बदायूं: जमीन के फर्जी बैनामे, दाखिल खारिज भी कराया, तहसीलदार समेत आठ के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज
बदायूं में सीजेएम के आदेश पर करोड़ों रुपये की 1.194 हेक्टेयर जमीन के फर्जी बैनामे और दाखिल खारिज के आरोप में तहसीलदार समेत आठ लोगों पर रिपोर्ट दर्ज हुई है। यह जमीन दिवंगत या गांव छोड़ चुके लोगों की थी।
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बदायूं जिले की सुजावली ग्राम पंचायत के मझरा पावड़ पुख्ता में करोड़ों रुपये की 1.194 हेक्टेयर जमीन के चार फर्जी बैनामे कराने वाले व्यक्ति और फिर दाखिल खारिज करने के आरोप में तहसीलदार, नायब तहसीलदार व लेखपाल समेत आठ लोगों पर रिपोर्ट दर्ज की गई है। यह जमीन उन लोगों की है जो गांव छोड़कर चले गए या मृत्यु हो गई। यह रिपोर्ट सीजेएम के आदेश पर दर्ज हुई है।
रिपोर्ट सुजावली गांव के प्रशासक और और भूमि प्रबंधक समिति के अध्यक्ष ब्रह्मचारी की ओर से सहसवान थाने में दर्ज कराई गई है। ये बैनामे वर्ष 2022 से 2025 के बीच हुए। रिपोर्ट में कहा गया है कि पावड़ पुख्ता में लावारिस पड़ी जमीन और दिवंगत लोगों की ऐसी भूमि पर गांव के कुछ लोग कब्जा करके फर्जी बैनामे कराकर बेच रहे हैं। अब तक चार मामले सामने आए हैं। तीन मामले सुजावली ग्राम पंचायत के ही हैं, एक अन्य गांव का है।
अफसरों से सांठगांठ कर दाखिल खारिज कराया
आरोप है कि कुंवरपाल, लालाराम, नेत्रपाल व लालाराम उर्फ लालू व राजपाल ने फर्जी आधार कार्ड व अन्य अभिलेखों के जरिये ये फर्जी बैनामे अपने और अपने सहयोगियों के नाम कराए। उसके बाद तहसीलदार हरीश चंद्र, नायाब तहसीलदार अनगराज और क्षेत्रीय लेखपाल अच्छेलाल के साथ सांठगांठ करके जमीन का दाखिल खारिज भी करा लिया।
एसडीएम सहसवान शौर्य अरोड़ा ने बताया कि मामला पुराना है। तहसील में तैनात रहे अधिकारियों के विरुद्ध दर्ज हुए मामले की जांच कराई जाएगी।
एसपी देहात डॉ. हृदेश कठेरिया ने बताया कि न्यायालय के आदेश पर तहसीलदार सहित अन्य आरोपियों के विरुद्ध केस दर्ज किया गया है। विवेचना कराई जा रही है। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उसी के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।