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Basti News: बीडीए विकसित करेगा नई कॉलोनी, 100 एकड़ जमीन की तलाश तेज
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बीडीए कार्यालय बस्ती संवाद
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बस्ती। शहर के सुनियोजित विस्तार की दिशा में बस्ती विकास प्राधिकरण (बीडीए) ने नई कॉलोनी विकसित करने की तैयारी शुरू कर दी है। आवास विकास परिषद की तर्ज पर विकसित होने वाली इस कॉलोनी के लिए करीब 100 एकड़ जमीन की तलाश तेज कर दी गई है। भूमि उपलब्ध होने के बाद प्रस्ताव तैयार कर शासन से मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। कॉलोनी का विकास अवस्थापना मद से कराने की योजना है।
प्रस्तावित कॉलोनी में आधुनिक सुविधाओं को प्राथमिकता दी जाएगी। विद्युत लाइन भूमिगत होंगी, जिससे लटकते तारों और जर्जर विद्युत खंभों की समस्या से निजात मिलेगी। चौड़ी सड़कें, पाथवे, वॉकिंग ट्रैक, हरित पट्टियां और प्रत्येक सेक्टर में पार्क विकसित किए जाएंगे। अत्याधुनिक सीवर व्यवस्था भी प्रस्तावित है। बीडीए का मानना है कि सुनियोजित कॉलोनी विकसित होने से लोगों को आवास की सुविधा मिलेगी और शहर के अनियोजित विस्तार पर भी अंकुश लगेगा। इसके साथ ही बिना मानकों के विकसित की जा रही अवैध कॉलोनियों के खिलाफ कार्रवाई तेज करने की तैयारी है। प्राधिकरण क्षेत्र में बिना नक्शा स्वीकृत कराए भवन निर्माण कराने वाले 36 संचालकों को नोटिस जारी किए जा चुके हैं।
बस्ती विकास प्राधिकरण के क्षेत्र में 217 गांव शामिल हैं। इसका कुल क्षेत्रफल करीब 151 वर्ग किलोमीटर है। वर्तमान में बीडीए ने सड़क, चौक-चौराहों और अन्य अवस्थापना कार्यों पर ही अधिक ध्यान दिया है। प्राधिकरण के पास अभी अपनी कोई आवासीय कॉलोनी नहीं है। नई कॉलोनी बनने से बीडीए क्षेत्र में आवासीय विकास को गति मिलने की उम्मीद है।
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-- -- -- -- -- -- -आवास विकास परिषद की भी नई योजना
जिले में उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद की ओर से भी नई आवासीय योजना प्रस्तावित है। लखनऊ-गोरखपुर हाईवे के पास करीब 282 एकड़ भूमि चिह्नित की गई है। यह भूमि महुड़र, खुटहना और हथियागढ़ ग्राम पंचायतों के अंतर्गत बताई गई है। प्रस्तावित स्थल राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज, हथियागढ़ के सामने स्थित है। परियोजना पर अंतिम निर्णय से पहले चिह्नित भूमि का समग्र परीक्षण किया जाएगा। इसके लिए शासन स्तर पर स्थल चयन समिति गठित की गई है। प्रदेश और जिला स्तर की समितियों की जांच व अनुमोदन के बाद ही योजना पर आगे की कार्रवाई होगी। योजना का उद्देश्य स्थानीय लोगों को आवास उपलब्ध कराने के साथ क्षेत्रीय विकास को गति देना है।
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समिति करेगी स्थल का परीक्षण
स्थल चयन समिति में अपर आवास आयुक्त एवं सचिव को अध्यक्ष बनाया गया है। मुख्य अभियंता, मुख्य वास्तुविद नियोजक और उप आवास आयुक्त (भूमि) समेत संबंधित विभागों के अधिकारियों को सदस्य नामित किया गया है। जिला स्तर की समिति प्रदेश स्तरीय समिति को आवश्यक सहयोग देगी। इसमें जिलाधिकारी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी शामिल हैं। इस समिति में डीएम, उ.प्र. आवास आयुक्त भूमि, अधीक्षण अभियंता, गोरखपुर वृत्त, गोरखपुर, वास्तुकला एवं नियोजन इकाई छह लखनऊ, अधिशासी अभियंता, निर्माण खंड गोरखपुर व अधिशासी अभियंता उप्र जल निगम बस्ती को शामिल किया गया है।
