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Basti News: नाबालिग से दुष्कर्म के आरोपी को 10 साल की सजा
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बस्ती। स्पेशल जज पॉक्सो कोर्ट के न्यायाधीश अनिल कुमार की अदालत ने नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में आरोपी अनिल कुमार पुत्र राम भवन को दोषी करार देते हुए 10 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने उस पर 25,500 रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड न जमा करने पर आरोपी को दो वर्ष की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, मामला लालगंज थाना क्षेत्र के एक गांव का है। घटना 29 सितंबर 2017 की रात की है। वादी की करीब 17 वर्षीय नाबालिग बेटी को गांव का ही अनिल कुमार बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया था। बेटी की तलाश के दौरान वादी ने आरोपी के परिजनों से पूछताछ की। आरोप है कि इस दौरान सुग्रीव, अजय और शीला ने वादी के साथ गाली-गलौज की और पीड़िता के बारे में जानकारी होने की बात कहते हुए उसे धमकाया।
वादी ने आरोप लगाया था कि प्रकाश, सियाराम और बहरैची भी पीड़िता को भगाने की साजिश में शामिल थे। इस संबंध में दी गई तहरीर के आधार पर पुलिस ने अनिल कुमार समेत छह लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की। विवेचना के दौरान पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर नक्शा नजरी तैयार किया और गवाहों के बयान दर्ज किए। साक्ष्य के आधार पर विवेचक ने अनिल कुमार के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत और बहरैची के खिलाफ धारा 504 व 506 में आरोपपत्र दाखिल किया। अन्य नामजद आरोपियों के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने पर उनकी नामजदगी गलत पाई गई।
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मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से आठ गवाह पेश किए गए। गवाहों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने अनिल कुमार को दोषी माना। इसके बाद न्यायाधीश ने उसे 10 वर्ष के कारावास और 25,500 रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
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अभियोजन पक्ष के अनुसार, मामला लालगंज थाना क्षेत्र के एक गांव का है। घटना 29 सितंबर 2017 की रात की है। वादी की करीब 17 वर्षीय नाबालिग बेटी को गांव का ही अनिल कुमार बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया था। बेटी की तलाश के दौरान वादी ने आरोपी के परिजनों से पूछताछ की। आरोप है कि इस दौरान सुग्रीव, अजय और शीला ने वादी के साथ गाली-गलौज की और पीड़िता के बारे में जानकारी होने की बात कहते हुए उसे धमकाया।
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वादी ने आरोप लगाया था कि प्रकाश, सियाराम और बहरैची भी पीड़िता को भगाने की साजिश में शामिल थे। इस संबंध में दी गई तहरीर के आधार पर पुलिस ने अनिल कुमार समेत छह लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की। विवेचना के दौरान पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर नक्शा नजरी तैयार किया और गवाहों के बयान दर्ज किए। साक्ष्य के आधार पर विवेचक ने अनिल कुमार के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत और बहरैची के खिलाफ धारा 504 व 506 में आरोपपत्र दाखिल किया। अन्य नामजद आरोपियों के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने पर उनकी नामजदगी गलत पाई गई।
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मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से आठ गवाह पेश किए गए। गवाहों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने अनिल कुमार को दोषी माना। इसके बाद न्यायाधीश ने उसे 10 वर्ष के कारावास और 25,500 रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।