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Bulandshahar News: ईद से पहले बढ़ी मांग, बकरों की हो रही कमी
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जहांगीरपुर। ईद-उल-अजहा के चलते बकरों की मांग बढ़नी शुरू हो गई है। वहीं, पहले की अपेक्षा बाजारों में बकरों की संख्या काफी कम है। इसके चलते वजन की अपेक्षा बकरों की कीमत भी बढ़ गई है। स्थानीय बाजारों में बकरे न मिलने के कारण लोग खुर्जा व जेवर के चक्कर लगा रहे हैं।
बकरा खरीदने की कोशिशों में जुटे स्थानीय निवासी फुरकान कुरैशी ने बताया इस बार कुर्बानी के लिए मनपसंद बकरा ढूंढना बड़ी चुनौती बन गया है। स्थानीय मंडियों में बकरों की भारी कमी है। हमें काफी दूर-दूर तक चक्कर काटने पड़ रहे हैं। महंगाई की दोहरी मार बकरों की कम आमद के कारण कीमतों में भी जबरदस्त उछाल आया है। इससे आम आदमी का बजट बिगड़ रहा है।
क्षेत्र के शाहिद कुरू ने बताया कि इस बार बकरा पहले के मुकाबले बहुत मुश्किल से मिल रहा है। अगर कहीं बकरा मिल भी रहा है तो उसके दाम इतने ज्यादा है कि आम आदमी की पहुंच से बाहर है। व्यापारी मनमानी कीमत मांग रहे हैं। आमतौर पर बकरीद से पहले क्षेत्र में लगने वाली पशु पैठ और मंडियों में बकरों की भारी तादाद देखने को मिलती थी लेकिन इस बार नजारा बदला हुआ है।
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व्यापारियों का कहना है कि पीछे से ही माल कम और महंगा आ रहा है। फिलहाल बकरों की इस किल्लत और आसमान छूती कीमतों ने त्योहार की तैयारियों में जुटे मुस्लिम समुदाय के लोगों की चिंता बढ़ा दी है।
बकरा खरीदने की कोशिशों में जुटे स्थानीय निवासी फुरकान कुरैशी ने बताया इस बार कुर्बानी के लिए मनपसंद बकरा ढूंढना बड़ी चुनौती बन गया है। स्थानीय मंडियों में बकरों की भारी कमी है। हमें काफी दूर-दूर तक चक्कर काटने पड़ रहे हैं। महंगाई की दोहरी मार बकरों की कम आमद के कारण कीमतों में भी जबरदस्त उछाल आया है। इससे आम आदमी का बजट बिगड़ रहा है।
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क्षेत्र के शाहिद कुरू ने बताया कि इस बार बकरा पहले के मुकाबले बहुत मुश्किल से मिल रहा है। अगर कहीं बकरा मिल भी रहा है तो उसके दाम इतने ज्यादा है कि आम आदमी की पहुंच से बाहर है। व्यापारी मनमानी कीमत मांग रहे हैं। आमतौर पर बकरीद से पहले क्षेत्र में लगने वाली पशु पैठ और मंडियों में बकरों की भारी तादाद देखने को मिलती थी लेकिन इस बार नजारा बदला हुआ है।
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