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Basti News: विद्यालय में गुटखा खाते मिले प्रभारी प्रधानाध्यापक, निलंबित
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बस्ती। मिड-डे मील में अनियमितता और विद्यालय में गुटखा खाने के मामले में बहादुरपुर विकासखंड के प्राथमिक विद्यालय कैथवलिया के प्रभारी प्रधानाध्यापक अभिषेक रंजन श्रीवास्तव को निलंबित कर दिया गया है। निलंबन अवधि में उन्हें प्राथमिक विद्यालय पिडावल, विकासखंड बहादुरपुर से संबद्ध किया गया है। मामले की आगे की जांच नगर क्षेत्र के बीईओ विनोद कुमार त्रिपाठी को सौंपी गई है।
कैथवलिया गांव निवासी शोभनाथ ने 22 मई को मुख्य सचिव और जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देकर प्रभारी प्रधानाध्यापक पर विद्यालय में शराब के नशे में आने और गुटखा खाने समेत कई आरोप लगाए थे। शिकायत में महिला शिक्षिका के समय से विद्यालय नहीं पहुंचने और बच्चों के साथ मारपीट करने का भी आरोप लगाया गया था। इसके अलावा चार वर्षों से बच्चों को मिड-डे मील नहीं मिलने, फर्जी खर्च दिखाकर सरकारी धन के दुरुपयोग और बच्चों की कम उपस्थिति की शिकायत की गई थी।
जिलाधिकारी के निर्देश पर बीएसए ने मामले की जांच बीईओ बहादुरपुर को सौंपी। बीईओ की जांच रिपोर्ट के अनुसार, दो जुलाई 2026 को विद्यालय पहुंचने पर प्रभारी प्रधानाध्यापक के मुंह से गुटखे की गंध आ रही थी। उस समय विद्यालय में मध्याह्न भोजन नहीं बन रहा था और रसोइया भी अनुपस्थित थी। एमडीएम रजिस्टर में पांच बच्चों के लिए भोजन बनना दर्ज था।
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जांच में 30 जून और एक जुलाई को रजिस्टर में क्रमश: आठ और 10 बच्चों की उपस्थिति दर्ज मिली, लेकिन इसका मौके पर सत्यापन नहीं हो सका। इससे पहले 12 मई की जांच में रजिस्टर में 15 बच्चों की उपस्थिति दर्ज थी, जबकि मौके पर सिर्फ तीन बच्चे मिले थे।
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स्कूल में कई व्यवस्थाएं मिलीं बदहाल
जांच के दौरान विद्यालय की टोंटी क्षतिग्रस्त मिली। रनिंग वाटर की व्यवस्था भी ठीक नहीं थी। शौचालय बदहाल था और पानी की समुचित व्यवस्था नहीं मिली। इसके अलावा टीएलएम, पीटीएम, स्टॉक रजिस्टर और एसएमसी से संबंधित अभिलेख भी उपलब्ध नहीं मिले। जांच में यह भी सामने आया कि एसएमसी के खाते से प्रभारी प्रधानाध्यापक ने स्वयं धनराशि निकाली थी, जबकि उसके बिल-बाउचर किसी अन्य फर्म के नाम के लगाए गए थे। बीईओ की रिपोर्ट के आधार पर बीएसए ने कार्रवाई करते हुए प्रभारी प्रधानाध्यापक को निलंबित कर दिया।
कोट
शिकायतकर्ता ने मुख्य सचिव और डीएम से शिकायत की थी। इसकी जांच बीईओ बहादुरपुर को सौंपी गई थी। बीईओ की रिपोर्ट के आधार पर प्रभारी प्रधानाध्यापक को निलंबित किया गया है। आगे की जांच बीईओ नगरीय क्षेत्र को सौंपी गई है।
-अनूप कुमार, बीएसए
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कैथवलिया गांव निवासी शोभनाथ ने 22 मई को मुख्य सचिव और जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देकर प्रभारी प्रधानाध्यापक पर विद्यालय में शराब के नशे में आने और गुटखा खाने समेत कई आरोप लगाए थे। शिकायत में महिला शिक्षिका के समय से विद्यालय नहीं पहुंचने और बच्चों के साथ मारपीट करने का भी आरोप लगाया गया था। इसके अलावा चार वर्षों से बच्चों को मिड-डे मील नहीं मिलने, फर्जी खर्च दिखाकर सरकारी धन के दुरुपयोग और बच्चों की कम उपस्थिति की शिकायत की गई थी।
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जिलाधिकारी के निर्देश पर बीएसए ने मामले की जांच बीईओ बहादुरपुर को सौंपी। बीईओ की जांच रिपोर्ट के अनुसार, दो जुलाई 2026 को विद्यालय पहुंचने पर प्रभारी प्रधानाध्यापक के मुंह से गुटखे की गंध आ रही थी। उस समय विद्यालय में मध्याह्न भोजन नहीं बन रहा था और रसोइया भी अनुपस्थित थी। एमडीएम रजिस्टर में पांच बच्चों के लिए भोजन बनना दर्ज था।
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जांच में 30 जून और एक जुलाई को रजिस्टर में क्रमश: आठ और 10 बच्चों की उपस्थिति दर्ज मिली, लेकिन इसका मौके पर सत्यापन नहीं हो सका। इससे पहले 12 मई की जांच में रजिस्टर में 15 बच्चों की उपस्थिति दर्ज थी, जबकि मौके पर सिर्फ तीन बच्चे मिले थे।
स्कूल में कई व्यवस्थाएं मिलीं बदहाल
जांच के दौरान विद्यालय की टोंटी क्षतिग्रस्त मिली। रनिंग वाटर की व्यवस्था भी ठीक नहीं थी। शौचालय बदहाल था और पानी की समुचित व्यवस्था नहीं मिली। इसके अलावा टीएलएम, पीटीएम, स्टॉक रजिस्टर और एसएमसी से संबंधित अभिलेख भी उपलब्ध नहीं मिले। जांच में यह भी सामने आया कि एसएमसी के खाते से प्रभारी प्रधानाध्यापक ने स्वयं धनराशि निकाली थी, जबकि उसके बिल-बाउचर किसी अन्य फर्म के नाम के लगाए गए थे। बीईओ की रिपोर्ट के आधार पर बीएसए ने कार्रवाई करते हुए प्रभारी प्रधानाध्यापक को निलंबित कर दिया।
कोट
शिकायतकर्ता ने मुख्य सचिव और डीएम से शिकायत की थी। इसकी जांच बीईओ बहादुरपुर को सौंपी गई थी। बीईओ की रिपोर्ट के आधार पर प्रभारी प्रधानाध्यापक को निलंबित किया गया है। आगे की जांच बीईओ नगरीय क्षेत्र को सौंपी गई है।
-अनूप कुमार, बीएसए