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Basti News: तस्करी की हर राह पर पुलिस का जाल, बिहार तक के मास्टरमाइंड रडार पर
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बस्ती। शराब और गांजा तस्करी के खिलाफ आरपीएफ, जीआरपी और सिविल पुलिस ने संयुक्त अभियान तेज कर दिया है। तस्करी के लिए इस्तेमाल हो रहे रेल और सड़क मार्गों पर निगरानी बढ़ा दी गई है। पुलिस ने बस्ती से लेकर बिहार तक सक्रिय कई संदिग्ध तस्करों को चिह्नित किया है। गिरफ्तार किए गए कैरियरों से पूछताछ में सामने आए नामों के आधार पर मास्टरमाइंड की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।
रेल मार्ग पर तस्करी रोकने की जिम्मेदारी आरपीएफ लखनऊ की टीम को दी गई है। बस्ती और आसपास के जिलों में गांजा व स्मैक जैसे मादक पदार्थों की तस्करी करने वालों पर सिविल पुलिस नजर रख रही है। वहीं जीआरपी भी रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में लगातार चेकिंग कर रही है। हाल के दिनों में आरपीएफ और जीआरपी ने रेल मार्ग से शराब की तस्करी करने वाले कई कैरियरों को गिरफ्तार किया है। सिविल पुलिस ने भी गांजा तस्करी के मामलों में कार्रवाई की है।
पुलिस जांच में सामने आया है कि यूपी और बिहार के बीच शराब तस्करी का एक नेटवर्क सक्रिय है। बस्ती, गोंडा समेत यूपी के अन्य जिलों से अंग्रेजी शराब ट्रेनों के जरिये बिहार पहुंचाई जा रही है। कैरियरों को इसके बदले प्रति बोतल अच्छा मुनाफा दिया जाता है। 180 एमएल की बोतल पर करीब 100 से 150 रुपये तक मुनाफा मिलने की बात सामने आई है। मात्रा बढ़ने के साथ मुनाफा भी बढ़ जाता है।
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दूसरा नेटवर्क गांजा तस्करी से जुड़ा है। पुलिस के मुताबिक बिहार और नेपाल से गांजा रेल व सड़क मार्ग के जरिये बस्ती समेत आसपास के जिलों तक पहुंचाया जा रहा है। मास्टरमाइंड खुद सामने न आकर कैरियरों के माध्यम से तस्करी का नेटवर्क संचालित कर रहे हैं। पुलिस की जांच में कुछ स्थानीय लोगों के भी इस नेटवर्क से जुड़े होने की जानकारी मिली है।
पुलिस ने अब तक जिन मामलों में कैरियरों को पकड़ा है, उनमें पूछताछ के आधार पर कई मास्टरमाइंड के नाम सामने आए हैं। तीनों इकाइयां अपने-अपने स्तर पर जुटाई गई सूचनाएं एक-दूसरे से साझा कर रही हैं। पुलिस की नजर ट्रेनों में तैनात कोच अटेंडेंट और आउटसोर्स कर्मचारियों पर भी है। इनकी भूमिका संदिग्ध मिलने पर जांच की जा रही है।
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केस एक : कोच अटेंडेंट के पास मिली 109 बोतल शराब
करीब एक सप्ताह पहले नई दिल्ली-बरौनी क्लोन स्पेशल एक्सप्रेस में नारकोटिक्स टास्क टीम लखनऊ मंडल और आरपीएफ बस्ती की संयुक्त टीम ने जांच के दौरान एक कोच अटेंडेंट के पास से 109 बोतल अंग्रेजी शराब बरामद की थी। शराब की कीमत करीब 12 हजार रुपये बताई गई। पूछताछ में पता चला कि शराब बिहार ले जाई जा रही थी। जीआरपी ने आरोपी कोच अटेंडेंट सुन्नी कुमार निवासी मथाई, थाना जंदाहा, जिला वैशाली (बिहार) के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की। बाद में उसे न्यायालय के आदेश पर जेल भेज दिया गया।
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केस दो : बैग में 48 बोतल शराब बरामद
