{"_id":"6a8756cb8a4ba57cd70eac9e","slug":"convict-sentenced-to-10-years-in-prison-in-case-involving-abduction-and-rape-of-a-minor-badaun-news-c-123-1-ba11032-171192-2026-08-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Budaun News: नाबालिग को ले जाने व दुष्कर्म के केस में दोषी को 10 वर्ष की कैद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Budaun News: नाबालिग को ले जाने व दुष्कर्म के केस में दोषी को 10 वर्ष की कैद
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बदायूं। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट दिनेश तिवारी की कोर्ट ने बहलाकर नाबालिग लड़की को ले जाने और उसके साथ दुष्कर्म करने के केस में आरोपी देव सिंह पुत्र स्वर्गीय हरद्वारी निवासी ग्राम ढहोरी थाना बिलारी जिला मुरादाबाद को दोषी करार देते हुए दस वर्ष के कठोर कारावास और 30 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड अदा न करने पर दोषी को तीन माह अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी।
थाना बिसौली में पीड़ित ने 22 मार्च 2018 को थाने में दी तहरीर में कहा था कि 5 फरवरी 2018 को वह और उसकी पत्नी खेतों में काम करने गए थे। उनकी गैरमौजूदगी में हिमाचल प्रदेश में नौकरी करने वाला देव सिंह घर में घुस आया और साढ़े 15 वर्ष की पुत्री को अपने साथ ले गया। पुत्री को ले जाते गांव के लोगों ने भी देखा।
पुलिस ने देव सिंह पुत्र स्वर्गीय हरद्वारी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की। पुलिस ने विवेचना कर किशोरी को बरामद कर उसके बयान कराए। पुलिस ने पीड़िता का मेडिकल कराकर आरोपी देव के विरुद्ध कोर्ट में आरोपपत्र दाखिल किया। कोर्ट में बयान दर्ज कराते हुए पीड़िता ने कहा कि वह देव को जानती थी। वह पंजाब में उसके पिता के साथ मजदूरी किया करता था।
विज्ञापन
पीड़िता ने कहा कि देव घर आया और उसे गाड़ी के पास ले गया और वहां रुमाल सुंघा दिया, जिससे वह बेहोश हो गई। उसे दिल्ली ले जाकर एक महीने तक रखा और दुष्कर्म किया। काफी दिनों बाद देव अपनी रिश्तेदारी में उसे लेकर जा रहा था। इसी दौरान चंदौसी रेलवे क्रॉसिंग के पास पुलिस आ गई तो वह भाग निकला। उसके बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद आरोपी देव सिंह को दोषी पाया। कोर्ट ने अलग-अलग धाराओं में दोषी को सजा सुनाई है। कोर्ट ने दोषी को अर्थदंड की पूर्ण धनराशि पीड़िता को बतौर क्षतिपूर्ति अदा करने का आदेश दिया है।
नीलकंठ महादेव-जामा मस्जिद वाद में अगली सुनवाई 27 अगस्त को
- इंतजामिया कमेटी की दलीलों पर हिंदू पक्ष ने रखी अपनी बात
संवाद न्यूज एजेंसी
बदायूं। नीलकंठ महादेव-जामा मस्जिद वाद में सिविल जज सीनियर डिवीजन की अदालत में बृहस्पतिवार को सुनवाई हुई। करीब 20 मिनट तक चली बहस के दौरान दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं ने अपनी-अपनी दलीलें अदालत के समक्ष रखीं।
सुनवाई के दौरान प्रकरण में कानूनी स्थिति और संबंधित अभिलेखों को लेकर पक्षकारों की ओर से तर्क प्रस्तुत किए गए। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने मामले में अगली सुनवाई के लिए 27 अगस्त की तारीख निर्धारित की है। यह वाद वर्ष 2022 से अदालत में विचाराधीन है। इससे पहले भी अदालत में दोनों पक्षों की ओर से कानूनी बिंदुओं पर बहस की जा चुकी है। इस महीने जल्दी-जल्दी तारीखें पड़ रही हैं। वाद की सुनवाई अहम मोड़ पर पहुंच रही है। अब 27 अगस्त को सुनवाई आगे बढ़ेगी।
विज्ञापन
थाना बिसौली में पीड़ित ने 22 मार्च 2018 को थाने में दी तहरीर में कहा था कि 5 फरवरी 2018 को वह और उसकी पत्नी खेतों में काम करने गए थे। उनकी गैरमौजूदगी में हिमाचल प्रदेश में नौकरी करने वाला देव सिंह घर में घुस आया और साढ़े 15 वर्ष की पुत्री को अपने साथ ले गया। पुत्री को ले जाते गांव के लोगों ने भी देखा।
विज्ञापन
पुलिस ने देव सिंह पुत्र स्वर्गीय हरद्वारी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की। पुलिस ने विवेचना कर किशोरी को बरामद कर उसके बयान कराए। पुलिस ने पीड़िता का मेडिकल कराकर आरोपी देव के विरुद्ध कोर्ट में आरोपपत्र दाखिल किया। कोर्ट में बयान दर्ज कराते हुए पीड़िता ने कहा कि वह देव को जानती थी। वह पंजाब में उसके पिता के साथ मजदूरी किया करता था।
विज्ञापन
पीड़िता ने कहा कि देव घर आया और उसे गाड़ी के पास ले गया और वहां रुमाल सुंघा दिया, जिससे वह बेहोश हो गई। उसे दिल्ली ले जाकर एक महीने तक रखा और दुष्कर्म किया। काफी दिनों बाद देव अपनी रिश्तेदारी में उसे लेकर जा रहा था। इसी दौरान चंदौसी रेलवे क्रॉसिंग के पास पुलिस आ गई तो वह भाग निकला। उसके बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद आरोपी देव सिंह को दोषी पाया। कोर्ट ने अलग-अलग धाराओं में दोषी को सजा सुनाई है। कोर्ट ने दोषी को अर्थदंड की पूर्ण धनराशि पीड़िता को बतौर क्षतिपूर्ति अदा करने का आदेश दिया है।
नीलकंठ महादेव-जामा मस्जिद वाद में अगली सुनवाई 27 अगस्त को
- इंतजामिया कमेटी की दलीलों पर हिंदू पक्ष ने रखी अपनी बात
संवाद न्यूज एजेंसी
बदायूं। नीलकंठ महादेव-जामा मस्जिद वाद में सिविल जज सीनियर डिवीजन की अदालत में बृहस्पतिवार को सुनवाई हुई। करीब 20 मिनट तक चली बहस के दौरान दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं ने अपनी-अपनी दलीलें अदालत के समक्ष रखीं।
सुनवाई के दौरान प्रकरण में कानूनी स्थिति और संबंधित अभिलेखों को लेकर पक्षकारों की ओर से तर्क प्रस्तुत किए गए। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने मामले में अगली सुनवाई के लिए 27 अगस्त की तारीख निर्धारित की है। यह वाद वर्ष 2022 से अदालत में विचाराधीन है। इससे पहले भी अदालत में दोनों पक्षों की ओर से कानूनी बिंदुओं पर बहस की जा चुकी है। इस महीने जल्दी-जल्दी तारीखें पड़ रही हैं। वाद की सुनवाई अहम मोड़ पर पहुंच रही है। अब 27 अगस्त को सुनवाई आगे बढ़ेगी।