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Bulandshahar News: 63 साल की उम्र में विधायक व पूर्व मंत्री अनिल शर्मा का कैंसर से निधन
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बुलंदशहर स्थित आवास पर स्वर्गीय अनिल शर्मा का शव पहुंचने के बाद मौजूद लोग। स्क्रीन शॉट
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बुलंदशहर। शिकारपुर विधानसभा से भाजपा के विधायक और पूर्व राज्यमंत्री अनिल शर्मा का बुधवार को दिल्ली के एक निजी अस्पताल में लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। वे 63 वर्ष के थे और पिछले करीब तीन वर्षों से कैंसर से जूझ रहे थे। उनके निधन की सूचना पर जिलेभर के भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों में शोक फैल गया। बृहस्पतिवार सुबह 10 बजे उनके पैतृक गांव सुरजावली में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा।
अनिल शर्मा का जन्म जून 1963 में शिकारपुर क्षेत्र के गांव सुरजावली में हुआ था। उन्होंने 26 वर्ष की आयु में वर्ष 1989 में सुरजावली के निर्विरोध ग्राम प्रधान के रूप में राजनीति में कदम रखा। उन्होंने लगातार दूसरी बार भी ग्राम प्रधान की जिम्मेदारी संभाली। यहीं से उनकी पहचान मजबूत हुई और उन्होंने सक्रिय राजनीति की ओर रुख किया।
विधानसभा और मंत्री पद तक का सफर
अनिल शर्मा ने वर्ष 2002 में पहली बार खुर्जा विधानसभा सीट से बसपा के टिकट पर चुनाव लड़ा और जीत दर्ज की। वर्ष 2007 में भी उन्होंने खुर्जा से दोबारा जीत हासिल की। वर्ष 2012 में परिसीमन के बाद खुर्जा सीट आरक्षित होने पर उन्होंने शिकारपुर विधानसभा सीट से बसपा के टिकट पर चुनाव लड़ा लेकिन सपा प्रत्याशी मुकेश शर्मा से हार गए। इसके बाद उन्होंने भाजपा का दामन थामा और नई राजनीतिक पारी शुरू की।
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भाजपा में नई पहचान और राज्यमंत्री की जिम्मेदारी
वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में अनिल शर्मा ने भाजपा के टिकट पर शिकारपुर विधानसभा सीट से जीत दर्ज की। प्रदेश में योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सरकार बनने के बाद वर्ष 2019 में उन्हें राज्यमंत्री बनाया गया। उन्होंने वन एवं पर्यावरण से जुड़ी जिम्मेदारी संभाली। वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में भी भाजपा ने उन पर भरोसा जताया और उन्होंने शिकारपुर सीट से फिर जीत दर्ज की। ग्राम प्रधान से राज्यमंत्री तक का उनका सफर करीब चार दशक की राजनीतिक यात्रा का गवाह रहा।
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अनिल शर्मा का जन्म जून 1963 में शिकारपुर क्षेत्र के गांव सुरजावली में हुआ था। उन्होंने 26 वर्ष की आयु में वर्ष 1989 में सुरजावली के निर्विरोध ग्राम प्रधान के रूप में राजनीति में कदम रखा। उन्होंने लगातार दूसरी बार भी ग्राम प्रधान की जिम्मेदारी संभाली। यहीं से उनकी पहचान मजबूत हुई और उन्होंने सक्रिय राजनीति की ओर रुख किया।
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विधानसभा और मंत्री पद तक का सफर
अनिल शर्मा ने वर्ष 2002 में पहली बार खुर्जा विधानसभा सीट से बसपा के टिकट पर चुनाव लड़ा और जीत दर्ज की। वर्ष 2007 में भी उन्होंने खुर्जा से दोबारा जीत हासिल की। वर्ष 2012 में परिसीमन के बाद खुर्जा सीट आरक्षित होने पर उन्होंने शिकारपुर विधानसभा सीट से बसपा के टिकट पर चुनाव लड़ा लेकिन सपा प्रत्याशी मुकेश शर्मा से हार गए। इसके बाद उन्होंने भाजपा का दामन थामा और नई राजनीतिक पारी शुरू की।
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भाजपा में नई पहचान और राज्यमंत्री की जिम्मेदारी
वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में अनिल शर्मा ने भाजपा के टिकट पर शिकारपुर विधानसभा सीट से जीत दर्ज की। प्रदेश में योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सरकार बनने के बाद वर्ष 2019 में उन्हें राज्यमंत्री बनाया गया। उन्होंने वन एवं पर्यावरण से जुड़ी जिम्मेदारी संभाली। वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में भी भाजपा ने उन पर भरोसा जताया और उन्होंने शिकारपुर सीट से फिर जीत दर्ज की। ग्राम प्रधान से राज्यमंत्री तक का उनका सफर करीब चार दशक की राजनीतिक यात्रा का गवाह रहा।