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Basti News: महंगाई की मार, अब बेटियों को नहीं मिलेगा पायल व बिछिया
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बस्ती। जिले को मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत मिले 1151 शादियों के लक्ष्य के साथ ही सरकारी नेग भी बदल गया है। चांदी के मूल्य में बढ़ोतरी के कारण ब्याह में शामिल होने वाली बेटियों को अब नेग में चांदी की पायल और बिछिया नहीं मिलेगी। इसके एवज में चार हजार रुपये बेटियों के खाते में अलग से भेजे जाएंगे। जिले में सामूहिक विवाह का आयोजन जुलाई माह में कराने की तैयारी है।
जिला समाज कल्याण अधिकारी लालजी यादव ने बताया कि इस साल समाज कल्याण विभाग को 1151 बेटियों का सामूहिक विवाह कराने का लक्ष्य मिला है। तय लक्ष्य के अनुसार 31 मार्च 2027 से पहले जिले में बेटियों का सामूहिक विवाह आयोजित होगा। इसके लिए अभी तक 2225 आवेदन आ चुके हैं। बताया गया कि प्रथम चरण में 920 शादी के लिए 2.64 करोड़ रुपये की धनराशि आ चुकी है, जबकि शादियों के लिए धनराशि आनी शेष है। लक्ष्य के अनुसार, विभाग ने सभी 14 ब्लॉकों को 60-60 शादी कराने का लक्ष्य दिया गया है, जबकि एक नगर पालिका बस्ती को 10 और 10 नगर पंचायतों के लिए सात-सात शादियां कराए जाने का लक्ष्य जारी किया गया है। चयन की कार्रवाई भी शुरू हो चुकी है।
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में इस बार से उपहार की व्यवस्था में भी बदलाव किया गया है। अब उपहारों के साथ बेटियों को चांदी की पायल और बिछिया नहीं मिलेगी। हालांकि अब 60-60 हजार रुपये बेटियों के खातों में नहीं बल्कि 64-64 हजार रुपये भेजे जाएंगे। विदाई के समय बेटियों को 21 हजार रुपये की गृहस्थी की सामग्री भी प्रदान की जाएगी।
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एक शादी पर कुल, एक लाख रुपये की रकम खर्च होती है। लोगों का कहना है कि, चांदी के बढ़ते दर से चिंतित सरकार ने पायल-बिछिया को नेग से हटाकर उसे चार हजार रुपये नकदी देने का फैसला किया है। हालांकि, इस साल लक्ष्य दोगुना होने से तमाम गरीब परिवार इसका लाभ उठा सकेगा और योजना के तहत बाबुल अपने बेटी के हाथ पीला करवा सकेंगे।
जिला समाज कल्याण अधिकारी लालजी यादव ने बताया कि इस साल समाज कल्याण विभाग को 1151 बेटियों का सामूहिक विवाह कराने का लक्ष्य मिला है। तय लक्ष्य के अनुसार 31 मार्च 2027 से पहले जिले में बेटियों का सामूहिक विवाह आयोजित होगा। इसके लिए अभी तक 2225 आवेदन आ चुके हैं। बताया गया कि प्रथम चरण में 920 शादी के लिए 2.64 करोड़ रुपये की धनराशि आ चुकी है, जबकि शादियों के लिए धनराशि आनी शेष है। लक्ष्य के अनुसार, विभाग ने सभी 14 ब्लॉकों को 60-60 शादी कराने का लक्ष्य दिया गया है, जबकि एक नगर पालिका बस्ती को 10 और 10 नगर पंचायतों के लिए सात-सात शादियां कराए जाने का लक्ष्य जारी किया गया है। चयन की कार्रवाई भी शुरू हो चुकी है।
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उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में इस बार से उपहार की व्यवस्था में भी बदलाव किया गया है। अब उपहारों के साथ बेटियों को चांदी की पायल और बिछिया नहीं मिलेगी। हालांकि अब 60-60 हजार रुपये बेटियों के खातों में नहीं बल्कि 64-64 हजार रुपये भेजे जाएंगे। विदाई के समय बेटियों को 21 हजार रुपये की गृहस्थी की सामग्री भी प्रदान की जाएगी।
एक शादी पर कुल, एक लाख रुपये की रकम खर्च होती है। लोगों का कहना है कि, चांदी के बढ़ते दर से चिंतित सरकार ने पायल-बिछिया को नेग से हटाकर उसे चार हजार रुपये नकदी देने का फैसला किया है। हालांकि, इस साल लक्ष्य दोगुना होने से तमाम गरीब परिवार इसका लाभ उठा सकेगा और योजना के तहत बाबुल अपने बेटी के हाथ पीला करवा सकेंगे।