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Budaun News: सपा सांसद आदित्य यादव ने सरकार और पुलिस-प्रशासन पर साधा निशाना
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पत्रकाराें से वार्ता करते सपा सांसद आदित्य यादव।
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बदायूं। दातागंज तहसील व मूसाझाग थाना क्षेत्र के सैजनी गांव स्थित एचपीसीएल बायोगैस प्लांट में हुए दोहरे हत्याकांड को लेकर समाजवादी पार्टी के सांसद आदित्य यादव ने राज्य सरकार और प्रशासन पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
रविवार को पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने मुख्यमंत्री द्वारा गठित एसआईटी जांच पर अविश्वास जताते हुए मामले की सीबीआई या सीबीसीआईडी से निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि निष्पक्ष जांच नहीं हुई तो वह इस मुद्दे को संसद में भी उठाएंगे।
अपने आवास पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए सांसद ने कहा कि प्लांट परिसर के अंदर जिस तरह दिनदहाड़े दो अधिकारियों की हत्या की गई, वह कानून-व्यवस्था पर बड़ा प्रश्नचिह्न है। उन्होंने बताया कि मृतकों ने 14 जनवरी को ही जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को लिखित शिकायत देकर जान का खतरा बताया था और सुरक्षा मांगी थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई।
सवा महीने के भीतर ही यह घटना हो जाना प्रशासन की एक बड़ी चूक है। सांसद ने आरोप लगाया कि इस मामले में केवल आरोपी ही नहीं, बल्कि कुछ प्रभावशाली जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की भूमिका भी सामने आ सकती है। उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे मामले की जांच आगे बढ़ेगी, कई और नाम उजागर होंगे और तभी पीड़ित परिवारों को न्याय मिल सकेगा।
आदित्य यादव ने पुलिस की कार्रवाई पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि घटना के बाद आरोपी ने खुद आत्मसमर्पण किया था, लेकिन पुलिस ने उसे मुठभेड़ में गिरफ्तार दिखाया। उन्होंने प्लांट परिसर में सीसी फुटेज न मिलने पर भी आश्चर्य जताया। कहा कि सामान्य मामलों में कुछ ही घंटों में कॉल डिटेल और लोकेशन निकल आती है, लेकिन इस मामले में अब तक यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि आरोपी किसके संपर्क में था और उसे किसने उकसाया।
उन्होंने कहा कि इस मामले में थाना प्रभारी से लेकर डीएम और एसएसपी तक की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। साथ ही प्लांट में तैनात सुरक्षा कर्मियों की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए। सपा सांसद ने कहा कि ऐसी घटनाओं से प्रदेश की कानून-व्यवस्था की छवि प्रभावित होती है और निवेश पर भी असर पड़ता है।
गैस के लिए लाइन लगाए लोग, सरकार अपनी जिम्मेदारी से भाग रही
सांसद ने कहा कि इस समय पूरे प्रदेश में गैस की किल्लत है। बदायूं में भी समस्या है, जबकि गैस ब्लैक में बिक रही है। सीएम कह रहे हैं कि गैस की कमी नहीं, लेकिन लोग परेशान हैं। ऐसे में सरकार अपनी जिम्मेदारी से भाग रही है। इसके अलावा उन्होंने कहा कि पुलिस भर्ती परीक्षा के सवाल में ब्राह्मण समाज का अपमान हुआ है। पहले भी जो घटनाएं हुईं, उन मामलों में सरकार इस समाज को न्याय नहीं दिलवा सकी है।
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रविवार को पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने मुख्यमंत्री द्वारा गठित एसआईटी जांच पर अविश्वास जताते हुए मामले की सीबीआई या सीबीसीआईडी से निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि निष्पक्ष जांच नहीं हुई तो वह इस मुद्दे को संसद में भी उठाएंगे।
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अपने आवास पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए सांसद ने कहा कि प्लांट परिसर के अंदर जिस तरह दिनदहाड़े दो अधिकारियों की हत्या की गई, वह कानून-व्यवस्था पर बड़ा प्रश्नचिह्न है। उन्होंने बताया कि मृतकों ने 14 जनवरी को ही जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को लिखित शिकायत देकर जान का खतरा बताया था और सुरक्षा मांगी थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई।
सवा महीने के भीतर ही यह घटना हो जाना प्रशासन की एक बड़ी चूक है। सांसद ने आरोप लगाया कि इस मामले में केवल आरोपी ही नहीं, बल्कि कुछ प्रभावशाली जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की भूमिका भी सामने आ सकती है। उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे मामले की जांच आगे बढ़ेगी, कई और नाम उजागर होंगे और तभी पीड़ित परिवारों को न्याय मिल सकेगा।
आदित्य यादव ने पुलिस की कार्रवाई पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि घटना के बाद आरोपी ने खुद आत्मसमर्पण किया था, लेकिन पुलिस ने उसे मुठभेड़ में गिरफ्तार दिखाया। उन्होंने प्लांट परिसर में सीसी फुटेज न मिलने पर भी आश्चर्य जताया। कहा कि सामान्य मामलों में कुछ ही घंटों में कॉल डिटेल और लोकेशन निकल आती है, लेकिन इस मामले में अब तक यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि आरोपी किसके संपर्क में था और उसे किसने उकसाया।
उन्होंने कहा कि इस मामले में थाना प्रभारी से लेकर डीएम और एसएसपी तक की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। साथ ही प्लांट में तैनात सुरक्षा कर्मियों की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए। सपा सांसद ने कहा कि ऐसी घटनाओं से प्रदेश की कानून-व्यवस्था की छवि प्रभावित होती है और निवेश पर भी असर पड़ता है।
गैस के लिए लाइन लगाए लोग, सरकार अपनी जिम्मेदारी से भाग रही
सांसद ने कहा कि इस समय पूरे प्रदेश में गैस की किल्लत है। बदायूं में भी समस्या है, जबकि गैस ब्लैक में बिक रही है। सीएम कह रहे हैं कि गैस की कमी नहीं, लेकिन लोग परेशान हैं। ऐसे में सरकार अपनी जिम्मेदारी से भाग रही है। इसके अलावा उन्होंने कहा कि पुलिस भर्ती परीक्षा के सवाल में ब्राह्मण समाज का अपमान हुआ है। पहले भी जो घटनाएं हुईं, उन मामलों में सरकार इस समाज को न्याय नहीं दिलवा सकी है।