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Bijnor News: टैरिफ की धुंध छंटने से दिखा उम्मीद का सूरज
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नगीना। अमेरिका द्वारा भारत से निर्यात होने वाली अधिकतर वस्तुओं पर लगाए गए मनमाने टैरिफ की दर को अब घटाकर 18 प्रतिशत करने की घोषणा से नगीना के हैंडीक्राफ्ट उद्योग को गति मिलने की उम्मीद जग गई है। भारत व अमेरिका के बीच व्यापारिक संबंधों में सुधार हुआ तो नगीना के काष्ठकला उद्योग से जुड़े उद्यमियों में हर्ष की लहर दौड़ गई है।
नगीना के हैंडीक्राफ्ट उद्योग की गति हमेशा से देश की बजाए विदेशी संबंधों पर ज्यादा निर्भर करती रही है। पिछले दिनों में अमेरिका ने 50 प्रतिशत टैरिफ लगाया था। नगीना में निर्मित हैंडीक्राफ्ट के आधे से अधिक आइटम का निर्यात अकेले अमेरिका को होता है।
टैरिफ की मार के चलते यहां के हैंडीक्राफ्ट उद्योग की गति पिछले काफी समय से सुस्त सी पड़ गई थी।
दुनिया में मशहूर हैं नगीना के काष्ठ कला आइटम : नगीना का काष्ठ कला उद्योग लकड़ी पर की जाने वाली नक्काशी के लिए दुनिया में मशहूर है। यहां के शिल्पकारों द्वारा लकड़ी पर बनाए जाने वाले आइटम- सिंगारदान, व्हील वाली घड़ी, छड़ी, माला, कुर्सी, महिलाओं के आभूषण, बच्चों के खिलौने व सजावट के सामान की देश से ज्यादा विदेश में डिमांड रही है। इसका सालाना 400 करोड़ रुपये से अधिक का निर्यात कारोबार है।
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दुनिया में मशहूर हैं नगीना के काष्ठ कला आइटम : नगीना का काष्ठ कला उद्योग लकड़ी पर की जाने वाली नक्काशी के लिए दुनिया में मशहूर है। यहां के शिल्पकारों द्वारा लकड़ी पर बनाए जाने वाले आइटम- सिंगारदान, व्हील वाली घड़ी, छड़ी, माला, कुर्सी, महिलाओं के आभूषण, बच्चों के खिलौने व सजावट के सामान की देश से ज्यादा विदेश में डिमांड रही है। इसका सालाना 400 करोड़ रुपये से अधिक का निर्यात कारोबार है।