करीब दो महीने पहले बस्ती रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर दो पर जीआरपी ने एक युवक को अवैध शराब के साथ गिरफ्तार किया था। उसके बैग से अंग्रेजी शराब की 48 बोतल बरामद हुई थी। इनकी कीमत 5,280 रुपये बताई गई थी। आरोपी की पहचान बिहार के समस्तीपुर जिले के बाजीतपुर बमबैया टोला निवासी चंदन कुमार के रूप में हुई थी।
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केस तीन : दो युवकों से मिली शराब की खेप
करीब दो महीने पहले बस्ती रेलवे स्टेशन से दो युवकों को दो गत्तों में भरी अंग्रेजी शराब के साथ पकड़ा गया था। दोनों बस्ती जिले के रहने वाले थे। इसके अलावा गोंडा निवासी एक युवक को भी ट्रेन में शराब की खेप के साथ गिरफ्तार किया गया था। पूछताछ में इन कैरियरों से यूपी और बिहार में सक्रिय तस्करी नेटवर्क से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी मिली।
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केस चार : 15 किलो गांजा के साथ तीन गिरफ्तार
बस्ती पुलिस ने हाल के दिनों में अलग-अलग स्थानों से तीन गांजा तस्करों को गिरफ्तार किया। इनके कब्जे से करीब 15 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ। पूछताछ में बिहार और नेपाल तक फैले नेटवर्क की जानकारी सामने आई। इसके बाद पुलिस ने स्थानीय स्तर पर नेटवर्क से जुड़े लोगों की पहचान और निगरानी शुरू कर दी है।
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कैरियरों से मिली जानकारी के आधार पर मास्टरमाइंड की निगरानी
तस्करी रोकने के लिए आरपीएफ, जीआरपी और सिविल पुलिस के बीच सूचनाओं का आदान-प्रदान बढ़ाया गया है। अब तक गिरफ्तार कैरियरों से पूछताछ में कुछ मास्टरमाइंड के नाम सामने आए हैं। इनके बारे में जानकारी जुटाकर निगरानी की जा रही है।
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तस्करी रोकने के लिए संयुक्त प्रयास तेज कर दिए गए हैं। सिविल पुलिस से भी सूचनाएं साझा की जा रही हैं। गिरफ्तार कैरियरों और तस्करों से कुछ मास्टरमाइंड के नाम सामने आए हैं। उन पर निगरानी बढ़ाई गई है।
-राशिद वेग मिर्जा, प्रभारी निरीक्षक, आरपीएफ।
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रेल मार्ग पर तस्करी रोकने की जिम्मेदारी आरपीएफ लखनऊ की टीम को दी गई है। बस्ती और आसपास के जिलों में गांजा व स्मैक जैसे मादक पदार्थों की तस्करी करने वालों पर सिविल पुलिस नजर रख रही है। वहीं जीआरपी भी रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में लगातार चेकिंग कर रही है। हाल के दिनों में आरपीएफ और जीआरपी ने रेल मार्ग से शराब की तस्करी करने वाले कई कैरियरों को गिरफ्तार किया है। सिविल पुलिस ने भी गांजा तस्करी के मामलों में कार्रवाई की है।
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पुलिस जांच में सामने आया है कि यूपी और बिहार के बीच शराब तस्करी का एक नेटवर्क सक्रिय है। बस्ती, गोंडा समेत यूपी के अन्य जिलों से अंग्रेजी शराब ट्रेनों के जरिये बिहार पहुंचाई जा रही है। कैरियरों को इसके बदले प्रति बोतल अच्छा मुनाफा दिया जाता है। 180 एमएल की बोतल पर करीब 100 से 150 रुपये तक मुनाफा मिलने की बात सामने आई है। मात्रा बढ़ने के साथ मुनाफा भी बढ़ जाता है।
