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Budaun News: कोहरे में एक्सप्रेसवे पर तेज रफ्तार में नहीं दौड़ सकेंगे वाहन
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बिनावर से होकर निकलता गंगा एक्सप्रेस-वे। संवाद
बदायूं। कोहरे में हादसे न हों, इसके लिए गंगा, आगरा-लखनऊ, पूर्वांचल, बुंदेलखंड और गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे पर अधिकतम गति सीमा को कम करने का निर्णय लिया गया है। एक नवंबर से 15 नवंबर तक आठ सीटर वाहनों की स्पीड दिन में 100 और रात में 80 किमी प्रति घंटा तय की गई है। 15 नवंबर से 15 फरवरी 2027 तक दिन में गति सीमा 80 और रात में 60 किमी प्रतिघंटा रहेगी। 50 मीटर से कम दृश्यता पर वाहनों को रोका जाएगा। अब तक 120 किलोमीटर प्रति घंटे की गति सीमा निर्धारित थी।
उप्र एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) के मुख्य कार्यपालक अधिकारी दीपक कुमार ने 23 अक्तूबर को इस संबंध में पत्र जारी करके विभाग के प्रभारी मुख्य अभियंता गिरीश नाथ सिंह, मुख्य महाप्रबंधक सत्येंद्र कुमार श्रीवास्तव और सड़क सुरक्षा एवं यातायात प्रबंधन के मुख्य महाप्रबंधक राजेश कुमार पांडेय और एजेंसियों को 31 अक्तूबर तक जरूरी व्यवस्थाएं पूरी करने के निर्देश दिए हैं।
मालवाहकों के लिए भी सीमा तय, स्वत: कटेगा चालान
एक से 15 नवंबर तक नौ या अधिक यात्री सीटों वाले एम-2 और एम-3 श्रेणी के वाहनों को दिन में 80 और रात में 60 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चलना होगा। वहीं, मालवाहक वाहनों की गति सीमा दिन में 60 और रात में 50 किलोमीटर प्रति घंटा निर्धारित की गई है। 15 नवंबर से 15 फरवरी 2027 तक एम-1 श्रेणी के वाहनों की अधिकतम गति सीमा दिन में 80 और रात में 60 किलोमीटर प्रति घंटा रहेगी। एम-2 और एम-3 श्रेणी के वाहनों के लिए यह सीमा दिन में 60 और रात में 50 किलोमीटर प्रति घंटा होगी। मालवाहक वाहनों को दिन में अधिकतम 50 और रात में 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलना होगा। तय गति सीमा के उल्लंघन पर स्वचालित यातायात प्रबंधन प्रणाली (एटीएमएस) के माध्यम से चालान कट जाएगा।
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घने कोहरे में काफिले में भेजे जाएंगे वाहन
घने कोहरे में दृश्यता 50 मीटर से कम होने पर सुरक्षा टीम वाहन चालकों को नजदीकी टोल प्लाजा, पेट्रोल पंप, रेस्तरां या अन्य सुरक्षित स्थान पर रुकने की अपील करेगी। जरूरत पड़ने पर वाहनों को एकत्र करके काफिले में आगे रवाना किया जाएगा। इसके लिए पुलिस विभाग के समन्वय से मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार कर सुरक्षा टीमों को प्रशिक्षित किया जाएगा, ताकि कम दृश्यता में वाहन एक-दूसरे से टकराने से बच सकें।
टोल प्लाजा समेत एफएम चैनलों पर चलाया जाएगा जागरूकता अभियान
एक्सप्रेस-वे के टोल प्लाजा पर सार्वजनिक उद्घोषणा प्रणाली से यात्रियों को सावधान किया जाएगा। रेडियो और एफएम चैनलों के माध्यम से भी सुरक्षित यात्रा के निर्देश प्रसारित होंगे। टोल प्लाजा, प्रवेश-निकास बिंदुओं और सड़क किनारे स्थित सुविधाओं पर जागरूकता संबंधी पर्चे बांटे जाएंगे। बड़े सूचना बोर्ड लगाकर चालकों को नियंत्रित गति से वाहन चलाने की अपील की जाएगी।
