Bareilly News: हाउस टैक्स में राहत, शपथ पत्र की बाध्यता खत्म, नगर निगम की बोर्ड बैठक में हुए अहम फैसले
नगर निगम की बोर्ड बैठक शुक्रवार को शहर की समस्याओं और तीखी नोकझोंक के बीच हंगामेदार रही। इस बैठक में पार्षदों ने अधिकारियों को हाउस टैक्स, आवारा पशुओं के आतंक, सफाई व्यवस्था और अधूरे विकास कार्यों जैसे तमाम मुद्दों पर घेरा।
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बरेली में नगर निगम की बोर्ड बैठक शुक्रवार को हंगामेदार रही, जिसमें करदाताओं को हाउस टैक्स में बड़ी राहत मिली। हाउस टैक्स के लिए शपथ पत्र की बाध्यता खत्म की गई और वन टाइम सेटलमेंट (ओटीएस) योजना वर्ष 2012 से लागू करने पर सहमति बनी। पार्षदों ने लावारिस पशुओं के आतंक और अधूरे विकास कार्यों पर अधिकारियों को घेरा। लावारिस कुत्तों और बंदरों के आतंक पर पार्षदों ने नाराजगी जताई।
राजेश अग्रवाल, गौरव सक्सेना, शमीम अहमद, सलीम पटवारी और छंगामल मौर्य ने तत्काल ठोस कदम उठाने की मांग की। अधिकारियों ने अगले 15 दिनों में टेंडर प्रक्रिया पूरी करने का आश्वासन दिया। एक सितंबर से लावारिस कुत्तों और बंदरों को पकड़ने का विशेष अभियान शुरू होगा। महापौर उमेश गौतम ने चेतावनी दी कि अभियान शुरू न होने पर उच्चस्तरीय कार्रवाई की सिफारिश की जाएगी। पार्षद गौरव सक्सेना ने पिछले चार वर्षों में 9241 बंदर पकड़े जाने और 52 लाख 54 हजार रुपये खर्च होने के आंकड़ों पर सवाल उठाए।
हाउस टैक्स और ओटीएस से मिली राहत
नगर निगम बोर्ड ने शहरवासियों को बड़ी राहत दी है। वन टाइम सेटलमेंट (ओटीएस) योजना का लाभ वर्ष 2012 से देने पर सहमति बनी है। इससे करीब सवा लाख करदाताओं को सीधा फायदा मिलेगा। यह योजना 15 अगस्त से 15 दिसंबर तक लागू रहेगी। करदाताओं को स्वयं निवास के संबंध में शपथ पत्र देने की अनिवार्यता भी खत्म कर दी गई है।
विकास प्रस्तावों पर विरोध और मंजूरी
बैठक में कई विकास प्रस्तावों पर चर्चा और विरोध देखने को मिला। छोटी दुकानों को स्वीकृति देने के प्रस्ताव का पार्षदों ने जोरदार विरोध किया। यह प्रस्ताव अगली बोर्ड बैठक तक स्थगित कर दिया गया। दुर्बल आय वर्ग के लिए आवासीय योजना से संबंधित प्रस्ताव को भी अगली बैठक तक टाला गया। हालांकि, मृतक पशुओं के निस्तारण के लिए प्लांट और रजऊ परसपुर में बायोडायवर्सिटी पार्क विकसित करने जैसे प्रस्तावों को मंजूरी मिली।
अन्य प्रमुख मुद्दे और पार्षदों की आपत्तियां
बोर्ड बैठक में फूड कोर्ट और अर्बन हाट के निर्माण को लेकर भी तीखी बहस हुई। पार्षद जयप्रकाश राजपूत व कपिल ने सवाल उठाया कि फूड कोर्ट की जगह जूडियो का शोरूम कैसे बन गया। शिलापट पर विधायकों के नाम लिखे जाने और पार्षदों के नाम न होने का मुद्दा भी उठा। गांधीपुरम में सीवर संकट और रानी लक्ष्मीबाई रामलीला मैदान की दुर्दशा पर भी चर्चा हुई। आजमनगर के पार्षद आरिफ कुरैशी ने अपने घर के बाहर सीवर के पानी की समस्या बताई, जिस पर महापौर ने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।
महापौर उमेश गौतम ने बताया कि बोर्ड बैठक में कई अहम फैसले लिए गए है। 15 दिन के भीतर कुत्तों व बंदरों को पकड़ने के लिए टेंडर किया जाएगा, जिससे लोगों को राहत मिलेगी। बायोडायवर्सिटी पार्क समेत कई प्रस्ताव मंजूर दी गई है।