Interview: 'खलनायक को गाली न पड़े तो ऐसी कामयाबी किस काम की', अभिनेता अरुण बख्शी ने साझा किए अनुभव
बॉलीवुड अभिनेता एवं गायक अरुण बख्शी सोमवार को बरेली पहुंचे। उन्होंने अमर उजाला परिवार से मुलाकात की। अमर उजाला से खास बातचीत के दौरान अभिनेता ने फिल्मों में अपने अभिनय को लेकर अनुभव साझा किए।
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अरुण बख्शी कौन हैं, मुझे भी पता नहीं। फिल्मों में ठीक-ठाक काम दिखता रहे। एक-दो अच्छा काम हो जाए, बस यही ख्वाहिश रहती है। खलनायक को गाली न पड़े तो ऐसी कामयाबी किस काम की? ये बातें बॉलीवुड अभिनेता व गायक अरुण बख्शी ने खलनायक की भूमिका पर पूछे गए सवाल के जवाब में कहीं। वह सोमवार को बरेली में अमर उजाला परिवार से मुलाकात करने आए थे।
अरुण बख्शी ने एक फिल्म में अपनी भूमिका का जिक्र किया। कहा कि उसमें उन्होंने एक पाकिस्तानी की भूमिका निभाई थी। यह खलनायक का चरित्र था और उसमें हिंदुस्तानी गाली दे रहे थे। इसका मतलब उन्होंने उस पाकिस्तानी कैरेक्टर को गाली दी। यानी वह उस चरित्र को निभाने में सफल रहे। ऐसा भी नहीं कि लोग खलनायक को अभिनेता के तौर पसंद नहीं करते।
'जाति न संप्रदाय, यही तो है इंडिया'
उन्होंने कहा इंसान को वक्त से साथ बदलते रहना चाहिए। कामयाबी के लिए यह बहुत जरूरी है। दूसरी भाषाओं को भी सीखने की कोशिश करना चाहिए। कुछ फिल्मों में दिलीप कुमार के साथ काम करने को अच्छा अनुभव बताया। अरुण बख्शी क्योलड़िया में एक रोजा इफ्तार में शामिल होने आए थे। उसका जिक्र करते हुए कहा कि वहां सभी जाति-धर्म के लोग थे। इस पर बोले- जाति न संप्रदाय, यही तो है इंडिया। उनके साथ राबर्ट जॉनसन और राकेश मौजूद रहे।
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