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Chandauli News: अब मखाना की खेती करेंगे चंदौली के किसान
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पीडीडीयू नगर। जिले में पहली बार मखाना की खेती होगी। उद्यान विभाग ने किसानों को मखाना उत्पादन के लिए प्रोत्साहित करने को लेकर विशेष अभियान शुरू किया है। इसके तहत किसानों को खेती की तकनीकी जानकारी, बीज, प्रशिक्षण और लागत पर अनुदान दिया जाएगा। 17 हेक्टेयर में खेती का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसमें तालाब विधि और खेत विधि से खेती कराई जाएगी। सामान्य वर्ग के लिए 11 और एससी-एसटी वर्ग के किसानों के लिए छह हेक्टेयर खेती पर अनुदान दिया जाएगा।
जिले में गेहूं और धान के बाद मखाना की खेती कराने की तैयारी की जा रही है। उद्यान विभाग की ओर से एकीकृत बागवानी विकास मिशन के तहत किसानों को पारंपरिक खेती के साथ मखाना की खेती के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। इस साल जिले में 17 हेक्टेयर में मखाना की खेती कराई जाएगी। सरकार की ओर से किसानों को अनुदान भी दिया जाएगा। 15 हेक्टेयर में मखाना की खेती खेत विधि और दो हेक्टेयर में तालाब विधि से खेती कराने की योजना है। यह खेती तालाबों व जलभराव वाले खेतों में कराई जाती है। इसके लिए उपयुक्त तापमान 20 से 35 डिग्री सेल्सियस और चिकनी दोमट मिट्टी की जरूरत होगी। इसकी बोआई दिसंबर और जनवरी में होती है। इसके बाद अगस्त-सितंबर तक इसके बीज निकाले जाते हैं। इसकी कम लागत में ज्यादा पैदावार होती है। छह महीने में फसल तैयार हो जाती है।
इनसेट.....
52,800 से 71,500 रुपये तक मिलेगा अनुदान
जिले में तालाब विधि से मखाना की खेती करने वाले किसानों को 71 हजार 500 रुपये प्रति हेक्टेयर अनुदान दिया जाएगा। तालाब विधि से खेती के लिए दो किसानों का चयन किया जाएगा। इसमें एक हेक्टेयर सामान्य वर्ग और एक हेक्टेयर एससी-एसटी वर्ग के किसानों के लिए आरक्षित है। वहीं, 15 हेक्टेयर में खेत विधि से मखाना की खेती करने का लक्ष्य रखा गया है। इसमें 10 हेक्टेयर सामान्य वर्ग और पांच हेक्टेयर एससी-एसटी वर्ग के लिए आरक्षित है। इस विधि से खेती करने वाले किसानों को प्रति हेक्टेयर 52 हजार 800 रुपये का अनुदान दिया जाएगा। इसके अलावा तोड़ाई उपकरण, फार्म हैंडलिंग यूनिट व अग्रिम पंक्ति प्रदर्शन के लिए भी अलग से अनुदान दिया जाएगा।
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कोट......
एकीकृत बागवानी विकास मिशन के तहत जिले के किसान मखाना की खेती कर सकते हैं। इसके लिए किसानों को अनुदान दिया जाएगा। आवेदक के नाम वांछित क्षेत्रफल का खेत होना चाहिए। किसानों का चयन पहले आओ पहले पाओ के आधार पर होगा। - डॉ. शैलेंद्र देव दूबे, जिला उद्यान अधिकारी।
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जिले में गेहूं और धान के बाद मखाना की खेती कराने की तैयारी की जा रही है। उद्यान विभाग की ओर से एकीकृत बागवानी विकास मिशन के तहत किसानों को पारंपरिक खेती के साथ मखाना की खेती के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। इस साल जिले में 17 हेक्टेयर में मखाना की खेती कराई जाएगी। सरकार की ओर से किसानों को अनुदान भी दिया जाएगा। 15 हेक्टेयर में मखाना की खेती खेत विधि और दो हेक्टेयर में तालाब विधि से खेती कराने की योजना है। यह खेती तालाबों व जलभराव वाले खेतों में कराई जाती है। इसके लिए उपयुक्त तापमान 20 से 35 डिग्री सेल्सियस और चिकनी दोमट मिट्टी की जरूरत होगी। इसकी बोआई दिसंबर और जनवरी में होती है। इसके बाद अगस्त-सितंबर तक इसके बीज निकाले जाते हैं। इसकी कम लागत में ज्यादा पैदावार होती है। छह महीने में फसल तैयार हो जाती है।
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52,800 से 71,500 रुपये तक मिलेगा अनुदान
जिले में तालाब विधि से मखाना की खेती करने वाले किसानों को 71 हजार 500 रुपये प्रति हेक्टेयर अनुदान दिया जाएगा। तालाब विधि से खेती के लिए दो किसानों का चयन किया जाएगा। इसमें एक हेक्टेयर सामान्य वर्ग और एक हेक्टेयर एससी-एसटी वर्ग के किसानों के लिए आरक्षित है। वहीं, 15 हेक्टेयर में खेत विधि से मखाना की खेती करने का लक्ष्य रखा गया है। इसमें 10 हेक्टेयर सामान्य वर्ग और पांच हेक्टेयर एससी-एसटी वर्ग के लिए आरक्षित है। इस विधि से खेती करने वाले किसानों को प्रति हेक्टेयर 52 हजार 800 रुपये का अनुदान दिया जाएगा। इसके अलावा तोड़ाई उपकरण, फार्म हैंडलिंग यूनिट व अग्रिम पंक्ति प्रदर्शन के लिए भी अलग से अनुदान दिया जाएगा।
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एकीकृत बागवानी विकास मिशन के तहत जिले के किसान मखाना की खेती कर सकते हैं। इसके लिए किसानों को अनुदान दिया जाएगा। आवेदक के नाम वांछित क्षेत्रफल का खेत होना चाहिए। किसानों का चयन पहले आओ पहले पाओ के आधार पर होगा। - डॉ. शैलेंद्र देव दूबे, जिला उद्यान अधिकारी।