{"_id":"696e1205272f8243560d5acb","slug":"bijnor-dead-body-of-baby-elephant-washed-away-in-ramganga-river-pulled-it-out-with-ropes-2026-01-19","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"Bijnor: रामगंगा नदी में बहकर आया हाथी के बच्चे का शव, रस्सियों से खींचकर निकाला, ये चौंकाने वाली बात आई सामने","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bijnor: रामगंगा नदी में बहकर आया हाथी के बच्चे का शव, रस्सियों से खींचकर निकाला, ये चौंकाने वाली बात आई सामने
अमर उजाला नेटवर्क, बिजनौर
Published by: मोहम्मद मुस्तकीम
Updated Mon, 19 Jan 2026 04:44 PM IST
विज्ञापन
सार
रामगंगा नदी में हाथी के बच्चे का शव गश्ती ने देखा तो उसे तुरंत बाहर निकलवाया गया। हाथी के दांत समेत सभी अंग सुरक्षित हैं। पोस्टमार्टम कराने के लिए चिकित्सा दल को सूचना दे दी गई है।
सांकेतिक तस्वीर।
विज्ञापन
विस्तार
कालागढ़ में स्टील ब्रिज के निकट अफजलगढ़ बैराज रामगंगा नदी में हाथी के बच्चे का शव तैरता हुआ पहाड़ों से आया। कालागढ़ टाइगर रिजर्व की उप प्रभागीय वनाधिकारी अनामिका बुक्करवाल ने बच्चे के सभी अंग सुरक्षित बताए हैं। शव को निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
Trending Videos
सोमवार सुबह कार्बेट टाइगर रिजर्व के जंगलों के बीच से होकर आ रही रामगंगा नदी में हाथी के बच्चे का शव बहकर स्टील ब्रिज के निकट अफजलगढ़ बैराज में पहुंच गया। कालागढ़ टाइगर रिजर्व के गश्ती दल के वन दरोगा पवन कुमार कश्यप, सौरभ सिंह, दिनेश गुसाई, मुकेश, दिलबाग सिंह, जगत आदि ने उच्च अधिकारियों को सूचना दी।
विज्ञापन
विज्ञापन
वन क्षेत्राधिकारी राजेन्द्र चकरायत व उप प्रभागीय वन अधिकारी मौके पर पहुंचे। हाथी के शव को नदी से रस्सियों से खींचकर तट पर लाया गया। पोस्मार्टम के लिए सूचना कार्बेट टाइगर रिजर्व के पशु चिकित्साधिकारी को दी गई। चिकित्सा दल भी मौके के लिए रवाना हो गया है।
एशियाई हाथियों का गलियारा है कालागढ़ का जंगल
कार्बेट टाइगर रिजर्व/कालागढ़ टाइगर रिजर्व का जंगल एशियाई हाथियों के विचरण का गलियारा है। यमुना, गंगा व रामगंगा नदी की घाटी में इनके झुंड विचरण करते रहते हैं। इन दिनों झुंड में बच्चों को भी देखा जाता है। अक्सर सर्दी के दिनों में या बरसात के दिनों में छोटे बच्चे पानी में गिर जाते हैं। समूह से बिछड़कर पानी से बाहर नहीं आने पर उनकी मृत्यु तक हो जाती है।
कार्बेट टाइगर रिजर्व/कालागढ़ टाइगर रिजर्व का जंगल एशियाई हाथियों के विचरण का गलियारा है। यमुना, गंगा व रामगंगा नदी की घाटी में इनके झुंड विचरण करते रहते हैं। इन दिनों झुंड में बच्चों को भी देखा जाता है। अक्सर सर्दी के दिनों में या बरसात के दिनों में छोटे बच्चे पानी में गिर जाते हैं। समूह से बिछड़कर पानी से बाहर नहीं आने पर उनकी मृत्यु तक हो जाती है।
पूंछ, दांत समेत सभी अंग सुरक्षित
उप प्रभागीय वनाधिकारी अनामिका बुक्करवाल का कहना है कि प्रथम दृष्टया लगता है कि हाथी का बच्चा अपने समूह से बिछड़ गया होगा। उसकी पूंछ व छोटे छोटे दांत सुरक्षित हैं। रामगंगा नदी को हाथियों के झुंड तैरकर पार करते हैं। वनों में इस प्रकार की घटनाएं वन्यजीवों के संरक्षण व समृद्धि को दर्शाती हैं। मृत्यु का कारण व डीएन परीक्षण के लिए शव विच्छेदन किया जाएगा।
उप प्रभागीय वनाधिकारी अनामिका बुक्करवाल का कहना है कि प्रथम दृष्टया लगता है कि हाथी का बच्चा अपने समूह से बिछड़ गया होगा। उसकी पूंछ व छोटे छोटे दांत सुरक्षित हैं। रामगंगा नदी को हाथियों के झुंड तैरकर पार करते हैं। वनों में इस प्रकार की घटनाएं वन्यजीवों के संरक्षण व समृद्धि को दर्शाती हैं। मृत्यु का कारण व डीएन परीक्षण के लिए शव विच्छेदन किया जाएगा।