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तीन बिल्डरों के ले-आउट स्वीकृत
बीडीए क्षेत्र में निजी बिल्डरों की ओर से भी आवासीय कॉलोनी विकसित करने की तैयारी है। अब तक तीन बिल्डरों के ले-आउट स्वीकृत किए जा चुके हैं। रेलवे स्टेशन रोड और बस्ती-सोनूपार रोड पर तीन-तीन हजार वर्गमीटर तथा वाल्टरगंज मार्ग स्थित भोला रेहार में 18 हजार वर्गमीटर क्षेत्र के ले-आउट को मंजूरी मिली है।
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इन कार्यों पर भी हुआ काम
बीडीए की ओर से डारीडीहा से भदेश्वरनाथ मार्ग पर स्ट्रीट लाइट, मालवीय रोड का निर्माण, सेंट बेसिल्स के पास सीसी सड़क, शक्ति चौक, कंपनीबाग में नाला क्रॉसिंग तथा शास्त्री चौक पर तिरंगा और सौंदर्यीकरण का कार्य कराया जा चुका है। न्याय मार्ग, तहसील मार्ग और कंपनीबाग-कबीर तिराहा मार्ग के निर्माण व मरम्मत का काम चल रहा है। दो वेंडिंग जोन पर भी कार्य शुरू हो चुका है।
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व्यापारी बोले-
शहर का दायरा बढ़ने के साथ जमीन महंगी हो रही है। नई कॉलोनी में फ्लैट की सुविधा मिलने से लोगों को सहूलियत होगी और शहर के आसपास व्यवस्थित आवास उपलब्ध हो सकेंगे।
-अभिषेक सिंह, कारोबारी
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नई कॉलोनी से शहर का विस्तार होगा। आबादी बढ़ने के साथ कारोबार और रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। योजना व्यवस्थित ढंग से लागू हुई तो इसका लाभ शहरवासियों को मिलेगा।
-दीपक, सिविल इंजीनियर
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कोट
नई कॉलोनी विकसित करने के लिए जमीन की तलाश की जा रही है। भूमि मिलने के बाद प्रस्ताव तैयार कर मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। अभी बीडीए की अपनी कोई आवासीय कॉलोनी नहीं है।
-कीर्ति प्रकाश भारती, सचिव, बीडीए, बस्ती।
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प्रस्तावित कॉलोनी में आधुनिक सुविधाओं को प्राथमिकता दी जाएगी। विद्युत लाइन भूमिगत होंगी, जिससे लटकते तारों और जर्जर विद्युत खंभों की समस्या से निजात मिलेगी। चौड़ी सड़कें, पाथवे, वॉकिंग ट्रैक, हरित पट्टियां और प्रत्येक सेक्टर में पार्क विकसित किए जाएंगे। अत्याधुनिक सीवर व्यवस्था भी प्रस्तावित है। बीडीए का मानना है कि सुनियोजित कॉलोनी विकसित होने से लोगों को आवास की सुविधा मिलेगी और शहर के अनियोजित विस्तार पर भी अंकुश लगेगा। इसके साथ ही बिना मानकों के विकसित की जा रही अवैध कॉलोनियों के खिलाफ कार्रवाई तेज करने की तैयारी है। प्राधिकरण क्षेत्र में बिना नक्शा स्वीकृत कराए भवन निर्माण कराने वाले 36 संचालकों को नोटिस जारी किए जा चुके हैं।
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बस्ती विकास प्राधिकरण के क्षेत्र में 217 गांव शामिल हैं। इसका कुल क्षेत्रफल करीब 151 वर्ग किलोमीटर है। वर्तमान में बीडीए ने सड़क, चौक-चौराहों और अन्य अवस्थापना कार्यों पर ही अधिक ध्यान दिया है। प्राधिकरण के पास अभी अपनी कोई आवासीय कॉलोनी नहीं है। नई कॉलोनी बनने से बीडीए क्षेत्र में आवासीय विकास को गति मिलने की उम्मीद है।
