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Budaun News: प्लांट में सन्नाटा...औद्योगिक गलियारे के अस्तित्व पर संकट
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बदायूं। रामगंगा की कटरी के बीहड़ इलाके में जहां एक वक्त डकैत कल्लू-नज्जू जैसे गिरोहों का आतंक था, वहां से गंगा एक्सप्रेस वे गुजरने के बाद औद्योगिक इकाइयों के फलने फूलने और रोजगार सृजन का माहौल बनने लगा है। दोहरे हत्याकांड के बाद संबंधित प्लांट में उत्पादन ठप और आसपास पसरे सन्नाटे ने इस कवायद का जोर का झटका दिया है। अब कानून व्यवस्था बेहतर बनाने और उद्यमियों का भरोसा जीतने में वक्त लग सकता है।
एचपीसीएल का प्लांट जिस जगह बना है वह कुछ साल पहले तक बीहड़ इलाकों में शुमार था। पहले सपा सरकार और फिर मौजूदा भाजपा सरकार ने इस इलाके में सड़कों का जाल फैलाया तो आवागमन और परिवहन का हाल बेहतर हुआ। इसके साथ ही सरकारी क्षेत्र की बड़ी कंपनी हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड ने यहां सीबीजी प्लांट (कंप्रेस्ड बॉयो गैस) स्थापित करने का निर्णय लिया। स्थानीय जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों ने तब इसे जिले के लिए बड़ी उपलब्धि बताया था।
इसमें स्थानीय किसानों की पराली खरीदकर बॉयो गैस बनाने से ग्रामीणों को कमाई का जरिया व स्थानीय नौजवानों को रोजगार की उम्मीद बढ़ी थी। वर्ष 2024 में इस प्लांट को जोरशोर से शुरू किया गया। हालांकि स्थानीय स्तर पर प्लांट चलाने के लिए पर्याप्त पराली का जुगाड़ होना मुश्किल हो रहा था। यहां पंजाब व शाहजहांपुर से पराली लाकर प्लांट चलाया जा रहा था। उसमें भी अजय जैसे लोगों से कंपनी अफसरों को रोज दो चार होना पड़ रहा था। ऐसे में प्लांट संचालन के भविष्य पर भी सवाल खड़ा हो रहा है। रविवार शाम यहां मेनगेट बंद था और अंदर से बाहर तक सन्नाटा पसरा था। गेट के बाहर नई पुलिस चौकी के दो सिपाही और अंदर कंपनी के दो गार्ड बैठे थे।
दस गांव खाली कराकर औद्योगिक गलियारा बनाने की है योजना
गंगा एक्सप्रेस- वे से सटे डहरपुर के पास के इलाके में औद्योगिक गलियारा बनाने की योजना परवान चढ़ रही है। प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक दस गांव खाली कराकर यहां औद्योगिक गलियारा बनाया जाना है। जाहिर है कि ये गलियारा इस इलाके के विकास की नई इबारत लिखेगा। यहां नई औद्योगिक इकाइयां लगेंगी तो स्थानीय नौजवानों को घर के पास ही रोजगार मिलना तय है। जिन गांव की आबादी व कृषि भूमि इस दायरे में आएगी वहां के किसानों को कई गुना कीमत का मुआवजा भी मिलेगा जिससे उनकी आर्थिक स्थिति काफी बेहतर हो सकती है। अब दो कंपनी अधिकारियों की निर्ममता से हत्या के बाद नए उद्योगों की स्थापना को लेकर भय का माहौल है।
पीएसी महिला बटालियन का निर्माण जारी
जिस प्लांट में दोहरा हत्याकांड हुआ वहां से सटकर ही प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी योजना के तहत पीएसी महिला बटालियन का निर्माण किया जा रहा है। इस तरह की बटालियन प्रदेश में केवल तीन जगह लखनऊ, गोरखपुर और बदायूं में ही बनाई जा रही है। यह 412 करोड़ से अधिक लागत वाली योजना है जिसकी निर्माण प्रक्रिया लगभग अंतिम चरण में है। जल्द ही इस इलाके में बटालियन स्थापित होने के बाद महिला पीएसी कर्मी प्रशिक्षण के लिए पहुंचेंगी। जाहिर है कि महिला सुरक्षा के लिहाज से इलाके में पुलिस का इकबाल बुलंद करने की जरूरत है।
