राम मंदिर चंदा विवाद: भाई ने किया चंपत राय का बचाव, बोले- संघ, राम और राष्ट्र सेवा के लिए समर्पित किया जीवन
Ram Mandir Donation Row: राम मंदिर निर्माण के लिए मिले चंदे में कथित गबन के आरोपों के बीच चंपत राय के भाई सुनील बंसल ने उनका बचाव किया। उन्होंने कहा कि चंपत राय ने अपना पूरा जीवन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, राम मंदिर आंदोलन और राष्ट्र सेवा के लिए समर्पित कर दिया।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
राम मंदिर निर्माण के लिए मिले चंदे में गबन के आरोपों के बीच श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय का उनके भाई सुनील बंसल ने बचाव किया है। बिजनौर के नगीना निवासी सुनील बंसल ने कहा कि उनके भाई ने न केवल अपना करियर, बल्कि निजी जीवन भी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, राम मंदिर आंदोलन और राष्ट्र सेवा के लिए समर्पित कर दिया।
उन्होंने कहा कि चंदे में गबन के आरोपों के बाद चंपत राय की भूमिका पर सवाल उठे, जिसके बाद उन्होंने ट्रस्ट के महासचिव पद से इस्तीफा दे दिया।
यह भी पढ़ें: UP: 50 किलो गेहूं के बोरे में दो किलो पानी, हर माह 45 लाख रुपये तक का नुकसान, 40 से अधिक डीलरों ने की शिकायत
अध्यापक की नौकरी छोड़कर राष्ट्र सेवा से जुड़े
समाचार संस्था पीटीआई से बातचीत में सुनील बंसल ने बताया कि चंपत राय ने वर्ष 1970-71 में हरियाणा के रोहतक में अध्यापक के रूप में कार्य किया। इसके बाद वर्ष 1972 में वह धामपुर स्थित आरएसएम डिग्री महाविद्यालय में भौतिक विज्ञान के प्रवक्ता बने।
उन्होंने बताया कि आपातकाल के दौरान पुलिस उन्हें गिरफ्तार करने पहुंची थी, जिसके बाद उन्होंने स्वयं स्थानीय थाने में आत्मसमर्पण किया। वर्ष 1980-81 में उन्होंने अध्यापक की नौकरी छोड़ दी ताकि वह पूरी तरह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यों के लिए स्वयं को समर्पित कर सकें।
आरोपों को बताया राजनीति से प्रेरित
सुनील बंसल ने अपने भाई पर लगे आरोपों को राजनीतिक प्रेरित बताते हुए कहा कि चंपत राय ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, राम मंदिर आंदोलन और देश की सेवा के लिए अपना सब कुछ छोड़ दिया। उनके अनुसार, ऐसे व्यक्ति पर लगाए जा रहे आरोप तथ्यों से अधिक राजनीति से प्रेरित हैं। हालांकि, इन आरोपों की निष्पक्ष जांच की प्रक्रिया अलग विषय है और आरोपों पर संबंधित पक्षों की ओर से अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं।
बार एसोसिएशन ने भी उठाई मांग
फैजाबाद बार एसोसिएशन ने राम मंदिर प्रबंधन से जुड़े चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव से अयोध्या छोड़ने की मांग की। एसोसिएशन ने कहा कि यदि तीन दिन के भीतर ऐसा नहीं किया गया तो पूरे शहर की नाकेबंदी की जाएगी और किसी को भी शहर में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा।
एसोसिएशन ने यह भी कहा कि वह भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 156(3) के तहत चंपत राय, गोपाल राव और अनिल मिश्रा के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए न्यायालय का दरवाजा खटखटाएगा। इस प्रावधान के तहत मजिस्ट्रेट पुलिस को संज्ञेय अपराध की जांच के निर्देश दे सकता है, यदि किसी शिकायत पर कार्रवाई नहीं की जाती।