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Basti News: सरयू का जलस्तर स्थिर, कटान जारी, ग्रामीणों में दहशत
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कटान रोकने के लिए मरम्मत कार्य करते श्रमिक फोटो स्रोत बाढ खंड
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बस्ती। सरयू नदी का जलस्तर शुक्रवार सुबह स्थिर हो गया, लेकिन तटवर्ती इलाकों में कटान का सिलसिला जारी है। इससे विक्रमजोत, दुबौलिया, बहादुरपुर और कुदरहा क्षेत्र के आंशिक रूप से प्रभावित गांवों में ग्रामीणों की चिंता बनी हुई है। कटान के चलते हर दिन किसानों की उपजाऊ कृषि भूमि नदी की धारा में समा रही है।
दुबौलिया क्षेत्र में उमरिया रिंगबांध के पास कटान रोकने के लिए बाढ़ खंड की ओर से परकोपाइन, गैबियन समेत अन्य बचाव कार्य कराए जा रहे हैं। वहीं माझा अशोकपुर के पश्चिमी हिस्से में लगातार कृषि योग्य जमीन कटकर नदी में समा रही है। माझा क्षेत्र के निचले इलाकों में दोबारा पानी फैलने लगा है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के पशुपालक नाव के सहारे पशुओं के लिए हरे चारे की व्यवस्था कर रहे हैं।
केंद्रीय जल आयोग, अयोध्या कार्यालय के अनुसार शुक्रवार शाम पांच बजे सरयू का जलस्तर 92.54 मीटर दर्ज किया गया। यह खतरे के निशान 92.73 मीटर से 19 सेंटीमीटर नीचे है। बाढ़ पूर्वानुमान के अनुसार अगले 24 घंटे में नदी का जलस्तर घटने की संभावना है। हालांकि कटान जारी रहने से तटवर्ती क्षेत्रों के लोगों की चिंता कम नहीं हुई है।
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कटान प्रभावित गांवों में निगरानी बढ़ी
विक्रमजोत। सरयू का जलस्तर स्थिर होने के बावजूद कटान प्रभावित गांवों में ग्रामीणों को राहत नहीं मिली है। लकड़ी पांडेय, पकड़ी संग्राम, लकड़ी दूबे और अर्जुनपुर समेत अन्य गांवों में कृषि भूमि के साथ आबादी वाले क्षेत्रों पर भी कटान का खतरा बना हुआ है। बाढ़ खंड के अधिकारी प्रभावित स्थलों पर लगातार निगरानी कर रहे हैं और जरूरत के अनुसार बचाव कार्य कराया जा रहा है।
कोटकटान प्रभावित स्थलों पर लगातार निगरानी की जा रही है। बचाव कार्य भी कराए जा रहे हैं। ग्रामीणों को भी अलर्ट किया जा रहा है। अभी कोई खतरा नहीं है।
-दिनेश कुमार, एक्सईएन, बाढ़ खंड, बस्ती।
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दुबौलिया क्षेत्र में उमरिया रिंगबांध के पास कटान रोकने के लिए बाढ़ खंड की ओर से परकोपाइन, गैबियन समेत अन्य बचाव कार्य कराए जा रहे हैं। वहीं माझा अशोकपुर के पश्चिमी हिस्से में लगातार कृषि योग्य जमीन कटकर नदी में समा रही है। माझा क्षेत्र के निचले इलाकों में दोबारा पानी फैलने लगा है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के पशुपालक नाव के सहारे पशुओं के लिए हरे चारे की व्यवस्था कर रहे हैं।
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केंद्रीय जल आयोग, अयोध्या कार्यालय के अनुसार शुक्रवार शाम पांच बजे सरयू का जलस्तर 92.54 मीटर दर्ज किया गया। यह खतरे के निशान 92.73 मीटर से 19 सेंटीमीटर नीचे है। बाढ़ पूर्वानुमान के अनुसार अगले 24 घंटे में नदी का जलस्तर घटने की संभावना है। हालांकि कटान जारी रहने से तटवर्ती क्षेत्रों के लोगों की चिंता कम नहीं हुई है।
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कटान प्रभावित गांवों में निगरानी बढ़ी
विक्रमजोत। सरयू का जलस्तर स्थिर होने के बावजूद कटान प्रभावित गांवों में ग्रामीणों को राहत नहीं मिली है। लकड़ी पांडेय, पकड़ी संग्राम, लकड़ी दूबे और अर्जुनपुर समेत अन्य गांवों में कृषि भूमि के साथ आबादी वाले क्षेत्रों पर भी कटान का खतरा बना हुआ है। बाढ़ खंड के अधिकारी प्रभावित स्थलों पर लगातार निगरानी कर रहे हैं और जरूरत के अनुसार बचाव कार्य कराया जा रहा है।
कोटकटान प्रभावित स्थलों पर लगातार निगरानी की जा रही है। बचाव कार्य भी कराए जा रहे हैं। ग्रामीणों को भी अलर्ट किया जा रहा है। अभी कोई खतरा नहीं है।
-दिनेश कुमार, एक्सईएन, बाढ़ खंड, बस्ती।