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Basti News: पेट संबंधी बिमारियों का बढ़ा प्रकोप, ओपीडी में कतार
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जिला अस्पताल में मरीजों की जांच करते फिजीशियन डॉ. एसडी ओझा संवाद
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बस्ती। करीब एक सप्ताह से मौसम के मिजाज में आए बदलाव ने आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। गर्मी की इस मार का सीधा असर जिला अस्पताल की ओपीडी में देखने को मिल रहा है जहां रोजाना मरीजों की लंबी कतारें लग रही हैं। विशेष रूप से मेडिसिन विभाग में स्वास्थ्य जांच के लिए पहुंचने वाले लोगों की संख्या में इजाफा हुआ है।
जिला अस्पताल के मेडिसिन विभाग की ओपीडी में हर रोज 200 से अधिक मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। इनमें अधिकांश मरीज उल्टी, दस्त, बुखार और पेट दर्द जैसी शिकायतों से पीड़ित हैं। चिकित्सकों का मानना है कि तापमान में अचानक हुई वृद्धि और गर्म हवाओं के कारण लोगों का पाचन तंत्र प्रभावित हो रहा है जिससे संक्रमण के मामले बढ़ रहे हैं। फिजीशियन डॉ. एसडी ओझा ने लोगों को इस मौसम में विशेष सावधानियां बरतने की सलाह दी है।
उन्होंने कहा कि इस मौसम में खानपान के प्रति थोड़ी सी भी लापरवाही सेहत पर भारी पड़ सकती है। संक्रमण से बचने के लिए लोगों को केवल घर पर बना पौष्टिक आहार ही लेना चाहिए। बाहर खुले में बिकने वाले खाद्य पदार्थों और कटे हुए फलों से पूरी तरह परहेज करना स्वास्थ्य के लिए बेहतर है, क्योंकि गर्मी में बैक्टीरिया तेजी से पनपते हैं जो फूड पॉइजनिंग का कारण बनते हैं। बताया कि खाने से पहले हाथों को अच्छी तरह धोना और स्वच्छ पानी का उपयोग करना अनिवार्य है।
शरीर में पानी की कमी यानी डी-हाइड्रेशन से बचाव के लिए उन्होंने लोगों को पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थों का सेवन करने का सुझाव दिया है। घर में बनी लस्सी, नींबू पानी और ताजे फलों का रस इस मौसम में शरीर को ठंडक प्रदान करने के साथ-साथ ऊर्जा भी बनाए रखते हैं। वहीं, बच्चों में भी दस्त की शिकायत बढ़ी है।
लगातार उल्टी, दस्त या चक्कर आने जैसी समस्या महसूस हो, तो उसे घरेलू नुस्खों पर निर्भर रहने के बजाय तुरंत नजदीकी चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए।
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जिला अस्पताल के मेडिसिन विभाग की ओपीडी में हर रोज 200 से अधिक मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। इनमें अधिकांश मरीज उल्टी, दस्त, बुखार और पेट दर्द जैसी शिकायतों से पीड़ित हैं। चिकित्सकों का मानना है कि तापमान में अचानक हुई वृद्धि और गर्म हवाओं के कारण लोगों का पाचन तंत्र प्रभावित हो रहा है जिससे संक्रमण के मामले बढ़ रहे हैं। फिजीशियन डॉ. एसडी ओझा ने लोगों को इस मौसम में विशेष सावधानियां बरतने की सलाह दी है।
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उन्होंने कहा कि इस मौसम में खानपान के प्रति थोड़ी सी भी लापरवाही सेहत पर भारी पड़ सकती है। संक्रमण से बचने के लिए लोगों को केवल घर पर बना पौष्टिक आहार ही लेना चाहिए। बाहर खुले में बिकने वाले खाद्य पदार्थों और कटे हुए फलों से पूरी तरह परहेज करना स्वास्थ्य के लिए बेहतर है, क्योंकि गर्मी में बैक्टीरिया तेजी से पनपते हैं जो फूड पॉइजनिंग का कारण बनते हैं। बताया कि खाने से पहले हाथों को अच्छी तरह धोना और स्वच्छ पानी का उपयोग करना अनिवार्य है।
शरीर में पानी की कमी यानी डी-हाइड्रेशन से बचाव के लिए उन्होंने लोगों को पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थों का सेवन करने का सुझाव दिया है। घर में बनी लस्सी, नींबू पानी और ताजे फलों का रस इस मौसम में शरीर को ठंडक प्रदान करने के साथ-साथ ऊर्जा भी बनाए रखते हैं। वहीं, बच्चों में भी दस्त की शिकायत बढ़ी है।
लगातार उल्टी, दस्त या चक्कर आने जैसी समस्या महसूस हो, तो उसे घरेलू नुस्खों पर निर्भर रहने के बजाय तुरंत नजदीकी चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए।

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