UP: नकली दवाओं के रैपर कांड में बड़ी कार्रवाई, पूरी जोखाबाद पुलिस चौकी लाइन हाजिर
एसएसपी ने केवल लाइन हाजिर करने तक ही कार्रवाई सीमित नहीं रखी है। पूरे प्रकरण की गहराई से जांच के लिए सीओ भास्कर मिश्रा को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। जांच में इस बात की भी पुष्टि की जाएगी कि क्या स्थानीय पुलिस की आरोपियों से मिलीभगत थी या यह केवल सूचना तंत्र की विफलता थी।
विस्तार
दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच द्वारा नकली दवाओं के बड़े सिंडिकेट का भंडाफोड़ करने के बाद अब इसकी आंच बुलंदशहर पुलिस तक पहुंच गई है। सिकंदराबाद थाना क्षेत्र की जोखाबाद चौकी क्षेत्र में नकली दवाओं के रैपर बनाने की फैक्टरी पकड़े जाने और स्थानीय स्तर पर उच्चाधिकारियों को इसकी भनक न लगने देने के मामले में एसएसपी ने कड़ा रुख अपनाया है। मंगलवार को एसएसपी दिनेश कुमार सिंह ने अनुशासनहीनता और घोर लापरवाही बरतने पर जोखाबाद चौकी प्रभारी समेत पूरी टीम (कुल 12 पुलिसकर्मियों) को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया है। इस कार्रवाई से महकमे में हड़कंप मच गया है।
पूछताछ में हुए चौंकाने वाले खुलासे
मामले की जड़ें दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच द्वारा हाल ही में किए गए एक खुलासे से जुड़ी हैं। दिल्ली पुलिस ने नकली दवाओं के एक गिरोह को दबोचा था, जो हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले में बड़े पैमाने पर नकली दवाओं का निर्माण कर रहा था। पूछताछ में आरोपियों ने चौंकाने वाला खुलासा करते हुए बताया कि दवाओं की पैकेजिंग के लिए उन्होंने एक रैपर प्रिंटिंग मशीन खरीदी थी। इस मशीन को शातिरों ने बुलंदशहर के सिकंदराबाद स्थित जोखाबाद चौकी क्षेत्र में एक किराए के कमरे में छिपाकर लगाया था, जहां से धड़ल्ले से नकली रैपर तैयार किए जा रहे थे। दिल्ली पुलिस आरोपियों को कस्टडी रिमांड पर लेकर जोखाबाद चौकी क्षेत्र पहुंची थी। स्थानीय पुलिस की मदद से छापेमारी कर वह मशीन बरामद भी कर ली गई और दिल्ली पुलिस उसे अपने साथ ले गई।
इन सबको किया गया लाइन हाजिर
नियमानुसार, किसी दूसरे राज्य या जिले की पुलिस की कार्रवाई में सहयोग करने के बाद चौकी प्रभारी को इसकी विस्तृत जानकारी अपने उच्चाधिकारियों को देनी चाहिए थी। लेकिन, जोखाबाद चौकी प्रभारी ने इस संवेदनशील मामले की भनक न तो थाना प्रभारी को लगने दी और न ही अधिकारियों को अवगत कराया। जब यह मामला एसएसपी दिनेश कुमार सिंह के संज्ञान में आया, तो उन्होंने स्थानीय पुलिस की भूमिका को संदिग्ध और बेहद लापरवाह माना। मंगलवार शाम को जारी आदेश के अनुसार, जोखाबाद चौकी प्रभारी रघुवीर सिंह, उपनिरीक्षक सचिन, रोहित, हेड कांस्टेबल मंजूर अहमद, सुनील कुमार, सविस कौशिक, अमित कुमार, कपिल चौधरी और कांस्टेबल मेहर सिंह, अंकुर कुमार व रोहित कुमार को लाइन हाजिर कर दिया गया। एक साथ पूरी चौकी के स्टाफ पर हुई इस कार्रवाई ने साफ कर दिया है कि अपराध के प्रति लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सीओ सिकंदराबाद को सौंपी गई जांच
एसएसपी ने केवल लाइन हाजिर करने तक ही कार्रवाई सीमित नहीं रखी है। पूरे प्रकरण की गहराई से जांच के लिए सीओ भास्कर मिश्रा को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। जांच में इस बात की भी पुष्टि की जाएगी कि क्या स्थानीय पुलिस की आरोपियों से मिलीभगत थी या यह केवल सूचना तंत्र की विफलता थी।
अधिकारी का बयान
अपराध और अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है। किसी बाहरी फोर्स की छापेमारी या बरामदगी की सूचना छिपाना गंभीर अनुशासनहीनता है। जोखाबाद चौकी के समस्त स्टाफ को लाइन हाजिर कर जांच के आदेश दिए गए हैं। - दिनेश कुमार सिंह, एसएसपी बुलंदशहर
