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Basti News: बढ़ने लगा सरयू का जलस्तर, तटवर्ती गांवों में कटान का खतरा बढ़ा
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पकड़ी संग्राम गांव में कटान करती नदी। संवाद
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बस्ती। सरयू नदी का जलस्तर बृहस्पतिवार भोर से लगातार बढ़ रहा है। नदी अब खतरे के निशान के करीब पहुंच गई है। केंद्रीय जल आयोग अयोध्या कार्यालय के अनुसार शाम पांच बजे सरयू का जलस्तर 92.51 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान 92.73 मीटर से महज 22 सेंटीमीटर नीचे है। जलस्तर बढ़ने के साथ ही तटबंधविहीन गांवों में कटान का खतरा बढ़ गया है। विक्रमजोत और दुबौलिया क्षेत्र के करीब 10 से 12 गांवों में नदी कटान शुरू हो गई है, जिससे ग्रामीणों में दहशत है।
दुबौलिया संवाद के अनुसार, पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही बारिश के कारण सरयू का जलस्तर तेजी से बढ़ा है। नदी और तटबंध के बीच बसे गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। उमरिया रिंगबांध के निकट सरयू तेजी से कटान कर रही है। नदी का रुख रिंगबांध की ओर बढ़ रहा है।
सुबिका बाबू गांव के पास स्थित सोती में भी पानी तेजी से भर रहा है। बाढ़ की आशंका से टेढ़वा, विशुनदासपुर की अनुसूचित बस्ती, सुबिका बाबू, देवारागंगबरार और कुर्मियाना गांवों के ग्रामीण चिंतित हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जलस्तर खतरे के निशान तक पहुंचा तो क्षेत्र में बाढ़ की स्थिति गंभीर हो सकती है।
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माझा क्षेत्र के पशुपालक नाव के सहारे पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था करने को मजबूर हैं। अतिसंवेदनशील कटरिया-चांदपुर तटबंध पर खजांचीपुर से खलवा गांव तक करीब दो किलोमीटर क्षेत्र में नदी का दबाव बना हुआ है।
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लकड़ी पांडेय, अर्जुनपुर समेत गांवों में बढ़ी चिंता
विक्रमजोत संवाद के अनुसार, जलस्तर बढ़ने से तटबंधविहीन गांवों में कटान का खतरा बढ़ गया है। क्षेत्र के लकड़ी पांडेय, पकड़ी संग्राम, अर्जुनपुर समेत आसपास के कई गांवों में नदी का पानी आबादी की ओर बढ़ रहा है। ग्रामीण भगवान दीन, तेजनारायण निषाद, राहुल और रामकेश ने बताया कि नदी के बढ़ते जलस्तर से लोगों में भय का माहौल है। उन्होंने प्रशासन और बाढ़ खंड से कटान प्रभावित गांवों की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त इंतजाम करने की मांग की है।
कोट
जलस्तर बढ़ने से तटबंधों पर दबाव बढ़ रहा है। विभागीय टीमें संवेदनशील स्थानों पर लगातार निगरानी कर रही हैं और आवश्यकतानुसार सुरक्षा उपाय किए जा रहे हैं।
- ब्रजेश सोनी, एसडीओ बाढ़ खंड
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दुबौलिया संवाद के अनुसार, पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही बारिश के कारण सरयू का जलस्तर तेजी से बढ़ा है। नदी और तटबंध के बीच बसे गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। उमरिया रिंगबांध के निकट सरयू तेजी से कटान कर रही है। नदी का रुख रिंगबांध की ओर बढ़ रहा है।
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सुबिका बाबू गांव के पास स्थित सोती में भी पानी तेजी से भर रहा है। बाढ़ की आशंका से टेढ़वा, विशुनदासपुर की अनुसूचित बस्ती, सुबिका बाबू, देवारागंगबरार और कुर्मियाना गांवों के ग्रामीण चिंतित हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जलस्तर खतरे के निशान तक पहुंचा तो क्षेत्र में बाढ़ की स्थिति गंभीर हो सकती है।
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माझा क्षेत्र के पशुपालक नाव के सहारे पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था करने को मजबूर हैं। अतिसंवेदनशील कटरिया-चांदपुर तटबंध पर खजांचीपुर से खलवा गांव तक करीब दो किलोमीटर क्षेत्र में नदी का दबाव बना हुआ है।
लकड़ी पांडेय, अर्जुनपुर समेत गांवों में बढ़ी चिंता
विक्रमजोत संवाद के अनुसार, जलस्तर बढ़ने से तटबंधविहीन गांवों में कटान का खतरा बढ़ गया है। क्षेत्र के लकड़ी पांडेय, पकड़ी संग्राम, अर्जुनपुर समेत आसपास के कई गांवों में नदी का पानी आबादी की ओर बढ़ रहा है। ग्रामीण भगवान दीन, तेजनारायण निषाद, राहुल और रामकेश ने बताया कि नदी के बढ़ते जलस्तर से लोगों में भय का माहौल है। उन्होंने प्रशासन और बाढ़ खंड से कटान प्रभावित गांवों की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त इंतजाम करने की मांग की है।
कोट
जलस्तर बढ़ने से तटबंधों पर दबाव बढ़ रहा है। विभागीय टीमें संवेदनशील स्थानों पर लगातार निगरानी कर रही हैं और आवश्यकतानुसार सुरक्षा उपाय किए जा रहे हैं।
- ब्रजेश सोनी, एसडीओ बाढ़ खंड