24 घंटे सक्रिय रहेंगी सुरक्षा और एंबुलेंस टीमें
यूपीडा ने एक्सप्रेस-वे पर सुरक्षा गश्त बढ़ाने और एंबुलेंस सहित आपातकालीन सेवाओं को 24 घंटे उपलब्ध रखने के निर्देश दिए हैं। जरूरत के अनुसार अतिरिक्त एंबुलेंस और वाहनों की तैनाती भी की जाएगी। प्रवेश और निकास बिंदुओं पर फॉग लाइट लगाई जाएंगी। मोड़ों, नदियों और नालों के नजदीक घना कोहरा पड़ने वाले हिस्सों में अतिरिक्त रिफ्लेक्टर और ब्लिंकर लगाए जाएंगे। निर्माण और रखरखाव वाले स्थानों पर भी चेतावनी बोर्ड और प्रकाशमान संकेतक लगाए जाएंगे।
सभी एक्सप्रेस-वे पर लागू होगी स्पीड
कोहरे को ध्यान में रखते हुए गंगा एक्सप्रेस-वे, आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे, पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे, बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे और गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे पर यह नियम लागू रहेगा। अधिक स्पीड से चलाने पर एटीएमएस (एडवांस ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम) से चालान स्वत: ही कट जाएगा आपके मोबाइल पर पहुंच जाएगा।
तीनों इंटरचेंज पर लगेंगी फॉग लाइटें
बदायूं। गंगा एक्सप्रेसवे पर बढ़ते हादसों को रोकने के लिए जिले के तीनों इंटरचेंज (डहरपुर, वनकोटा और घटपुरी) की एंट्री और एग्जिट पर फॉग लाइटें लगाई जाएंगी। इससे कम दृश्यता होने पर वाहन चालकों को रास्ता साफ दिखाई देगा और एक्सप्रेसवे पर चढ़ने व उतरने में परेशानी नहीं होगी। बता दें कि गंगा एक्सप्रेस-वे जिले में करीब 91 किलोमीटर से होकर गुजर रहा है।
यूपीडा की ओर से गंगा एक्सप्रेसवे पर गति सीमा कम करने का आदेश जारी किया गया है। इसके साथ कई अन्य नियम भी बनाए गए हैं। अब एक्सप्रेसवे पर अनियंत्रित गति वाले वाहनों के चालान की व्यवस्था भी जल्द शुरू होने वाली है। हरिओम, एआरटीओ, बदायूं
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उप्र एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) के मुख्य कार्यपालक अधिकारी दीपक कुमार ने 23 अक्तूबर को इस संबंध में पत्र जारी करके विभाग के प्रभारी मुख्य अभियंता गिरीश नाथ सिंह, मुख्य महाप्रबंधक सत्येंद्र कुमार श्रीवास्तव और सड़क सुरक्षा एवं यातायात प्रबंधन के मुख्य महाप्रबंधक राजेश कुमार पांडेय और एजेंसियों को 31 अक्तूबर तक जरूरी व्यवस्थाएं पूरी करने के निर्देश दिए हैं।
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मालवाहकों के लिए भी सीमा तय, स्वत: कटेगा चालान
एक से 15 नवंबर तक नौ या अधिक यात्री सीटों वाले एम-2 और एम-3 श्रेणी के वाहनों को दिन में 80 और रात में 60 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चलना होगा। वहीं, मालवाहक वाहनों की गति सीमा दिन में 60 और रात में 50 किलोमीटर प्रति घंटा निर्धारित की गई है। 15 नवंबर से 15 फरवरी 2027 तक एम-1 श्रेणी के वाहनों की अधिकतम गति सीमा दिन में 80 और रात में 60 किलोमीटर प्रति घंटा रहेगी। एम-2 और एम-3 श्रेणी के वाहनों के लिए यह सीमा दिन में 60 और रात में 50 किलोमीटर प्रति घंटा होगी। मालवाहक वाहनों को दिन में अधिकतम 50 और रात में 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलना होगा। तय गति सीमा के उल्लंघन पर स्वचालित यातायात प्रबंधन प्रणाली (एटीएमएस) के माध्यम से चालान कट जाएगा।
