दशहरा 2026: बरेली जिले में 38 जगह होगा रावण के पुतले का दहन, एसपी सिटी ने परखी सुरक्षा व्यवस्था
दशहरा पर बरेली जिले में 38 स्थानों पर रावण के पुतले जलाए जाएंगे। सभी स्थलों पर पुलिस तैनात रहेगी। एसपी सिटी चिराग जैन ने मंगलवार को सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने शांति व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए।
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दशहरा पर बरेली जिले में 38 स्थानों पर रावण के पुतले का दहन किया जाएगा। एसएसपी अनुराग आर्य के निर्देशानुसार सभी पुतला दहन स्थल व मेलों में पुलिस तैनात रहेगी। एसएसपी कार्यालय की सोशल मीडिया सेल के मुताबिक, सबसे अधिक रावण दहन प्रेमनगर में नौ स्थानों पर होगा। बारादरी क्षेत्र में सात जगह पर पुतला दहन होना है। इज्जतनगर क्षेत्र में पांच स्थानों पर रावण के पुतले जलाए जाएंगे।
कोतवाली, सुभाषनगर, कैंट, सिरौली, बहेड़ी और भोजीपुरा में दो-दो जगह रावण दहन होगा। सीबीगंज, आंवला, भमोरा, नवाबगंज और फतेहगंज पश्चिमी में एक-एक स्थान पर पुतला दहन किया जाएगा। सुरक्षा व्यवस्था में तीन एएसपी, आठ डीएसपी, 35 इंस्पेक्टर और 155 दरोगा तैनात रहेंगे। इसके अतिरिक्त, 516 दीवान व सिपाही और दो कंपनी पीएसी भी लगाई गई है।
एसपी सिटी ने परखी सुरक्षा व्यवस्था
दशहरा पर रावण दहन कार्यक्रमों को लेकर पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। मंगलवार को एसपी सिटी चिराग जैन ने प्रेमनगर थाना क्षेत्र के हार्टमैन स्कूल और अशरफ खां छावनी स्थित रावण दहन स्थलों का निरीक्षण किया। उन्होंने आयोजकों से बातचीत कर कार्यक्रम की तैयारियों और सुरक्षा इंतजामों की जानकारी ली।
निरीक्षण के दौरान एसपी सिटी ने संबंधित अधिकारियों और पुलिसकर्मियों को सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम के दौरान शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने के साथ ही आमजन की सुरक्षा और सुविधा का विशेष ध्यान रखा जाए।
महंगाई के तीरों से लंकेश त्रस्त
महंगाई का असर अब त्योहारों और आयोजनों पर भी दिखने लगा है। इस बार दशहरे के पावन पर्व पर रावण, मेघनाद और कुंभकर्ण के पुतलों का दहन करना आयोजकों के लिए काफी महंगा साबित हो रहा है। पुतले बनाने में इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल जैसे बांस, रद्दी, रंगीन और अबरी कागज, गोद तथा आतिशबाजी व पटाखों के दामों में लगातार हुई बढ़ोतरी के कारण निर्माण की कुल लागत में इजाफा हुआ है। इस वजह से कई जगह पुतलों का कद घटा दिया गया है।
बरेली दशहरा रामलीला धार्मिक सेवा समिति के महामंत्री रवि छाबड़ा ने बताया कि इस बार छावनी क्षेत्र की रामलीला में 50 फुट ऊंचे रावण और 40-40 फुट के मेघनाद व कुंभकर्ण के पुतले खड़े किए गए हैं। इन पुतलों के निर्माण पर करीब एक से सवा लाख रुपये तक का खर्च आ रहा है, जबकि यही कार्य दो-तीन साल पहले मात्र 70 से 80 हजार रुपये के भीतर आसानी से पूरा हो जाता था। पुतलों की लंबाई भी ज्यादा रहती थी।
चौधरी तालाब रामलीला समिति की ओर से इस वर्ष 60 फुट का रावण और 55-55 फुट के मेघनाद व कुंभकर्ण के विशाल पुतले डेढ़ लाख रुपये की लागत से तैयार करवाए गए हैं। पुराने शहर के रहने वाले पुतला निर्माता सुनील का कहना है कि वे पिछले एक दशक से अधिक समय से इस कला से जुड़े हैं। निर्माण सामग्री की लागत बढ़ने के कारण उन्हें मजबूरी में पुतलों के दाम बढ़ाने पड़े हैं।