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Bhadohi News: लंबी दूरी तक बाइक चलाने और टेबल वर्किंग करने से हो रहा है नॉन-स्पेसिफिक लोअर बैक पेन
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सौ शय्या असपताल में मरीज की हो रही फिजियोथेरेपी। संवाद
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ज्ञानपुर। लंबे समय तक कुर्सी पर बैठकर काम करने और लंबी दूरी तक बाइक चलाने से लोगों में लोअर बैक पेन की समस्या हो रही है। सौ शैय्या अस्पताल के फिजीयोथेरेपी विभाग में हर दिन दर्द से कराहते हुए 12 से 15 मरीज पहुंच रहे हैं। इसमें ज्यादातर युवा हैं। जो लोग ज्यादा फैटी हैं उनमें यह दिक्कत और ज्यादा देखने को मिल रही है। कमर के निचले हिस्से में दर्द के कारण उठने-बैठने और चलने में परेशानी हो रही है। फिजीयोथेरेपिस्ट डॉ. जावेद अख्तर ने बताया कि मधुमेह, गठिया, मोटापा और हड्डियों की कमजोरी से लोगों में यह समस्या हो रही है। लंबे समय तक एक ही मुद्रा में काम करना, गलत पोश्चर, मोबाइल और लैपटॉप का अत्यधिक उपयोग कमर की मांसपेशियों पर दबाव बढ़ाता है। इस तरह के कमर दर्द को नॉन-स्पेसिफिक लोअर बैक पेन कहा जाता है। जो मांसपेशियों, लिगामेंट्स और बायोमैकेनिकल असंतुलन के कारण होता है। कमर दर्द में उचित दवाइयां, नियमित व्यायाम, कॉग्निटिव बिहेवियर थेरेपी (मानसिक सहयोग) से इसे ठीक किया जा सकता है।
कमर दर्द के कारण
- गतिहीन जीवनशैली
- उम्र बढ़ना
- पुरानी बीमारियां
- गलत पोश्चर और लंबे समय तक बैठना
- मांसपेशियों की कमजोरी
-अधिक वजन-मोटापा
बचाव के उपाय
- नियमित व्यायाम करें।
- बैठते और खड़े होते समय रीढ़ सीधी रखें।
- स्वस्थ वजन बनाए रखने से रीढ़ पर दबाव कम होता है।
- धूम्रपान से रीढ़ की डिस्क को रक्त और ऑक्सीजन की आपूर्ति कम होती है, इसे छोड़ें।
- पेट से सांस लेने से कोर मसल्स को भी व्यायाम मिलता है।
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-अधिक वजन-मोटापा
बचाव के उपाय
- नियमित व्यायाम करें।
- बैठते और खड़े होते समय रीढ़ सीधी रखें।
- स्वस्थ वजन बनाए रखने से रीढ़ पर दबाव कम होता है।
- धूम्रपान से रीढ़ की डिस्क को रक्त और ऑक्सीजन की आपूर्ति कम होती है, इसे छोड़ें।
- पेट से सांस लेने से कोर मसल्स को भी व्यायाम मिलता है।
