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Bijnor News: वकील ने सुपारी देकर कराई अनिल सोती की हत्या
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बिजनौर में पकड़े गए अनिल सोती की हत्या के आरोपी। स्रोत पुलिस
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बिजनौर। अनिल कुमार सोती की हत्या उसके भतीजे गौरव के वकील ने सुपारी देकर कराई थी। पुलिस ने वकील राजनारायण की मुंशी निशा उर्फ अंजुम समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद हत्याकांड का खुलासा कर दिया है।
आरोपी वकील गौरव की 14 बीघा जमीन की जमीन-फरोख्त कराने में शामिल था और उसे भी जमीन बिकने पर मोटा कमीशन मिलने वाला था लेकिन चाचा अनिल सोती की 14 जमीन का कानूनी बंटवारा नहीं होने से गौरव ने वकील से केस छीनकर किसी दूसरे को देने की बात कही थी। हत्या की साजिश रचने वाला वकील पुलिस की पकड़ से दूर है।
सीओ सिटी अभय कुमार पांडेय ने बताया कि छह अगस्त की शाम अनिल कुमार सोती (82) की उनके घर में ही नाड़े से गलाघोंट कर हत्या कर दी गई थी। अनिल के भांजे आलोक शर्मा ने गौरव सोती, प्रॉपर्टी डीलर शैलेंद्र खन्ना, सुनील खन्ना, नावेद और अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई। पुलिस की जांच पड़ताल में निशा उर्फ अंजुम, उसकी बहन हिना, भाई अलीमुद्दीन, सुभाष और राजनारायण निवासी इतवारी गंज झांसी के नाम प्रकाश में आए। राजनारायण दिल्ली में रहकर वकालत करता है, जिसके चैंबर में निशा मुंशी/क्लर्क है।
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सीओ के अनुसार बिजनौर में नूरपुर रोड स्थित बाग की 28 बीघा जमीन में अनिल कुमार सोती अाैर उनका भतीजे गौरव बराबर के हिस्सेदार थे। गौरव ने अपने हिस्से की जमीन बेचने के लिए प्रॉपर्टी डीलर शैलेंद्र खन्ना आदि से वकील राजनारायण के जरिए एग्रीमेंट किया था। मगर चाचा अनिल कुमार सोती के साथ गौरव का कानूनी बंटवारा (कुर्राबंदी) नहीं हुआ था। ऐसे में गौरव ने वकील राजनारायण के जरिए ही कुर्राबंदी का केस कराया।
कुर्राबंदी में देरी की वजह से गौरव ने वकील राजनारायण से नाराजगी जाहिर की थी। कुर्राबंदी कराने के लिए वकील राजनारायण मोटी रकम ले चुका था। लेकिन इसमें देरी होने पर गाैरव ने केस किसी और के हवाले करने की बात भी वकील से बोल दी थी।
सीओ ने बताया कि केस के साथ साथ जमीन की खरीद फरोख्त में दो प्रतिशत कमीशन हाथ से खिसकता देख वकील राजनारायण ने अनिल कुमार सोती की हत्या कराने की साजिश रची और अपनी सहायक निशा उर्फ अंजुम परवीन को इसकी जिम्मेदारी सौंपी। हालांकि दिल्ली में प्रैक्टिस करने वाले वकील राजनारायण ने निशा के जरिए शुरुआत में अनिल कुमार सोती को दुष्कर्म या किसी और मामले में जेल भिजवाने की भी योजना बनाई थी।
इसके तहत निशा कई बार बिजनौर पहुंची मगर अनिल कुमार सोती की उम्र ज्यादा होने से दुष्कर्म या अन्य किसी मामले में जेल भिजवाने की झूठी कहानी को नहीं गढ़ा जा सका। इसके बाद हत्या करने का ताना-बाना बुना गया।
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आरोपी वकील गौरव की 14 बीघा जमीन की जमीन-फरोख्त कराने में शामिल था और उसे भी जमीन बिकने पर मोटा कमीशन मिलने वाला था लेकिन चाचा अनिल सोती की 14 जमीन का कानूनी बंटवारा नहीं होने से गौरव ने वकील से केस छीनकर किसी दूसरे को देने की बात कही थी। हत्या की साजिश रचने वाला वकील पुलिस की पकड़ से दूर है।
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सीओ सिटी अभय कुमार पांडेय ने बताया कि छह अगस्त की शाम अनिल कुमार सोती (82) की उनके घर में ही नाड़े से गलाघोंट कर हत्या कर दी गई थी। अनिल के भांजे आलोक शर्मा ने गौरव सोती, प्रॉपर्टी डीलर शैलेंद्र खन्ना, सुनील खन्ना, नावेद और अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई। पुलिस की जांच पड़ताल में निशा उर्फ अंजुम, उसकी बहन हिना, भाई अलीमुद्दीन, सुभाष और राजनारायण निवासी इतवारी गंज झांसी के नाम प्रकाश में आए। राजनारायण दिल्ली में रहकर वकालत करता है, जिसके चैंबर में निशा मुंशी/क्लर्क है।
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सीओ के अनुसार बिजनौर में नूरपुर रोड स्थित बाग की 28 बीघा जमीन में अनिल कुमार सोती अाैर उनका भतीजे गौरव बराबर के हिस्सेदार थे। गौरव ने अपने हिस्से की जमीन बेचने के लिए प्रॉपर्टी डीलर शैलेंद्र खन्ना आदि से वकील राजनारायण के जरिए एग्रीमेंट किया था। मगर चाचा अनिल कुमार सोती के साथ गौरव का कानूनी बंटवारा (कुर्राबंदी) नहीं हुआ था। ऐसे में गौरव ने वकील राजनारायण के जरिए ही कुर्राबंदी का केस कराया।
कुर्राबंदी में देरी की वजह से गौरव ने वकील राजनारायण से नाराजगी जाहिर की थी। कुर्राबंदी कराने के लिए वकील राजनारायण मोटी रकम ले चुका था। लेकिन इसमें देरी होने पर गाैरव ने केस किसी और के हवाले करने की बात भी वकील से बोल दी थी।
सीओ ने बताया कि केस के साथ साथ जमीन की खरीद फरोख्त में दो प्रतिशत कमीशन हाथ से खिसकता देख वकील राजनारायण ने अनिल कुमार सोती की हत्या कराने की साजिश रची और अपनी सहायक निशा उर्फ अंजुम परवीन को इसकी जिम्मेदारी सौंपी। हालांकि दिल्ली में प्रैक्टिस करने वाले वकील राजनारायण ने निशा के जरिए शुरुआत में अनिल कुमार सोती को दुष्कर्म या किसी और मामले में जेल भिजवाने की भी योजना बनाई थी।
इसके तहत निशा कई बार बिजनौर पहुंची मगर अनिल कुमार सोती की उम्र ज्यादा होने से दुष्कर्म या अन्य किसी मामले में जेल भिजवाने की झूठी कहानी को नहीं गढ़ा जा सका। इसके बाद हत्या करने का ताना-बाना बुना गया।

बिजनौर में पकड़े गए अनिल सोती की हत्या के आरोपी। स्रोत पुलिस