औद्योगिक क्षेत्र में विकास लॉ एंड ऑर्डर से प्रदेश में हो रहा है। अगर कहीं आपराधिक घटनाएं होती हैं तो एकबारगी उसका दुष्प्रभाव पड़ता है। हालांकि, उम्मीद है कि प्रदेश सरकार इससे सख्ती से निपटेगी। जल्द मामले का खुलासा होगा। - दिनेश गोयल, राष्ट्रीय अध्यक्ष, आईआईए
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एचपीसीएल का प्लांट जिस जगह बना है वह कुछ साल पहले तक बीहड़ इलाकों में शुमार था। पहले सपा सरकार और फिर मौजूदा भाजपा सरकार ने इस इलाके में सड़कों का जाल फैलाया तो आवागमन और परिवहन का हाल बेहतर हुआ। इसके साथ ही सरकारी क्षेत्र की बड़ी कंपनी हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड ने यहां सीबीजी प्लांट (कंप्रेस्ड बॉयो गैस) स्थापित करने का निर्णय लिया। स्थानीय जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों ने तब इसे जिले के लिए बड़ी उपलब्धि बताया था।
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इसमें स्थानीय किसानों की पराली खरीदकर बॉयो गैस बनाने से ग्रामीणों को कमाई का जरिया व स्थानीय नौजवानों को रोजगार की उम्मीद बढ़ी थी। वर्ष 2024 में इस प्लांट को जोरशोर से शुरू किया गया। हालांकि स्थानीय स्तर पर प्लांट चलाने के लिए पर्याप्त पराली का जुगाड़ होना मुश्किल हो रहा था। यहां पंजाब व शाहजहांपुर से पराली लाकर प्लांट चलाया जा रहा था। उसमें भी अजय जैसे लोगों से कंपनी अफसरों को रोज दो चार होना पड़ रहा था। ऐसे में प्लांट संचालन के भविष्य पर भी सवाल खड़ा हो रहा है। रविवार शाम यहां मेनगेट बंद था और अंदर से बाहर तक सन्नाटा पसरा था। गेट के बाहर नई पुलिस चौकी के दो सिपाही और अंदर कंपनी के दो गार्ड बैठे थे।
दस गांव खाली कराकर औद्योगिक गलियारा बनाने की है योजना
गंगा एक्सप्रेस- वे से सटे डहरपुर के पास के इलाके में औद्योगिक गलियारा बनाने की योजना परवान चढ़ रही है। प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक दस गांव खाली कराकर यहां औद्योगिक गलियारा बनाया जाना है। जाहिर है कि ये गलियारा इस इलाके के विकास की नई इबारत लिखेगा। यहां नई औद्योगिक इकाइयां लगेंगी तो स्थानीय नौजवानों को घर के पास ही रोजगार मिलना तय है। जिन गांव की आबादी व कृषि भूमि इस दायरे में आएगी वहां के किसानों को कई गुना कीमत का मुआवजा भी मिलेगा जिससे उनकी आर्थिक स्थिति काफी बेहतर हो सकती है। अब दो कंपनी अधिकारियों की निर्ममता से हत्या के बाद नए उद्योगों की स्थापना को लेकर भय का माहौल है।
पीएसी महिला बटालियन का निर्माण जारी
जिस प्लांट में दोहरा हत्याकांड हुआ वहां से सटकर ही प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी योजना के तहत पीएसी महिला बटालियन का निर्माण किया जा रहा है। इस तरह की बटालियन प्रदेश में केवल तीन जगह लखनऊ, गोरखपुर और बदायूं में ही बनाई जा रही है। यह 412 करोड़ से अधिक लागत वाली योजना है जिसकी निर्माण प्रक्रिया लगभग अंतिम चरण में है। जल्द ही इस इलाके में बटालियन स्थापित होने के बाद महिला पीएसी कर्मी प्रशिक्षण के लिए पहुंचेंगी। जाहिर है कि महिला सुरक्षा के लिहाज से इलाके में पुलिस का इकबाल बुलंद करने की जरूरत है।
औद्योगिक क्षेत्र में विकास लॉ एंड ऑर्डर से प्रदेश में हो रहा है। अगर कहीं आपराधिक घटनाएं होती हैं तो एकबारगी उसका दुष्प्रभाव पड़ता है। हालांकि, उम्मीद है कि प्रदेश सरकार इससे सख्ती से निपटेगी। जल्द मामले का खुलासा होगा। - दिनेश गोयल, राष्ट्रीय अध्यक्ष, आईआईए