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घने कोहरे में काफिले में भेजे जाएंगे वाहन
घने कोहरे में दृश्यता 50 मीटर से कम होने पर सुरक्षा टीम वाहन चालकों को नजदीकी टोल प्लाजा, पेट्रोल पंप, रेस्तरां या अन्य सुरक्षित स्थान पर रुकने की अपील करेगी। जरूरत पड़ने पर वाहनों को एकत्र करके काफिले में आगे रवाना किया जाएगा। इसके लिए पुलिस विभाग के समन्वय से मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार कर सुरक्षा टीमों को प्रशिक्षित किया जाएगा, ताकि कम दृश्यता में वाहन एक-दूसरे से टकराने से बच सकें।
टोल प्लाजा समेत एफएम चैनलों पर चलाया जाएगा जागरूकता अभियान
एक्सप्रेस-वे के टोल प्लाजा पर सार्वजनिक उद्घोषणा प्रणाली से यात्रियों को सावधान किया जाएगा। रेडियो और एफएम चैनलों के माध्यम से भी सुरक्षित यात्रा के निर्देश प्रसारित होंगे। टोल प्लाजा, प्रवेश-निकास बिंदुओं और सड़क किनारे स्थित सुविधाओं पर जागरूकता संबंधी पर्चे बांटे जाएंगे। बड़े सूचना बोर्ड लगाकर चालकों को नियंत्रित गति से वाहन चलाने की अपील की जाएगी।
24 घंटे सक्रिय रहेंगी सुरक्षा और एंबुलेंस टीमें
यूपीडा ने एक्सप्रेस-वे पर सुरक्षा गश्त बढ़ाने और एंबुलेंस सहित आपातकालीन सेवाओं को 24 घंटे उपलब्ध रखने के निर्देश दिए हैं। जरूरत के अनुसार अतिरिक्त एंबुलेंस और वाहनों की तैनाती भी की जाएगी। प्रवेश और निकास बिंदुओं पर फॉग लाइट लगाई जाएंगी। मोड़ों, नदियों और नालों के नजदीक घना कोहरा पड़ने वाले हिस्सों में अतिरिक्त रिफ्लेक्टर और ब्लिंकर लगाए जाएंगे। निर्माण और रखरखाव वाले स्थानों पर भी चेतावनी बोर्ड और प्रकाशमान संकेतक लगाए जाएंगे।
सभी एक्सप्रेस-वे पर लागू होगी स्पीड
कोहरे को ध्यान में रखते हुए गंगा एक्सप्रेस-वे, आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे, पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे, बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे और गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे पर यह नियम लागू रहेगा। अधिक स्पीड से चलाने पर एटीएमएस (एडवांस ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम) से चालान स्वत: ही कट जाएगा आपके मोबाइल पर पहुंच जाएगा।
तीनों इंटरचेंज पर लगेंगी फॉग लाइटें
बदायूं। गंगा एक्सप्रेसवे पर बढ़ते हादसों को रोकने के लिए जिले के तीनों इंटरचेंज (डहरपुर, वनकोटा और घटपुरी) की एंट्री और एग्जिट पर फॉग लाइटें लगाई जाएंगी। इससे कम दृश्यता होने पर वाहन चालकों को रास्ता साफ दिखाई देगा और एक्सप्रेसवे पर चढ़ने व उतरने में परेशानी नहीं होगी। बता दें कि गंगा एक्सप्रेस-वे जिले में करीब 91 किलोमीटर से होकर गुजर रहा है।
यूपीडा की ओर से गंगा एक्सप्रेसवे पर गति सीमा कम करने का आदेश जारी किया गया है। इसके साथ कई अन्य नियम भी बनाए गए हैं। अब एक्सप्रेसवे पर अनियंत्रित गति वाले वाहनों के चालान की व्यवस्था भी जल्द शुरू होने वाली है। हरिओम, एआरटीओ, बदायूं