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Bulandshahar News: धू-धू कर जला रावण, जय श्रीराम के जयकारों से गूंजा रामलीला मैदान
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सिकंदराबाद धू धू कर कर जलता रावण का पुतला
सिकंदराबाद। नगर के रामलीला मैदान में शनिवार को रावण दहन के साथ चार दिवसीय श्रीरामलीला का समापन हो गया। रावण, कुंभकरण और मेघनाद के पुतले धू-धू कर जले तो पूरा मैदान जय श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा। आतिशबाजी के बीच रावण दहन देखने के लिए नगर और आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे।
नगर के रामलीला मैदान में श्रीराम सेवा समिति रजिस्टर्ड की ओर से आयोजित रामलीला के चौथे दिन रावण दहन का कार्यक्रम हुआ। आसमान में उठती आग की लपटों और आतिशबाजी को देखकर लोगों में खासा उत्साह दिखाई दिया। सिकंदराबाद में विजयदशमी के चार दिन बाद रावण दहन करने की परंपरा है। मान्यता के अनुसार, रावण की मृत्यु के बाद उसकी पत्नी मंदोदरी ने पति को जीवित करने की कामना से नगर के कृष्ण तालाब मंदिर में चार दिन तक यज्ञ और तपस्या की थी। हालांकि, उसकी कामना पूरी नहीं हुई। इसी मान्यता के चलते नगर में दशहरे के चौथे दिन रावण दहन किया जाता है। रावण दहन के माध्यम से समाज में व्याप्त बुराइयों को समाप्त करने का संदेश दिया गया।
रावण दहन के साथ मैदान में मेले का भी आयोजन हुआ। बच्चों के मनोरंजन के लिए खिलौनों, मिठाइयों और खानपान की दुकानें सजी रहीं। झूलों का बच्चों ने खूब आनंद लिया। नगर के अलावा आसपास के गांवों से आए लोगों की भीड़ से मैदान में उत्सव जैसा माहौल रहा।
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कार्यक्रम में विधायक लक्ष्मीराज सिंह, रामलीला प्रबंधक पंडित सचिन शर्मा, पंडित राकेश शर्मा, राहुल गुप्ता, अरविंद दीक्षित, लोकेश कौशल, जगदीश बजाज, राकेश वर्मा, मनोज और संजीव गोयल सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
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नगर के रामलीला मैदान में श्रीराम सेवा समिति रजिस्टर्ड की ओर से आयोजित रामलीला के चौथे दिन रावण दहन का कार्यक्रम हुआ। आसमान में उठती आग की लपटों और आतिशबाजी को देखकर लोगों में खासा उत्साह दिखाई दिया। सिकंदराबाद में विजयदशमी के चार दिन बाद रावण दहन करने की परंपरा है। मान्यता के अनुसार, रावण की मृत्यु के बाद उसकी पत्नी मंदोदरी ने पति को जीवित करने की कामना से नगर के कृष्ण तालाब मंदिर में चार दिन तक यज्ञ और तपस्या की थी। हालांकि, उसकी कामना पूरी नहीं हुई। इसी मान्यता के चलते नगर में दशहरे के चौथे दिन रावण दहन किया जाता है। रावण दहन के माध्यम से समाज में व्याप्त बुराइयों को समाप्त करने का संदेश दिया गया।
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रावण दहन के साथ मैदान में मेले का भी आयोजन हुआ। बच्चों के मनोरंजन के लिए खिलौनों, मिठाइयों और खानपान की दुकानें सजी रहीं। झूलों का बच्चों ने खूब आनंद लिया। नगर के अलावा आसपास के गांवों से आए लोगों की भीड़ से मैदान में उत्सव जैसा माहौल रहा।
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कार्यक्रम में विधायक लक्ष्मीराज सिंह, रामलीला प्रबंधक पंडित सचिन शर्मा, पंडित राकेश शर्मा, राहुल गुप्ता, अरविंद दीक्षित, लोकेश कौशल, जगदीश बजाज, राकेश वर्मा, मनोज और संजीव गोयल सहित अन्य लोग मौजूद रहे।