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पढ़ाई के साथ कौशल विकास पर भी ध्यान दें युवा : सांसद
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जागरूकता कार्यक्रम में बोलते ईसआईसी के क्षेत्रीय निदेशक, कालीचरण झा। स्रोत- संवाद
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भदोही। युवा पीढ़ी पढ़ाई के साथ अपने कौशल विकास पर भी ध्यान दें। भारत के प्रधानमंत्री ने स्वयं इस बात का महसूस किया है कि ज्ञान के साथ आज की युवा पीढ़ी के कुशल हाथों में देश की तरक्की है। ये बातें भाजपा सांसद डॉ. विनोद बिंद ने बुधवार को आल इंडिया कारपेट मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (एकमा) के सभागार में कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) के सामाजिक सुरक्षा संहिता-2020 के संबंध में जागरूकता कार्यक्रम में कहीं।
सांसद ने कहा कि राष्ट्र के श्रमिकों के हाथ में भारत की तरक्की है। उन्हें संरक्षित करना हम सबका उद्देश्य होना चाहिए। वे संरक्षित रहेंगे तो उनके बच्चे शिक्षित होकर कौशल में महारत हासिल कर देश की बागडोर संभालेंगे। कहा कि हर व्यक्ति ईएसआईसी के कामकाज के बारे में समझें और अपने साथियों को भी जागरूक करें। जनपद में बहुत कर्मचारी ईएसआईसी में पंजीकृत हैं।
यह संख्या बढ़ने से आपको मिलने वाली सहूलियतें तेजी से बढ़ेंगी। ईएसआईसी के क्षेत्रीय निदेशक कालीचरण झा ने सभागार में मौजूद कालीन कारोबारियों, उनके एचआर प्रमुखों को एक-एक कर ईएसआईसी में पंजीकरण के लाभ गिनाए। उन्होंने कहा कि भदोही में ईएसआईसी का अपना क्लीनिक संचालित है। जल्द ही भदोही में हम अपना कार्यालय खोलने जा रहे हैं। उन्होंने जिले में ईएसआईसी के नेटवर्क हॉस्पिटल के बारे में भी जानकारी दी।
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बताया कि भदोही जिले में 13 हजार कर्मचारी ईएसआईसी में पंजीकृत हैं। उन्होंने डिजिटल माध्यम से योजनाओं की जानकारी दी। इस दौरान सांसद ने दो पंजीकृत कर्मचारियों के मृतक आश्रितों को आजीवन पेंशन के कागजात सौंपे। एकमा के मानद सचिव पीयूष बरनवाल ने ईएसआईसी का दफ्तर कालीन भवन में खोलने की पेशकश की। कहा कि इससे अधिक लोग इसका लाभ उठा सकेंगे। इसके पूर्व कालीन कारोबारियों उनके कर्मचारियों ने भदोही में नेटवर्क हॉस्पिटलों की सूची को और बढ़ाने पर जोर दिया। कहा कि अक्सर आवश्यकता पड़ने पर रेफर होना पड़ता है।
सहायक निदेशक आलोक कुमार मिश्रा ने संचालन किया। संयुक्त निदेशक संजय कुमार, सीईपीसी उपाध्यक्ष असलम महबूब ने भी विचार व्यक्त किए। इस दौरान इम्तियाज अहमद, इस्तियाक खां अच्छू, मुनेश्वर प्रसाद गुप्ता, अशोक गुप्ता, अशोक गुप्ता, साजिद अली, अमित मौर्य, इम्तियाज अंसारी, सुभाष मौर्य, सादिक अली आदि भी रहे।
सांसद ने कहा कि राष्ट्र के श्रमिकों के हाथ में भारत की तरक्की है। उन्हें संरक्षित करना हम सबका उद्देश्य होना चाहिए। वे संरक्षित रहेंगे तो उनके बच्चे शिक्षित होकर कौशल में महारत हासिल कर देश की बागडोर संभालेंगे। कहा कि हर व्यक्ति ईएसआईसी के कामकाज के बारे में समझें और अपने साथियों को भी जागरूक करें। जनपद में बहुत कर्मचारी ईएसआईसी में पंजीकृत हैं।
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यह संख्या बढ़ने से आपको मिलने वाली सहूलियतें तेजी से बढ़ेंगी। ईएसआईसी के क्षेत्रीय निदेशक कालीचरण झा ने सभागार में मौजूद कालीन कारोबारियों, उनके एचआर प्रमुखों को एक-एक कर ईएसआईसी में पंजीकरण के लाभ गिनाए। उन्होंने कहा कि भदोही में ईएसआईसी का अपना क्लीनिक संचालित है। जल्द ही भदोही में हम अपना कार्यालय खोलने जा रहे हैं। उन्होंने जिले में ईएसआईसी के नेटवर्क हॉस्पिटल के बारे में भी जानकारी दी।
बताया कि भदोही जिले में 13 हजार कर्मचारी ईएसआईसी में पंजीकृत हैं। उन्होंने डिजिटल माध्यम से योजनाओं की जानकारी दी। इस दौरान सांसद ने दो पंजीकृत कर्मचारियों के मृतक आश्रितों को आजीवन पेंशन के कागजात सौंपे। एकमा के मानद सचिव पीयूष बरनवाल ने ईएसआईसी का दफ्तर कालीन भवन में खोलने की पेशकश की। कहा कि इससे अधिक लोग इसका लाभ उठा सकेंगे। इसके पूर्व कालीन कारोबारियों उनके कर्मचारियों ने भदोही में नेटवर्क हॉस्पिटलों की सूची को और बढ़ाने पर जोर दिया। कहा कि अक्सर आवश्यकता पड़ने पर रेफर होना पड़ता है।
सहायक निदेशक आलोक कुमार मिश्रा ने संचालन किया। संयुक्त निदेशक संजय कुमार, सीईपीसी उपाध्यक्ष असलम महबूब ने भी विचार व्यक्त किए। इस दौरान इम्तियाज अहमद, इस्तियाक खां अच्छू, मुनेश्वर प्रसाद गुप्ता, अशोक गुप्ता, अशोक गुप्ता, साजिद अली, अमित मौर्य, इम्तियाज अंसारी, सुभाष मौर्य, सादिक अली आदि भी रहे।