसान बनी है। इस मुहिम में प्रति झंडा दो रुपये सिलाई के मानदेय से महिलाओं को सीधे रोजगार से जोड़ा गया, जिससे उनके हाथों के हुनर को नया संबल मिला है। तैयार तिरंगों को बीडीओ और बीईओ के माध्यम से सभी ग्राम प्रधानों और ग्राम पंचायत सचिवों और बीईओ कार्यालय से शिक्षकों को सौंप दिया गया है, ताकि 20 रुपये की तय दर पर हर घर तिरंगा के संकल्प को पूरा कराया जा सके।
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यह झंडे पंचायतों के साथ ही सरकारी व निजी कार्यालय, स्कूल व थानों में भी फहराएं जाएंगे। पूनम (दुर्गा स्वयं सहायता समूह रजईपुर, मसौली), शीला (रविदास स्वयं सहायता समूह मुजफ्फरमऊ देवा) व शशी (राधा महिला स्वयं सहायता समूह केशरूआ देवा) ने 10 हजार से अधिक झंडे बनाए, जिन्हें प्रमाण-पत्र व मोमेंटो देकर सम्मानित किया जाएगा। स्वयं सहायता समूह की दर्जनों महिलाएं बीते एक सप्ताह से लगातार मेहनत कर इन झंडों को तैयार करने में जुटी हुई थी। उपायुक्त स्वत: रोजगार सुनील कुमार कौशल ने बताया कि स्वतंत्रता दिवस को अभूतपूर्व बनाने के लिए जिले के 15 ब्लॉक की 1155 पंचायतों में चार लाख झंडे वितरित किए जा चुके हैं। समूह की महिलाओं ने राष्ट्रप्रेम की भावना के साथ इन्हें तैयार किया है। ग्राम प्रधानों और सचिवों के जरिये हर घर पर तिरंगा फहराने का लक्ष्य तेजी से पूरा किया जा रहा है।
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सिलाई संग मिली आर्थिक आजादी
सिलाई की यह मुहिम केवल झंडे तैयार करने तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसने ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक आजादी की राह भी आसान बनी है। इस मुहिम में प्रति झंडा दो रुपये सिलाई के मानदेय से महिलाओं को सीधे रोजगार से जोड़ा गया, जिससे उनके हाथों के हुनर को नया संबल मिला है। तैयार तिरंगों को बीडीओ और बीईओ के माध्यम से सभी ग्राम प्रधानों और ग्राम पंचायत सचिवों और बीईओ कार्यालय से शिक्षकों को सौंप दिया गया है, ताकि 20 रुपये की तय दर पर हर घर तिरंगा के संकल्प को पूरा कराया जा सके।
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