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Basti News: कृमि मुक्ति दिवस पर सात लाख बच्चों को खिलाई गई अल्बेंडाजोल की गोली
Fri, 14 Aug 2026 11:55 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Fri, 14 Aug 2026 11:55 PM IST
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बस्ती। राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस पर शुक्रवार को मुख्य कार्यक्रम गांधीनगर स्कूल में हुआ। सीएमओ डॉ. राजीव निगम ने पेट से कीड़ा निकालने की दवा अल्बेंडाजोल बच्चों को खिलाकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। लगभग 11 सौ बच्चों को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अपनी देख-रेख में दवा खिलाई। जिलेभर में कुल, सात लाख बच्चों को दवा दी गई। अभियान में एक से 19 साल के 11 लाख बच्चों को यह दवा खिलाई जानी है।
सीएमओ ने कहा कि कुपोषण से बचाव के लिए प्रत्येक बच्चे को यह दवा खिलाई जा रही है। दवा पूरी तरह सुरक्षित है और इसका कोई साइड इफेक्ट नहीं है। अगर बच्चे के पेट में पलने वाले कीड़े से संक्रमण होता है तो इससे कुपोषण, पेट दर्द, खून की कमी, पढ़ाई में ध्यान न लगना, शारीरिक व मानसिक विकास में बाधा हो सकती है। एक बार यह दवा खिला देने से पेट में पलने वाला कीड़ा बाहर निकल जाता है। इससे कुपोषण से जहां बच्चे का बचाव होता है, वहीं शरीर में पोषक तत्वों का बेहतर अवशोषण होता है। यह बच्चों की बुद्धि और मानसिक विकास में मददगार है।
डीसीपीएम दुर्गेश कुमार मल्ल ने बताया कि 11 लाख बच्चों को प्रतिरक्षित करने का लक्ष्य है। शुक्रवार को लगभग 60 प्रतिशत बच्चों को दवा खिलाई गई है। जिले के 2,649 आंगनबाड़ी केंद्रों व 2,653 विद्यालयों में दिवस पर अल्बेंडाजोल की गोली खिलवाई गई है। नोडल अर्बन हेल्थ सचिन चौरसिया ने बताया कि दवा खिलाने की जिम्मेदारी शिक्षकों व आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को सौंपी गई है। नोडल अधिकारी डॉ. एके चौधरी ने बताया कि मॉपअप दिवस 18 अगस्त को होगा जिसमें छूटे बच्चों को दवा खिलाई जाएगी।
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सीएमओ ने कहा कि कुपोषण से बचाव के लिए प्रत्येक बच्चे को यह दवा खिलाई जा रही है। दवा पूरी तरह सुरक्षित है और इसका कोई साइड इफेक्ट नहीं है। अगर बच्चे के पेट में पलने वाले कीड़े से संक्रमण होता है तो इससे कुपोषण, पेट दर्द, खून की कमी, पढ़ाई में ध्यान न लगना, शारीरिक व मानसिक विकास में बाधा हो सकती है। एक बार यह दवा खिला देने से पेट में पलने वाला कीड़ा बाहर निकल जाता है। इससे कुपोषण से जहां बच्चे का बचाव होता है, वहीं शरीर में पोषक तत्वों का बेहतर अवशोषण होता है। यह बच्चों की बुद्धि और मानसिक विकास में मददगार है।
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डीसीपीएम दुर्गेश कुमार मल्ल ने बताया कि 11 लाख बच्चों को प्रतिरक्षित करने का लक्ष्य है। शुक्रवार को लगभग 60 प्रतिशत बच्चों को दवा खिलाई गई है। जिले के 2,649 आंगनबाड़ी केंद्रों व 2,653 विद्यालयों में दिवस पर अल्बेंडाजोल की गोली खिलवाई गई है। नोडल अर्बन हेल्थ सचिन चौरसिया ने बताया कि दवा खिलाने की जिम्मेदारी शिक्षकों व आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को सौंपी गई है। नोडल अधिकारी डॉ. एके चौधरी ने बताया कि मॉपअप दिवस 18 अगस्त को होगा जिसमें छूटे बच्चों को दवा खिलाई जाएगी।
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