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Bijnor News: वन विभाग के एसडीओ पर गिरी निलंबन की गाज
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बिजनौर। नेशनल हाईवे निर्माण के दौरान हुए विवाद में वन विभाग के एसडीओ ज्ञान सिंह पर निलंबन की गाज गिर गई है। प्रशासन द्वारा गठित कमेटी की जांच के बाद जिलाधिकारी की संस्तुति पर वन विभाग के एसडीओ ज्ञान सिंह को निलंबित कर दिया गया है।
मेरठ पौड़ी नेशनल हाईवे को फोरलेन में तब्दील किया जा रहा है। हस्तिनापुर वन्य जीव अभ्यारण्य से गुजरने की वजह से नेशनल हाईवे अथॉरिटी ने भारत सरकार के पर्यावरण मंत्रालय से एनओसी ली थी। 20 जनवरी को बिजनौर बैराज के पास नवलपुर गांव की सीमा में हाईवे की सड़क का निर्माण कर रही संस्था पुरानी सड़क की मिट्टी उठाकर दूसरी जगह डाल रही थी, तभी एसडीओ ज्ञान सिंह टीम के साथ मौके पर पहुंच गए। इसे लेकर एनएचएआई और वन विभाग के अफसरों में विवाद हो गया।
वन विभाग ने हाईवे निर्माण संस्था पर तीन पेड़ काटने का आरोप लगाते हुए इंजीनियर को मौके से उठा लिया। वन अफसरों पर इंजीनियर और ड्राइवर के साथ मारपीट का आरोप लगाया। उधर वन विभाग ने वन अधिनियम में केस दर्ज करते हुए इंजीनियर को जेल भिजवा दिया था।
जिलाधिकारी ने इस पूरे मामले की जांच के लिए एडीएम प्रशासन और एएसपी सिटी को मामले की जांच सौंप दी। प्रशासनिक अफसरों की शुरुआती जांच के बाद ही इंजीनियर के अधीन काम करने वाले चालक की तहरीर पर एसडीओ ज्ञान सिंह और रेंजर समेत पांच वन कर्मियों के खिलाफ शहर कोतवाली में अपहरण और मारपीट का केस दर्ज किया गया।
उधर जांच कमेटी ने अपनी रिपोर्ट डीएम को प्रेषित की। इसके बाद डीएम ने शासन को रिपोर्ट भेजी, जिसमें मौके पर कोई पेड़ नष्ट नहीं होने की बात कही गई। जांच में यह भी कहा गया कि जिस स्थान पर सड़क का निर्माण कार्य रोका गया, वह न तो बिजनौर जनपद की सीमा में आता है और न ही वहां किसी वृक्ष के कटान के साक्ष्य मिले।
एनएचएआई के ड्रोन सर्वे और प्रशासनिक जांच में वन क्षति की पुष्टि नहीं हुई। जिलाधिकारी की संस्तुति पर एसडीओ ज्ञान सिंह को निलंबित करते हुए उनके विरुद्ध अनुशासनिक कार्रवाई प्रारंभ करने की स्वीकृति दी गई है। निलंबन अवधि में वे मुख्य वन संरक्षक कार्यालय, लखनऊ से संबद्ध रहेंगे।
जिलाधिकारी जसजीत कौर ने बताया कि एसडीओ ज्ञान सिंह के निलंबन का आदेश शासन से आ गया है। डीएफओ जय सिंह कुशवाह ने कहा कि सूचना मिली है। अभी आदेश का इंतजार किया जा रहा है।
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मेरठ पौड़ी नेशनल हाईवे को फोरलेन में तब्दील किया जा रहा है। हस्तिनापुर वन्य जीव अभ्यारण्य से गुजरने की वजह से नेशनल हाईवे अथॉरिटी ने भारत सरकार के पर्यावरण मंत्रालय से एनओसी ली थी। 20 जनवरी को बिजनौर बैराज के पास नवलपुर गांव की सीमा में हाईवे की सड़क का निर्माण कर रही संस्था पुरानी सड़क की मिट्टी उठाकर दूसरी जगह डाल रही थी, तभी एसडीओ ज्ञान सिंह टीम के साथ मौके पर पहुंच गए। इसे लेकर एनएचएआई और वन विभाग के अफसरों में विवाद हो गया।
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वन विभाग ने हाईवे निर्माण संस्था पर तीन पेड़ काटने का आरोप लगाते हुए इंजीनियर को मौके से उठा लिया। वन अफसरों पर इंजीनियर और ड्राइवर के साथ मारपीट का आरोप लगाया। उधर वन विभाग ने वन अधिनियम में केस दर्ज करते हुए इंजीनियर को जेल भिजवा दिया था।
जिलाधिकारी ने इस पूरे मामले की जांच के लिए एडीएम प्रशासन और एएसपी सिटी को मामले की जांच सौंप दी। प्रशासनिक अफसरों की शुरुआती जांच के बाद ही इंजीनियर के अधीन काम करने वाले चालक की तहरीर पर एसडीओ ज्ञान सिंह और रेंजर समेत पांच वन कर्मियों के खिलाफ शहर कोतवाली में अपहरण और मारपीट का केस दर्ज किया गया।
उधर जांच कमेटी ने अपनी रिपोर्ट डीएम को प्रेषित की। इसके बाद डीएम ने शासन को रिपोर्ट भेजी, जिसमें मौके पर कोई पेड़ नष्ट नहीं होने की बात कही गई। जांच में यह भी कहा गया कि जिस स्थान पर सड़क का निर्माण कार्य रोका गया, वह न तो बिजनौर जनपद की सीमा में आता है और न ही वहां किसी वृक्ष के कटान के साक्ष्य मिले।
एनएचएआई के ड्रोन सर्वे और प्रशासनिक जांच में वन क्षति की पुष्टि नहीं हुई। जिलाधिकारी की संस्तुति पर एसडीओ ज्ञान सिंह को निलंबित करते हुए उनके विरुद्ध अनुशासनिक कार्रवाई प्रारंभ करने की स्वीकृति दी गई है। निलंबन अवधि में वे मुख्य वन संरक्षक कार्यालय, लखनऊ से संबद्ध रहेंगे।
जिलाधिकारी जसजीत कौर ने बताया कि एसडीओ ज्ञान सिंह के निलंबन का आदेश शासन से आ गया है। डीएफओ जय सिंह कुशवाह ने कहा कि सूचना मिली है। अभी आदेश का इंतजार किया जा रहा है।