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जिले में उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद की ओर से भी नई आवासीय योजना प्रस्तावित है। लखनऊ-गोरखपुर हाईवे के पास करीब 282 एकड़ भूमि चिह्नित की गई है। यह भूमि महुड़र, खुटहना और हथियागढ़ ग्राम पंचायतों के अंतर्गत बताई गई है। प्रस्तावित स्थल राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज, हथियागढ़ के सामने स्थित है। परियोजना पर अंतिम निर्णय से पहले चिह्नित भूमि का समग्र परीक्षण किया जाएगा। इसके लिए शासन स्तर पर स्थल चयन समिति गठित की गई है। प्रदेश और जिला स्तर की समितियों की जांच व अनुमोदन के बाद ही योजना पर आगे की कार्रवाई होगी। योजना का उद्देश्य स्थानीय लोगों को आवास उपलब्ध कराने के साथ क्षेत्रीय विकास को गति देना है।
समिति करेगी स्थल का परीक्षण
स्थल चयन समिति में अपर आवास आयुक्त एवं सचिव को अध्यक्ष बनाया गया है। मुख्य अभियंता, मुख्य वास्तुविद नियोजक और उप आवास आयुक्त (भूमि) समेत संबंधित विभागों के अधिकारियों को सदस्य नामित किया गया है। जिला स्तर की समिति प्रदेश स्तरीय समिति को आवश्यक सहयोग देगी। इसमें जिलाधिकारी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी शामिल हैं। इस समिति में डीएम, उ.प्र. आवास आयुक्त भूमि, अधीक्षण अभियंता, गोरखपुर वृत्त, गोरखपुर, वास्तुकला एवं नियोजन इकाई छह लखनऊ, अधिशासी अभियंता, निर्माण खंड गोरखपुर व अधिशासी अभियंता उप्र जल निगम बस्ती को शामिल किया गया है।
तीन बिल्डरों के ले-आउट स्वीकृत
बीडीए क्षेत्र में निजी बिल्डरों की ओर से भी आवासीय कॉलोनी विकसित करने की तैयारी है। अब तक तीन बिल्डरों के ले-आउट स्वीकृत किए जा चुके हैं। रेलवे स्टेशन रोड और बस्ती-सोनूपार रोड पर तीन-तीन हजार वर्गमीटर तथा वाल्टरगंज मार्ग स्थित भोला रेहार में 18 हजार वर्गमीटर क्षेत्र के ले-आउट को मंजूरी मिली है।
इन कार्यों पर भी हुआ काम
बीडीए की ओर से डारीडीहा से भदेश्वरनाथ मार्ग पर स्ट्रीट लाइट, मालवीय रोड का निर्माण, सेंट बेसिल्स के पास सीसी सड़क, शक्ति चौक, कंपनीबाग में नाला क्रॉसिंग तथा शास्त्री चौक पर तिरंगा और सौंदर्यीकरण का कार्य कराया जा चुका है। न्याय मार्ग, तहसील मार्ग और कंपनीबाग-कबीर तिराहा मार्ग के निर्माण व मरम्मत का काम चल रहा है। दो वेंडिंग जोन पर भी कार्य शुरू हो चुका है।
व्यापारी बोले-
शहर का दायरा बढ़ने के साथ जमीन महंगी हो रही है। नई कॉलोनी में फ्लैट की सुविधा मिलने से लोगों को सहूलियत होगी और शहर के आसपास व्यवस्थित आवास उपलब्ध हो सकेंगे।
-अभिषेक सिंह, कारोबारी
नई कॉलोनी से शहर का विस्तार होगा। आबादी बढ़ने के साथ कारोबार और रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। योजना व्यवस्थित ढंग से लागू हुई तो इसका लाभ शहरवासियों को मिलेगा।
-दीपक, सिविल इंजीनियर
कोट
नई कॉलोनी विकसित करने के लिए जमीन की तलाश की जा रही है। भूमि मिलने के बाद प्रस्ताव तैयार कर मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। अभी बीडीए की अपनी कोई आवासीय कॉलोनी नहीं है।
-कीर्ति प्रकाश भारती, सचिव, बीडीए, बस्ती।