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Bijnor News: इकड़ा नदी की सफाई का कार्य शुरू
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धामपुर। सिंचाई विभाग मुरादाबाद की ओर से धामपुर चीनी मिल रेलवे फाटक के पास से इकड़ा नदी की सफाई का कार्य शुरू कर दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि मिल के पास से 30 किलोमीटर लंबी नदी की सफाई की जानी है। अब तक करीब 20 किमी तक सफाई का काम पूरा हो चुका है। 30 जून तक यह कार्य पूरा किया जाना है।
मुरादाबाद सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता कुलदीप सिंह और जेई वीरेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि पिछले दिनों धामपुर में एसडीएम के निर्देशन में विभाग के अधिकारियों को राजस्व विभाग के अभिलेखों के अनुसार नदी की सफाई के निर्देश दिए गए थे। उनके रिकॉर्ड के मुताबिक धामपुर शुगर मिल के पास रेलवे फाटक से सफाई किए जाने के अभिलेख हैं। उन्होंने विभागीय रिकॉर्ड के अनुसार रेलवे मिल फाटक के पास से सफाई करने का कार्य शुरू कर दिया है। 30 किलोमीटर लंबी नदी की सफाई करने का लक्ष्य है। इनमें अब तक 20 किलोमीटर लंबी नदी की सफाई की जा चुकी है। उन्होंने बताया कि नदी की चौड़ाई लगभग 25 से 30 फीट है। कहीं इससे अधिक भी है। सर्पाकार में नदी बहती हुई कडूला नदी में जाकर गिरती है।
विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इससे पीछे का विभाग के पास कोई रिकार्ड नहीं है। इससे पीछे की जिम्मेदारी पालिका और प्रशासन की है। बताया गया कि नदी की जमीन पर लोगों के अतिक्रमण और अवैध कब्जे हैं। नदी नाले के आकार में बह रही है। अधिकारियों का कहना है कि सिंचाई विभाग के रिकार्ड में इकड़ा नदी नहीं है बल्कि नाला है। जबकि राजस्व विभाग में नदी में अंकित होना बताया गया है।
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अधिशासी अधिकारी रवि शंकर शुक्ला का कहना है कि पालिका द्वारा सीमा के भीतर नदी की तलछट सफाई कराई जा चुकी है। इससे बाहर की जिम्मेदारी नगर पालिका की नहीं है। सिंचाई विभाग व प्रशासन को इस बाबत अवगत कराया जा चुका है।
विधायक अशोक राणा का कहना है कि पिछले कई सालों से नदी की सफाई न होने के कारण बाढ़ आने से लोगों को भारी दिक्कत का सामना करना पड़ता है। उन्होंने संबंधित विभाग के अधिकारियों को निर्देशित करा दिया है।
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मुरादाबाद सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता कुलदीप सिंह और जेई वीरेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि पिछले दिनों धामपुर में एसडीएम के निर्देशन में विभाग के अधिकारियों को राजस्व विभाग के अभिलेखों के अनुसार नदी की सफाई के निर्देश दिए गए थे। उनके रिकॉर्ड के मुताबिक धामपुर शुगर मिल के पास रेलवे फाटक से सफाई किए जाने के अभिलेख हैं। उन्होंने विभागीय रिकॉर्ड के अनुसार रेलवे मिल फाटक के पास से सफाई करने का कार्य शुरू कर दिया है। 30 किलोमीटर लंबी नदी की सफाई करने का लक्ष्य है। इनमें अब तक 20 किलोमीटर लंबी नदी की सफाई की जा चुकी है। उन्होंने बताया कि नदी की चौड़ाई लगभग 25 से 30 फीट है। कहीं इससे अधिक भी है। सर्पाकार में नदी बहती हुई कडूला नदी में जाकर गिरती है।
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विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इससे पीछे का विभाग के पास कोई रिकार्ड नहीं है। इससे पीछे की जिम्मेदारी पालिका और प्रशासन की है। बताया गया कि नदी की जमीन पर लोगों के अतिक्रमण और अवैध कब्जे हैं। नदी नाले के आकार में बह रही है। अधिकारियों का कहना है कि सिंचाई विभाग के रिकार्ड में इकड़ा नदी नहीं है बल्कि नाला है। जबकि राजस्व विभाग में नदी में अंकित होना बताया गया है।
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अधिशासी अधिकारी रवि शंकर शुक्ला का कहना है कि पालिका द्वारा सीमा के भीतर नदी की तलछट सफाई कराई जा चुकी है। इससे बाहर की जिम्मेदारी नगर पालिका की नहीं है। सिंचाई विभाग व प्रशासन को इस बाबत अवगत कराया जा चुका है।
विधायक अशोक राणा का कहना है कि पिछले कई सालों से नदी की सफाई न होने के कारण बाढ़ आने से लोगों को भारी दिक्कत का सामना करना पड़ता है। उन्होंने संबंधित विभाग के अधिकारियों को निर्देशित करा दिया है।