संपूर्ण समाधान दिवस: खेल मैदान की जमीन पर अवैध आवंटन का आरोप, डीएम ने तहसीलदार को लगाई फटकार
संपूर्ण समाधान दिवस में फरियादियों की समस्याएं सुनी गईं। साथ ही समाधान के लिए आश्वासन दिया गया। उधर, खेल मैदान की जमीन पर अवैध आवंटन का आरोप लगने पर डीएम ने तहसीलदार को फटकार लगाई।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
चंदौली जिले के सकलडीहा तहसील में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान खड़ेहरा गांव के खेल मैदान की भूमि के कथित अवैध आवंटन का मामला जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग के सामने पहुंचा। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने तहसीलदार को कड़ी फटकार लगाई और मामले की जांच कर नियमविरुद्ध किए गए आवंटनों को निरस्त करने के निर्देश दिए।
भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के मंडल प्रवक्ता मणिदेव चतुर्वेदी ने जिलाधिकारी को बताया कि खड़ेहरा गांव में खेल मैदान के लिए सुरक्षित राजस्व भूमि को कुछ वर्ष पहले अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की मिलीभगत से ग्रामीणों के नाम आवंटित कर दिया गया। उनका आरोप था कि इस मामले की सुनवाई तहसीलदार न्यायालय में लंबे समय से लंबित है, लेकिन जानबूझकर कोई निर्णय नहीं लिया जा रहा है।
शिकायत सुनने के बाद जिलाधिकारी ने तहसीलदार से नाराजगी जताते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और यदि आवंटन नियमों के विपरीत पाए जाएं तो उन्हें तत्काल निरस्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि शासन की मंशा के विपरीत कार्य करने वाले अधिकारियों के खिलाफ जवाबदेही तय की जाएगी और लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
शिकायतकर्ता मणिदेव चतुर्वेदी ने कहा कि खेल मैदान की भूमि पर आवंटन होने से गांव के बच्चों और खिलाड़ियों के पास अभ्यास के लिए कोई मैदान नहीं बचा है। उन्होंने बताया कि इस मुद्दे को कई बार उठाया गया, लेकिन मामला तहसीलदार न्यायालय में लंबित रहने के कारण समाधान नहीं हो सका। उन्होंने उम्मीद जताई कि जिलाधिकारी के हस्तक्षेप और सख्त रुख के बाद खड़ेहरा गांव को उसका खेल मैदान वापस मिल सकेगा। ग्रामीणों ने भी जिलाधिकारी की कार्रवाई का स्वागत करते हुए शीघ्र प्रभावी कार्रवाई की मांग की।
चकिया: 60 शिकायतें, तीन का मौके पर समाधान
चकिया तहसील सभागार में अपर जिलाधिकारी राजेश कुमार की अध्यक्षता में आयोजित समाधान दिवस में कुल 60 प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए। इनमें से तीन मामलों का मौके पर निस्तारण किया गया। भूमि विवाद, राजस्व, पेंशन, विद्युत आपूर्ति, अतिक्रमण, पैमाइश और सिंचाई संबंधी शिकायतें प्रमुख रहीं।
एडीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी शिकायतों का समयबद्ध, निष्पक्ष एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। इस दौरान तहसीलदार देवेंद्र यादव, सीओ अजीत कुमार चौहान, एसडीओ विद्युत संतोष कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
नौगढ़ तहसील परिसर में आयोजित समाधान दिवस की अध्यक्षता एसडीएम विनय मिश्रा ने की। यहां 80 प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए, जिनमें से छह मामलों का मौके पर निस्तारण किया गया। शेष मामलों को संबंधित विभागों को भेजते हुए एक सप्ताह के भीतर गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश दिए गए। कार्यक्रम में तहसीलदार राहुल सिंह, सीओ देवेंद्र कुमार, खंड विकास अधिकारी राकेश सिंह सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
तहसील में अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) रतन कुमार वर्मा की देखरेख में आयोजित समाधान दिवस में 100 प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए, जिनमें से दो मामलों का मौके पर निस्तारण किया गया। शेष शिकायतों को संबंधित विभागों को कार्रवाई के लिए भेज दिया गया। समाधान दिवस के दौरान पटनवा गांव के सच्चिदानंद झा ने तालाब की भूमि पर कथित कब्जे का मामला उठाते हुए बताया कि बेदखली का आदेश होने के बावजूद अब तक कार्रवाई नहीं हुई है। एडीएम ने सभी विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिया कि समाधान दिवस में प्राप्त शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण करें, अन्यथा संबंधित अधिकारी-कर्मचारी के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। इस अवसर पर एसडीएम राजीव मोहन सक्सेना, सीओ अरुण सिंह, तहसीलदार संदीप श्रीवास्तव, नायब तहसीलदार आशुतोष राय, बीईओ मनोज यादव, बीडीओ शशिकांत पांडेय सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।