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दूसरा नेटवर्क गांजा तस्करी से जुड़ा है। पुलिस के मुताबिक बिहार और नेपाल से गांजा रेल व सड़क मार्ग के जरिये बस्ती समेत आसपास के जिलों तक पहुंचाया जा रहा है। मास्टरमाइंड खुद सामने न आकर कैरियरों के माध्यम से तस्करी का नेटवर्क संचालित कर रहे हैं। पुलिस की जांच में कुछ स्थानीय लोगों के भी इस नेटवर्क से जुड़े होने की जानकारी मिली है।
पुलिस ने अब तक जिन मामलों में कैरियरों को पकड़ा है, उनमें पूछताछ के आधार पर कई मास्टरमाइंड के नाम सामने आए हैं। तीनों इकाइयां अपने-अपने स्तर पर जुटाई गई सूचनाएं एक-दूसरे से साझा कर रही हैं। पुलिस की नजर ट्रेनों में तैनात कोच अटेंडेंट और आउटसोर्स कर्मचारियों पर भी है। इनकी भूमिका संदिग्ध मिलने पर जांच की जा रही है।
केस एक : कोच अटेंडेंट के पास मिली 109 बोतल शराब
करीब एक सप्ताह पहले नई दिल्ली-बरौनी क्लोन स्पेशल एक्सप्रेस में नारकोटिक्स टास्क टीम लखनऊ मंडल और आरपीएफ बस्ती की संयुक्त टीम ने जांच के दौरान एक कोच अटेंडेंट के पास से 109 बोतल अंग्रेजी शराब बरामद की थी। शराब की कीमत करीब 12 हजार रुपये बताई गई। पूछताछ में पता चला कि शराब बिहार ले जाई जा रही थी। जीआरपी ने आरोपी कोच अटेंडेंट सुन्नी कुमार निवासी मथाई, थाना जंदाहा, जिला वैशाली (बिहार) के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की। बाद में उसे न्यायालय के आदेश पर जेल भेज दिया गया।
केस दो : बैग में 48 बोतल शराब बरामद
करीब दो महीने पहले बस्ती रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर दो पर जीआरपी ने एक युवक को अवैध शराब के साथ गिरफ्तार किया था। उसके बैग से अंग्रेजी शराब की 48 बोतल बरामद हुई थी। इनकी कीमत 5,280 रुपये बताई गई थी। आरोपी की पहचान बिहार के समस्तीपुर जिले के बाजीतपुर बमबैया टोला निवासी चंदन कुमार के रूप में हुई थी।
केस तीन : दो युवकों से मिली शराब की खेप
करीब दो महीने पहले बस्ती रेलवे स्टेशन से दो युवकों को दो गत्तों में भरी अंग्रेजी शराब के साथ पकड़ा गया था। दोनों बस्ती जिले के रहने वाले थे। इसके अलावा गोंडा निवासी एक युवक को भी ट्रेन में शराब की खेप के साथ गिरफ्तार किया गया था। पूछताछ में इन कैरियरों से यूपी और बिहार में सक्रिय तस्करी नेटवर्क से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी मिली।
केस चार : 15 किलो गांजा के साथ तीन गिरफ्तार
बस्ती पुलिस ने हाल के दिनों में अलग-अलग स्थानों से तीन गांजा तस्करों को गिरफ्तार किया। इनके कब्जे से करीब 15 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ। पूछताछ में बिहार और नेपाल तक फैले नेटवर्क की जानकारी सामने आई। इसके बाद पुलिस ने स्थानीय स्तर पर नेटवर्क से जुड़े लोगों की पहचान और निगरानी शुरू कर दी है।
कैरियरों से मिली जानकारी के आधार पर मास्टरमाइंड की निगरानी
तस्करी रोकने के लिए आरपीएफ, जीआरपी और सिविल पुलिस के बीच सूचनाओं का आदान-प्रदान बढ़ाया गया है। अब तक गिरफ्तार कैरियरों से पूछताछ में कुछ मास्टरमाइंड के नाम सामने आए हैं। इनके बारे में जानकारी जुटाकर निगरानी की जा रही है।
तस्करी रोकने के लिए संयुक्त प्रयास तेज कर दिए गए हैं। सिविल पुलिस से भी सूचनाएं साझा की जा रही हैं। गिरफ्तार कैरियरों और तस्करों से कुछ मास्टरमाइंड के नाम सामने आए हैं। उन पर निगरानी बढ़ाई गई है।
-राशिद वेग मिर्जा, प्रभारी निरीक्षक, आरपीएफ।