बरेली: पूर्ति विभाग की टीम ने चीनी गोदामों का खंगाला स्टॉक, जमाखोरी करने वालों पर होगी कार्रवाई
चीनी की बढ़ती कीमतों ने लोगों की चिंता बढ़ा रखी है। बरेली में चीनी के दाम 63 रुपये प्रति किलो के पार पहुंच गए। इस बीच जिला पूर्ति विभाग ने जमाखोरी रोकने के लिए अभियान शुरू कर दिया है। विभागीय टीम ने शुक्रवार को कई चीनी गोदामों में स्टॉक की जांच की गई।
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बरेली में चीनी की बढ़ती कीमतों के बीच जमाखोरी की आशंका पर अंकुश लगाने के लिए शुक्रवार को पूर्ति अधिकारी ने टीम के साथ थोक, फुटकर विक्रेताओं के गोदाम का औचक निरीक्षण किया। स्टॉक रजिस्टर जांचा। चार हजार क्विंटल से अधिक स्टॉक मिलने पर कार्रवाई की चेतावनी दी।
जिला पूर्ति अधिकारी मनीष कुमार सिंह के मुताबिक, मुख्य सचिव की अध्यक्षता में 20 अगस्त को हुई वीडियो कॉन्फ्रेंस में व्यापारियों के स्टॉक की सीमा निर्धारण की जानकारी दी गई। जारी आदेश के तहत कोई भी चीनी व्यापारी चार हजार क्विंटल से अधिक चीनी का स्टॉक नहीं रख सकेगा।
स्टॉक सीमा से अधिक चीनी मिलने पर संबंधित व्यापारी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। चीनी कारोबारियों के स्टॉक की जांच के निर्देश पर शुक्रवार को पूर्ति निरीक्षक के साथ स्टॉक देखा गया। हालांकि, निर्धारित मात्रा से अधिक चीनी का स्टॉक कहीं भी नहीं मिला।
अधिकारी बोले- चीनी की कोई कमी नहीं
जिला पूर्ति अधिकारी ने बताया कि चीनी की कोई कमी नहीं है। लोगों से अपील की है कि चीनी की कमी से संबंधित किसी अफवाह पर ध्यान न दें। अनावश्यक खरीदारी कर भंडारण न करें। अफवाह फैलाने वालों पर भी कार्रवाई होगी। चीनी की उपलब्धता, स्टॉक की निगरानी हो रही है।
धनिया दोगुना, गुड़, खील, बादाम के भी बढ़ गए दाम
चीनी के बढ़ते भाव के बीच माह भर में ही अन्य खाद्य सामग्री की कीमतों में भी तेजी आई है। धनिया 90 से 180 रुपये प्रति किलो पहुंच गया है। इसके अलावा गुड़ और इससे बनने वाला बूरा जो पिछले माह प्रति किलो 50-55 रुपये पर बिका वह 70 रुपये, खील 80 से 90-95 रुपये प्रति किलो, बादाम 920 रुपये से 1,120 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गया है।
श्यामगंज के किराना कारोबारी हार्दिक अरोड़ा ने कहा कि चीनी मिल एथेनॉल उत्पादन बढ़ाने पर फोकस कर रही हैं। उत्पादन घटने की वजह से ही चीनी के दाम बढ़ रहे हैं। अन्य खाद्यान्न के भाव परिवहन व पैकेजिंग लागत में वृद्धि के चलते बढ़ने की बात कही।