फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Basti News ›   Negligence while removing a drum claimed the lives of 17 buffaloes.

Basti News: पीपा निकालने में लापरवाही ने ली 17 भैंसों की जान

Tue, 15 Sep 2026 12:38 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Tue, 15 Sep 2026 12:38 AM IST
विज्ञापन
Negligence while removing a drum claimed the lives of 17 buffaloes.
पीपा पुल के पास मृत भैंस स्रोत विभाग
बस्ती। टेढ़ी नदी में पीपा पुल के पीपों के बीच फंसी भैंसों की मौत के मामले में विभागीय लापरवाही का आरोप लग रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि बाढ़ के दौरान पीपा पुल खोलने के बाद पीपों को नदी से निकालकर सुरक्षित स्थान पर रखने के बजाय रस्सियों के सहारे किनारे ही छोड़ दिया गया। यही पीपे जलकुंभी और कीचड़ के बीच फंसे रहे। रविवार को नदी पार कर लौट रहीं भैंसें इनमें उलझ गईं और दम घुटने से उनकी मौत हो गई।
विज्ञापन

छतौना गांव के अंत्येष्टि स्थल के पास हर साल टेढ़ी नदी पर पीपा पुल बनाया जाता है। ग्रामीणों के अनुसार, बाढ़ के समय पुल खोल दिया जाता है। इस दौरान पीपों को अलग कर नदी से बाहर रखना होता है, लेकिन इस बार उन्हें नदी के किनारे ही छोड़ दिया गया। बाढ़ का पानी कम होने के बाद पुल दोबारा तैयार किया जाना था। ग्रामीणों ने बताया कि विक्रमजोत और चांदपुर गांव के पशुपालकों की भैंसें रोजाना नदी पार कर माझा क्षेत्र में चरने जाती हैं।
विज्ञापन

रविवार शाम कई भैंसें वापस नहीं लौटीं तो पशुपालकों ने तलाश शुरू की। देर रात विक्रमजोत निवासी संतू सिंह की तीन भैंसें भौंसिया नहर हेड के पास कीचड़ में फंसी मिलीं। ग्रामीणों ने उन्हें बाहर निकाल लिया। सोमवार सुबह दोबारा तलाश शुरू हुई तो छतौना गांव के सामने पीपा पुल के नीचे बड़ी संख्या में भैंसें फंसी मिलीं। सभी की मौत हो चुकी थी। ग्रामीणों के अनुसार, जलकुंभी और कीचड़ के कारण भैंसें पीपों के बीच फंसती चली गईं।
विज्ञापन
विज्ञापन

----------
खेती-किसानी में सहायक है पीपा पुल
ग्रामीणों के अनुसार, छतौना के पास टेढ़ी नदी में हर साल पीपा पुल इसलिए बनाया जाता है कि आसानी से माझा क्षेत्र के ग्रामीण अपने खेत तक पहुुंच सके। यह पुल खेती-किसानी में सहायक बनता है। साथ ही पशुओं के लिए भी सहायक है, मगर उसी पीपा पुल आज 17 बेजुबानों को अपने आगोश में ले लिया। बताया गया कि सात ग्राम सभा के 20 राजस्व गांव के लोगों की अधिकांश खेती सहायक नदी टेढ़ी के उस पार है। प्रशासन ने उन्हीं आबादी के लिए यह पीपा पुल बनवाया है।
----------
सात शवों का पोस्टमार्टम, दम घुटने से मौत की पुष्टि
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. अरुण कुमार गुप्ता ने बताया कि पीपा पुल के बीच फंसने से भैंसों की मौत हुई है। अब तक सात शव मिल चुके हैं। पशु चिकित्साधिकारी डॉ. राममूर्ति वर्मा और उनकी टीम ने इनका पोस्टमार्टम किया है। रिपोर्ट में दम घुटने से मौत की पुष्टि हुई है। अन्य मृत भैंसों की तलाश की जा रही है।

कोट
लेखपाल, नायब तहसीलदार की टीम मौके पर जाकर जांच-पड़ताल किए। अभी जो शव फंसे हुए हैं उसे निकलवाया जा रहा है। अब तक जो शव मिले उसका पोस्टमार्टम करवा दिया गया है। पशुपालकों को नियमानुसार मुआवजा दिया जाएगा। पीपा क्यों नहीं बाहर निकाला गया, इस बारे में संबंधित विभाग से जानकारी ली जाएगी। इसमें लापरवाही किसकी है जांच कराई जाएगी।
-उमाकांत तिवारी, एसडीएम, हर्रैया, बस्ती।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed